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World: ड्रोन हमले में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी की मौत; अमेरिका से 2 करोड़ टन सोयाबीन खरीदेगा चीन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 05 Feb 2026 06:11 AM IST
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- फोटो : amar ujala graphics
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बुधवार को पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक सुरक्षा चेक पोस्ट पर हुए ड्रोन हमले में पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी की मौत हो गई और एक सैनिक घायल हो गया। स्थानीय पुलिस ने बताया कि खैबर जिले की बारा तहसील के अकाखेल मुमंदा इलाके में चेक पोस्ट पर हुए हमले में कैप्टन अब्बास खान मारे गए, जबकि सिपाही फरहान घायल हो गए। सुरक्षा बलों ने इलाके में हाई अलर्ट जारी करते हुए हमले की जांच शुरू कर दी है।
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अमेरिका से 2 करोड़ टन सोयाबीन खरीदने पर जिनपिंग सहमत : ट्रंप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो दिन पहले फोन पर बात कर व्यापार समझौते की जानकारी साझा करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ फोन पर बात की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खुद इसकी जानकारी दी और दावा किया कि जिनपिंग अमेरिका से इस सीजन में दो करोड़ टन सोयाबीन खरीदने के लिए तैयार हैं जबकि अगले सीजन के लिए उन्होंने ढाई करोड़ टन की खरीद का वादा किया है।
ट्रंप ने जिनपिंग के साथ अपने संबंधों को शानदार बताया लेकिन इस पोस्ट में उन्होंने चीन पर टैरिफ कम करने की कोई जानकारी नहीं दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैंने अभी-अभी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से टेलीफोन बेहतरीन वार्ता पूरी की। यह एक लंबी और गहन बातचीत थी, जिसमें व्यापार, सैन्य मामलों, अप्रैल में मेरी चीन यात्रा (जिसका मुझे बेसब्री से इंतजार है), ताइवान, रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान के साथ वर्तमान स्थिति समेत कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसके अलावा, चीन की ओर से अमेरिका से तेल और गैस की खरीद, अतिरिक्त कृषि उत्पादों की खरीद पर विचार हुआ, जिसमें चालू सीजन के लिए सोयाबीन की मात्रा को 2 करोड़ टन तक बढ़ाना शामिल है।
ट्रंप ने जिनपिंग के साथ अपने संबंधों को शानदार बताया लेकिन इस पोस्ट में उन्होंने चीन पर टैरिफ कम करने की कोई जानकारी नहीं दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैंने अभी-अभी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से टेलीफोन बेहतरीन वार्ता पूरी की। यह एक लंबी और गहन बातचीत थी, जिसमें व्यापार, सैन्य मामलों, अप्रैल में मेरी चीन यात्रा (जिसका मुझे बेसब्री से इंतजार है), ताइवान, रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान के साथ वर्तमान स्थिति समेत कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसके अलावा, चीन की ओर से अमेरिका से तेल और गैस की खरीद, अतिरिक्त कृषि उत्पादों की खरीद पर विचार हुआ, जिसमें चालू सीजन के लिए सोयाबीन की मात्रा को 2 करोड़ टन तक बढ़ाना शामिल है।
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ईरानी ड्रोन से रूस की ताकत में इजाफा, यूक्रेन की बढ़ी चिंता
यूक्रेन में जमीनी मोर्चे पर लंबी और थकाऊ जंग के बीच रूस अब आसमान में बढ़त बनाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है। इस रणनीति की धुरी हैं लंबी दूरी तक मार करने वाले, कम लागत वाले और लगातार उन्नत हो रहे ड्रोन जिनके विकास, डिजाइन और उत्पादन में ईरान की निर्णायक भूमिका सामने आ रही है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2022 में संघर्ष शुरू होने के समय रूस बड़ी संख्या में कामिकाजे ड्रोन बनाने में सक्षम नहीं था। उसकी सैन्य सोच पारंपरिक हथियारों और मिसाइलों पर केंद्रित थी, जबकि ड्रोन को मुख्य रूप से निगरानी, टोही और खुफिया कार्यों तक सीमित माना गया। निर्णायक मोड़ तब आया जब मॉस्को ने समझा कि लंबी दूरी के स्ट्राइक ड्रोन युद्ध की दिशा बदल सकते हैं।
- यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों के अनुसार ईरानी तकनीकी सहयोग के दम पर रूस जल्द ही प्रतिदिन करीब 1,000 ड्रोन बनाने की क्षमता हासिल कर सकता है। इससे युद्ध का संतुलन और अधिक जटिल होता जा रहा है।
- अमेरिकी अकादमिक न्यूज प्लेटफॉर्म द कन्वर्सेशन और अल जजीरा की रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी की शुरुआत में यूक्रेन में गिरे एक ड्रोन के मलबे ने संकेत दिया कि रूस युद्ध में एक नए, तेज गति वाले ड्रोन मॉडल को उतार चुका है। यूक्रेनी खुफिया आकलन के मुताबिक रूस भी जल्द इसी स्तर का उत्पादन हासिल कर सकता है, जिसमें ईरान का तकनीकी सहयोग केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
- यूक्रेन की मुख्य चिंता रूस द्वारा लंबी दूरी के अटैक ड्रोन के बढ़ते उत्पादन को लेकर है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2022 में संघर्ष शुरू होने के समय रूस बड़ी संख्या में कामिकाजे ड्रोन बनाने में सक्षम नहीं था। उसकी सैन्य सोच पारंपरिक हथियारों और मिसाइलों पर केंद्रित थी, जबकि ड्रोन को मुख्य रूप से निगरानी, टोही और खुफिया कार्यों तक सीमित माना गया। निर्णायक मोड़ तब आया जब मॉस्को ने समझा कि लंबी दूरी के स्ट्राइक ड्रोन युद्ध की दिशा बदल सकते हैं।
यूके एविएशन वॉचडॉग ने एअर इंडिया से B787 फ्यूल कंट्रोल स्विच मामले पर जानकारी मांगीं
यूके सिविल एविएशन अथॉरिटी ने एअर इंडिया से 1 फरवरी को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर बंगलूरू के लिए उड़ान भरने से पहले बोइंग 787-8 विमान में हुई फ्यूल कंट्रोल स्विच की समस्या का ब्यौरा देने को कहा है। एअर इंडिया के एक पायलट ने 2 फरवरी को AI132 फ्लाइट ऑपरेट करने के बाद बोइंग 787-8 प्लेन के फ्यूल कंट्रोल स्विच में खराबी की रिपोर्ट दी थी। एयरलाइन ने 2 फरवरी को बंगलूरू में लैंडिंग के बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंडेड कर दिया था।
भारतीय एविएशन रेगुलेटर DGCA की इस मामले की शुरुआती जांच में पाया गया कि स्विच को ऑपरेट करने में स्पष्ट रूप से सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। एयरलाइन से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि क्रू सही प्रक्रियाओं का पालन करे। बुधवार को यूके सिविल एविएशन अथॉरिटी ने एअर इंडिया से इस घटना के बारे में डिटेल्स मांगी हैं।
एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन ने अपने बेड़े के सभी ऑपरेशनल बोइंग 787 विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) की एहतियाती दोबारा जांच पूरी कर ली है और इन जांचों के दौरान कोई समस्या नहीं पाई गई। पिछले साल जून में एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के क्रैश हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद से ही फ्यूल कंट्रोल स्विच के काम करने पर ध्यान दिया जा रहा है। शुरुआती जांच रिपोर्ट में बताया गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी।
भारतीय एविएशन रेगुलेटर DGCA की इस मामले की शुरुआती जांच में पाया गया कि स्विच को ऑपरेट करने में स्पष्ट रूप से सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। एयरलाइन से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि क्रू सही प्रक्रियाओं का पालन करे। बुधवार को यूके सिविल एविएशन अथॉरिटी ने एअर इंडिया से इस घटना के बारे में डिटेल्स मांगी हैं।
एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन ने अपने बेड़े के सभी ऑपरेशनल बोइंग 787 विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) की एहतियाती दोबारा जांच पूरी कर ली है और इन जांचों के दौरान कोई समस्या नहीं पाई गई। पिछले साल जून में एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के क्रैश हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद से ही फ्यूल कंट्रोल स्विच के काम करने पर ध्यान दिया जा रहा है। शुरुआती जांच रिपोर्ट में बताया गया था कि टेक-ऑफ के तुरंत बाद फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी।
