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US: 'लगातार कमजोर हो रहा ईरान, आज होगा सबसे बड़ा हमला', अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ की धमकी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: Nirmal Kant Updated Thu, 19 Mar 2026 06:47 PM IST
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सार

US: अमेरिका ने ईरान के 7,000 से अधिक सैन्य और औद्योगिक लक्ष्य पर सटीक और शक्तिशाली हमले किए हैं, जिससे ईरान की रक्षा कमजोर हो गई है। यह दावा अमेरिकी रक्षा मंत्री किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर अब तक सबसे बड़ा हमला होगा। पढ़िए रिपोर्ट-

West Asia Crisis US Secretary of Defence, Pete Hegseth on war against iran
पीट हेगसेथ, अमेरिकी रक्षा मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/पीटीआई
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विस्तार

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को कहा कि ईरान के अब तक 7,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया गया है। यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर नहीं दिखाया गया है, बल्कि सटीकता के साथ अत्यधिक ताकत का प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि आज का हमला भी सबसे बड़ा होगा, बिल्कुल वैसे ही जैसे कल हुआ था। हमारी क्षमताएं लगातार बढ़ रही हैं और ईरान लगातार कमजोर हो रहा है। 
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हेगसेथ ने कहा,  ईरान की वायु रक्षा कमजोर हो चुकी है। उनके रक्षा उद्योग, फैक्टरियां और उत्पादन इकाइयां जो उनके मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों का समर्थन करती हैं, भारी नुकसान झेल रही हैं। हमने सीधे तौर पर उनके सैकड़ों रक्षा उद्योगों को निशाना बनाया है। नए बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की उनकी क्षमता सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। हमारे बलों के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइल हमले 90 फीसदी तक घट गए हैं।
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उन्होंने कहा, ड्रोन हमलों में भी एकतरफा यही स्थिति है। ईरानी अब भी गोली चलाएंगे, हमें पता है, लेकिन अगर वे सक्षम होते तो और ज्यादा हमला करते। हमने उनके 120 से अधिक नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है या डुबो दिया है और कई अन्य जहाजों की लड़ाई के नुकसान का मूल्यांकन किया जा रहा है। उनके पनडुब्बी जहाज अब नहीं बचे, जो कभी 11 थे। उनके सैन्य बंदरगाह भी नष्ट हो चुके हैं।

ये भी पढ़ें: इस्राइली हमलों के बाद ईरान का पलटवार: खाड़ी में कई रिफाइनरी को बनाया निशाना; अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत

राष्ट्रपति ट्रंप तय करेंगे युद्ध की समयसीमा: हेगसेथ
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि 'युद्ध' कब खत्म होगा, इसका फैसला केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही करेंगे। हम कोई पक्की समयसीमा तय नहीं करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, हम काफी हद तक सही रास्ते पर हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही तय करेंगे कि कब रुकना है। जब हम कह देंगे कि हमने जो टास्क लिया था, उसे पूरा कर लिया है तो वह (ट्रंप) अपनी मर्जी के मुताबिक फैसला सुना देंगे।  

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने मारे गए सैनिकों के परिवारों से की मुलाकात
हेगसेथ ने कहा, युद्ध में शहीद हुए अमेरिकी सैनिकों के परिवारों ने सरकार से अपील की है कि इस लड़ाई को अधूरा न छोड़ा जाए और मिशन पूरा किया जाए। जब शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर डोवर एयर फोर्स बेस पर पहुंचे, तो वहां मौजूद पीड़ित परिवारों ने कहा कि इसे खत्म करो। उनकी कुर्बानी का सम्मान करें। डगमगाएं नहीं। जब तक काम पूरा न हो जाए, रुकिए मत। मेरा और राष्ट्रपति का जवाब आसान था- बेशक हम इसे खत्म करेंगे। हम उनकी कुर्बानी का सम्मान करेंगे।

हमास से की ईरान की तुलना
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान की तुलना हमास से की। उन्होंने कहा, ईरान ने सुरंगों, रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन पर भारी पैसा खर्च किया है, ठीक वैसे ही जैसे हमास ने किया था। अमेरिकी सेना इन सबको पूरी ताकत से निशाना बना रही है, जैसा दुनिया की कोई दूसरी सेना नहीं कर सकती।

पीट हेगसेथ ने आगे कहा कि 'एपिक फ्यूरी' अभियान अलग है। यह बेहद लक्षित और निर्णायक है। हमारे लक्ष्य हमारे 'अमेरिका फर्स्ट' राष्ट्रपति ने तय किए हैं। उन्होंने कहा कि उनका मकसद ईरान के मिसाइल, लॉन्चर और रक्षा उद्योग को नष्ट करना है, ताकि वे फिर से निर्माण न कर सकें। साथ ही उनकी नौसेना को नष्ट करना और यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके।


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