सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   World ›   Pakistan is worried about the ongoing war in Iran. Why did the Shahbaz gov deploy the navy to protect itself?

Pakistan: ईरान में जारी जंग से घबराया पाकिस्तान, शहबाज सरकार ने बचने के लिए क्यों उतारी नौसेना? जानें मामला

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Tue, 10 Mar 2026 11:07 AM IST
विज्ञापन
सार

ईरान में जारी संघर्ष और समुद्री सुरक्षा खतरे के बीच पाकिस्तान ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर शुरू किया है। इसके तहत पाकिस्तान नौसेना व्यापारी जहाजों को युद्धपोतों की सुरक्षा में ले जा रही है। आइए विस्तार से जानते हैं।

Pakistan is worried about the ongoing war in Iran. Why did the Shahbaz gov deploy the navy to protect itself?
पाकिस्तान में तेल आपूर्ति को लेकर संकट - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

ईरान में जारी संघर्ष और समुद्री मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिम के बीच पाकिस्तान ने अपने व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान नौसेना ने ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर शुरू किया है, जिसके तहत देश के व्यापारी जहाजों को नौसेना के युद्धपोतों की सुरक्षा में ले जाया जा रहा है।

Trending Videos

क्या है यह ऑपरेशन?

पाकिस्तान नौसेना के अनुसार, क्षेत्र में बदलते समुद्री सुरक्षा हालात और अहम समुद्री मार्गों पर संभावित खतरे को देखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को निर्बाध बनाए रखना है।

विज्ञापन
विज्ञापन


नौसेना के अनुसार यह एस्कॉर्ट ऑपरेशन पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉरपोरेशन (PNSC) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। फिलहाल पाकिस्तान नौसेना के जहाज दो व्यापारी पोतों को सुरक्षा दे रहे हैं, जिनमें से एक जहाज आज कराची पहुंचने वाला है।

पाकिस्तान को यह कदम क्यों उठाना पड़ा?

दरअसल पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है और उसका करीब 90 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। ऐसे में क्षेत्रीय युद्ध के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से पाकिस्तान सरकार ने ईंधन बचत के कई कदम भी उठाए हैं।


पाकिस्तान नौसेना ने कहा है कि वह समुद्री स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राष्ट्रीय शिपिंग, ऊर्जा आपूर्ति तथा क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पाकिस्तान के तेल भंडार पर बड़े-बड़े दावों की खुली पोल

इस बीच पिछले दिनों खबर आई थी कि पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों के भंडार को लेकर नया विवाद हो रहा है। पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) ने ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में पेट्रोलियम भंडार को लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। पीपीडीए के चेयरमैन अब्दुल सामी खान ने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक केवल 14 दिनों के लिए ही पर्याप्त है, जो ओजीआरए के दावों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आपूर्ति में बाधा जारी रही तो देशभर के पेट्रोल पंपों पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed