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Iran War: पश्चिम एशिया के संघर्ष में सऊदी-UAE भी कूदेंगे! IRGC ने कहा- ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस का 78वां दौर शुरू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 24 Mar 2026 09:20 AM IST
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सार
पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने दावा किया है कि ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के 78वें चरण के तहत उसने इस्राइल और अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। वही दूसरी ओर युद्ध को लेकर सऊदी अरब और यूएई का रूख भी बदलाता दिख रहा है।
ईरान संकट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चौथे सप्ताह में पहुंच गया है लेकिन स्थिति कहीं से भी सामान्य होती नहीं दिख रही है। एक तरफ ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत हमलों की एक नई और भीषण लहर शुरू की है। वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब और यूएई जैसे देश भी अब इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल होने की तैयारी करते दिख रहे हैं।
ईरान शुरू किया ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का 78वॉ चरण
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मंगलवार को ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के 78वें चरण की घोषणा की। इसके तहत इस्राइल के डिमोना, तेल अवीव और ईलाट जैसे अत्यधिक संवेदनशील ठिकानों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने इन हमलों में इमाद और काद्र (मल्टी-वारहेड) मिसाइल प्रणालियों और हमलावर ड्रोनों का इस्तेमाल किया है। आईआरजीसी का दावा है कि हालिया हमलों में डिमोना और अराद शहर में 200 से अधिक लोग हताहत हुए थे।
ये भी पढ़ें: West Asia Tension: 'रूस दे रहा है ईरान को खुफिया मदद, हमारे पास इस बात के सबूत'; जेलेंस्की ने किया बड़ा दावा
सऊदी अरब-यूएई के रुख में बदलाव
दूसरी ओर वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, सऊदी अरब और यूएई ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने के संकेत दिए हैं। सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने किंग फाहद एयर बेस तक पहुंच प्रदान करने पर सहमति जताई है, जबकि पहले वह अपने एयर बेस के इस्तेमाल से इनकार करता रहा था। कूटनीतिक मोर्चे पर सऊदी ने ईरान के सैन्य अताशे और चार दूतावास कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। वहीं, यूएई ने ईरान के मालिकाना हक वाले एक अस्पताल और क्लब को बंद कर दिया है, जो तेहरान के लिए अहम माने जाते थे। यूएई की हवाई रक्षा प्रणाली भी ईरानी हमलों को रोकने में जुटी है। कुछ वीडियो से यह भी संकेत मिले हैं कि ईरान पर हमलों के लिए बहरीन से मिसाइलें दागी गई थीं।
कुवैत में बिजली संकट
इस युद्ध की आग में पड़ोसी देशों भी झुलस रहे हैं। मंगलवार तड़के कुवैत में हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा मिसाइलों को रोकने के दौरान गिरे मलबे से सात बिजली ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। अधिकारी बिजली सेवा बहाल करने में जुटे हैं।
ट्रंप ने होर्मुज खोलने की समयसीमा बढ़ाई
इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए दी गई समयसीमा बढ़ा दी है और पांच दिनों के लिए ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले टाल दिए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता करना चाहता है और उनके दूत स्टीव विटकॉफ व जेरेड कुशनर एक ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी बातचीत से इनकार किया है।
बता दें कि अब तक इस युद्ध में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों पर खतरा पैदा हो गया है।
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ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मंगलवार को ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के 78वें चरण की घोषणा की। इसके तहत इस्राइल के डिमोना, तेल अवीव और ईलाट जैसे अत्यधिक संवेदनशील ठिकानों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने इन हमलों में इमाद और काद्र (मल्टी-वारहेड) मिसाइल प्रणालियों और हमलावर ड्रोनों का इस्तेमाल किया है। आईआरजीसी का दावा है कि हालिया हमलों में डिमोना और अराद शहर में 200 से अधिक लोग हताहत हुए थे।
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दूसरी ओर वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, सऊदी अरब और यूएई ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने के संकेत दिए हैं। सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने किंग फाहद एयर बेस तक पहुंच प्रदान करने पर सहमति जताई है, जबकि पहले वह अपने एयर बेस के इस्तेमाल से इनकार करता रहा था। कूटनीतिक मोर्चे पर सऊदी ने ईरान के सैन्य अताशे और चार दूतावास कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। वहीं, यूएई ने ईरान के मालिकाना हक वाले एक अस्पताल और क्लब को बंद कर दिया है, जो तेहरान के लिए अहम माने जाते थे। यूएई की हवाई रक्षा प्रणाली भी ईरानी हमलों को रोकने में जुटी है। कुछ वीडियो से यह भी संकेत मिले हैं कि ईरान पर हमलों के लिए बहरीन से मिसाइलें दागी गई थीं।
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इस युद्ध की आग में पड़ोसी देशों भी झुलस रहे हैं। मंगलवार तड़के कुवैत में हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा मिसाइलों को रोकने के दौरान गिरे मलबे से सात बिजली ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। अधिकारी बिजली सेवा बहाल करने में जुटे हैं।
ट्रंप ने होर्मुज खोलने की समयसीमा बढ़ाई
इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए दी गई समयसीमा बढ़ा दी है और पांच दिनों के लिए ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले टाल दिए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता करना चाहता है और उनके दूत स्टीव विटकॉफ व जेरेड कुशनर एक ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी बातचीत से इनकार किया है।
बता दें कि अब तक इस युद्ध में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों पर खतरा पैदा हो गया है।
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