West Asia Crisis LIVE: इस्राइली सैनिकों पर दक्षिणी लेबनान में बड़ा हमला; सऊदी अरब ने दो और ड्रोन मार गिराए
Israel Iran War Live Updates: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहा ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब ग्यारहवें दिन में प्रवेश कर चुका है। पूरा क्षेत्र तनाव की चपेट में है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का युद्ध को लेकर सख्त रवैया और खाड़ी देशों में बढ़ता संघर्ष, वैश्विक राजनीति के लिया बड़ा संकट साबित होता दिख रहा है। भारत ने कहा है कि तेजी से बदलती परिस्थितियों पर सरकार की पैनी नजर है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
लाइव अपडेट
एलपीजी गैस की कीमतों पर बंगलूरू के होटल मालिक ने चेताया
बंगलूरू के होटल मालिकों के एक संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर LPG गैस की कीमतें बढ़ती रहीं, तो उनके होटल बंद करने पड़ सकते हैं। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की आलोचना की है, क्योंकि हाल ही में खाना बनाने वाली इस गैस की कीमतें बढ़ाई गई हैं। भारत का ज्यादातर LPG ईंधन मध्य पूर्व से आयात करता है, जो Hormuz जलसंधि के बंद होने की वजह से अब मुश्किल में है। इस कारण गैस की कीमतें बढ़ रही हैं और होटल कारोबार प्रभावित हो सकता है।
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सैनिकों पर हमला
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान में इस्राइल की सेना पर कई हमले किए हैं। हिजबुल्ला के अनुसार, उसके लड़ाकों ने शहर के बाहरी इलाके में इस्राइली सैनिकों पर घात लगाकर हमला किया। संगठन का कहना है कि इस हमले में इजरायल के तीन टैंक निशाना बने। इसके साथ ही हिजबुल्ला ने यह भी दावा किया कि ये टैंक मर्कवा टैंक थे और हमले के बाद तीनों टैंकों में आग लग गई।
सऊदी अरब ने दो और ड्रोन मार गिराए, पूर्वी इलाके में सैन्य कार्रवाई
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की सेना ने एक बार फिर हवाई खतरे को नाकाम कर दिया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सेना ने कुछ ही मिनट पहले देश के पूर्वी हिस्से की ओर आ रहे दो और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब सुरक्षा बल पहले से ही सतर्क थे। इससे करीब तीन घंटे पहले भी सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने दो ड्रोन को देश के अल-खराज गवर्नरेट के पास इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया था।
अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन को समय रहते पहचान लिया गया था, जिसके बाद सऊदी सेना की वायु रक्षा प्रणाली ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिरा दिया। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ये ड्रोन किसने भेजे थे और उनका निशाना क्या था। लेकिन क्षेत्र में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव के बीच इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। सऊदी अरब की सेना का कहना है कि वह देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है और किसी भी हवाई खतरे से निपटने के लिए तैयार है।
इराक के किरकुक के पास ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकाने पर हवाई हमला
इराक के किरकुक प्रांत के उत्तर-पश्चिम इलाके में ईरान समर्थित मिलिशिया के एक ठिकाने पर हवाई हमला किया गया है। इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार यह हमला पॉपुलर मोबिलाइजेशन यूनिट्स (पीएमयू) की 40वीं ब्रिगेड के मुख्यालय को निशाना बनाकर किया गया। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया। पीएमयू, जिसे अल-हश्द अल-शाबी भी कहा जाता है, शिया सशस्त्र समूहों का एक बड़ा गठबंधन है। इन समूहों का गठन उस समय हुआ था जब इराक में अमेरिकी कब्जे के खिलाफ प्रतिरोध तेज हुआ था। हालिया हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।बहरीन का हवाई क्षेत्र बंद, शुरू हुई विशेष उड़ानें
ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण बहरीन का हवाई क्षेत्र अब भी बंद है। इस बीच राष्ट्रीय एयरलाइन गल्फ एयर ने देश में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष प्रत्यावर्तन उड़ानें शुरू की हैं। ये वे यात्री हैं जो 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद बहरीन में फंस गए थे। एयरलाइन ने बताया कि मंगलवार को दो विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके लिए सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र और दम्माम हवाई अड्डे का उपयोग किया जाएगा। पहली उड़ान दम्माम से पाकिस्तान के कराची के लिए रवाना होगी, जबकि दूसरी उड़ान कराची से यात्रियों को लेकर वापस दम्माम आएगी।ईरान युद्ध के बीच कनाडा पीएम ने कतर अमीर से की बातचीत
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत की। कार्नी ने कहा कि उन्होंने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच कतर के प्रति एकजुटता व्यक्त की है। कनाडाई प्रधानमंत्री ने कतर सरकार का धन्यवाद भी किया, जिसने कतर में रह रहे कनाडाई नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग किया है। कार्नी ने कहा कि दोनों देशों ने उन कनाडाई नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के विकल्पों पर भी चर्चा की, जो मौजूदा हालात के कारण देश छोड़ना चाहते हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कई विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और निकासी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है।सऊदी अरब ने बैलिस्टिक मिसाइल और दो ड्रोन मार गिराए
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि देश के पूर्वी हिस्से में एक बैलिस्टिक मिसाइल और दो ड्रोन को मार गिराया गया। मंत्रालय के अनुसार मिसाइल को समय रहते रोक लिया गया, जबकि अल-खारज गवर्नरेट के पूर्व में उड़ रहे दो ड्रोन को भी वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा प्रणालियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।इस्राइली हमले में लेबनान के पादरी की मौत
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली टैंक हमले में मारोनाइट कैथोलिक पादरी फादर पियरे अल-राही की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार टैंक ने एक घर पर दूसरी बार गोला दागा, जब गांव के लोग घायलों की मदद करने पहुंचे थे। गांव परिषद के प्रमुख हन्ना दाहेर ने बताया कि इस हमले में कई लोग घायल हुए और फादर अल-राही भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिनकी बाद में मौत हो गई। हमले से एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि वह खतरे के बावजूद गांव छोड़कर नहीं जाएंगे और शांति के साथ अपने लोगों के साथ खड़े रहेंगे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले सप्ताह से इस्राइली हमलों में कम से कम 394 लोग मारे जा चुके हैं।]'युद्ध का अंत ईरान तय करेगा, अमेरिका नहीं'
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि चल रहे युद्ध का अंत वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान तय करेगा। आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नाएनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान अभी भी क्षेत्रीय समीकरणों पर नियंत्रण बनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के लोगों या महत्वपूर्ण ढांचे पर हमले जारी रखे तो क्षेत्र से हमलावर देशों और उनके सहयोगियों को एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होने दिया जाएगा। नाएनी ने कहा कि ईरानी सेना ने अभी अपनी पूरी रणनीतिक सैन्य क्षमता का उपयोग भी नहीं किया है और देश लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
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