{"_id":"69ea84acb6c1ecba1e07d166","slug":"world-news-updates-hindi-bangladesh-gaza-war-israel-pakistan-us-syria-afghanistan-ttp-2026-04-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"World Updates: सिख महिला से दुष्कर्म मामले में ब्रिटिश शख्स को उम्रकैद; दक्षिण अफ्रीका के पुलिस प्रमुख निलंबित","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
World Updates: सिख महिला से दुष्कर्म मामले में ब्रिटिश शख्स को उम्रकैद; दक्षिण अफ्रीका के पुलिस प्रमुख निलंबित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 24 Apr 2026 07:57 PM IST
विज्ञापन
दुनिया की बड़ी खबरें
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ब्रिटेन के वॉलसाल में एक सिख महिला से धार्मिक नफरत के चलते रेप करने वाले 32 वर्षीय जॉन एशबी को उम्रकैद की सजा मिली है। बर्मिंघम क्राउन कोर्ट ने उसे पैरोल से पहले कम से कम 14 साल जेल में रहने का आदेश दिया है। एशबी ने बस स्टॉप से महिला का पीछा किया और उसके घर में घुसकर यौन उत्पीड़न, मारपीट और लूटपाट की। हमले के वक्त उसने पीड़िता को गलतफहमी में मुस्लिम समझकर इस्लाम विरोधी गालियां भी दी थीं। सुनवाई के दौरान जज ने एशबी को महिलाओं के लिए 'बेहद खतरनाक' और कट्टर नस्लवादी करार दिया। इस हमले से पीड़िता गहरे मनोवैज्ञानिक सदमे में है, जिसके कारण उसे अपना घर तक छोड़ना पड़ा। हालांकि, अदालत में दोषी को सजा मिलने के बाद पीड़िता ने कहा कि अब वह खुद को सुरक्षित और आजाद महसूस कर रही है। उसने दृढ़ता से कहा कि वह इस खौफनाक घटना को अपनी आगे की जिंदगी पर हावी नहीं होने देगी।
Trending Videos
भ्रष्टाचार के आरोपों में दक्षिण अफ्रीका के पुलिस प्रमुख निलंबित
दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष पुलिस अधिकारी को गुरुवार को राष्ट्रपति द्वारा निलंबित कर दिया गया, उन पर कथित तौर पर भ्रष्ट पुलिस अनुबंध से संबंधित वित्तीय कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था। फैनी मासेमोला मंगलवार को अदालत में पेश हुईं और उनके साथ 12 अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पेश होने वाले थे, जिन पर स्थानीय कंपनी को कथित तौर पर गैरकानूनी रूप से दिए गए अनुबंध के संबंध में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह है। मासेमोला पर लगे आरोप पुलिस सेवा में लेखा अधिकारी के रूप में उनकी जिम्मेदारियों से संबंधित हैं।
राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि उन्होंने पुलिस सेवा में वित्तीय प्रबंधन सेवाओं के आयुक्त पुलेंग डिम्पाने को कार्यवाहक पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है, जबकि मासेमोला पर मुकदमा चल रहा है। रामाफोसा ने कहा, "मैंने जनरल मासेमोला से सहमति जताई है कि मामले के निष्कर्ष तक उन्हें एहतियाती निलंबन पर माना जाए।" उनका निलंबन देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद हुआ है, जिनका खुलासा पिछले साल रामाफोसा द्वारा नियुक्त एक जांच आयोग में हुआ था।
दक्षिण अफ्रीका के शीर्ष पुलिस अधिकारी को गुरुवार को राष्ट्रपति द्वारा निलंबित कर दिया गया, उन पर कथित तौर पर भ्रष्ट पुलिस अनुबंध से संबंधित वित्तीय कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था। फैनी मासेमोला मंगलवार को अदालत में पेश हुईं और उनके साथ 12 अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पेश होने वाले थे, जिन पर स्थानीय कंपनी को कथित तौर पर गैरकानूनी रूप से दिए गए अनुबंध के संबंध में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह है। मासेमोला पर लगे आरोप पुलिस सेवा में लेखा अधिकारी के रूप में उनकी जिम्मेदारियों से संबंधित हैं।
राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि उन्होंने पुलिस सेवा में वित्तीय प्रबंधन सेवाओं के आयुक्त पुलेंग डिम्पाने को कार्यवाहक पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है, जबकि मासेमोला पर मुकदमा चल रहा है। रामाफोसा ने कहा, "मैंने जनरल मासेमोला से सहमति जताई है कि मामले के निष्कर्ष तक उन्हें एहतियाती निलंबन पर माना जाए।" उनका निलंबन देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में व्यापक भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद हुआ है, जिनका खुलासा पिछले साल रामाफोसा द्वारा नियुक्त एक जांच आयोग में हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान में गोलीबारी की घटनाओं में पांच की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम पांच लोग मारे गए। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा में संपत्ति विवाद और लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी के चलते गुरुवार को अलग-अलग घटनाओं में कम से कम पांच लोग मारे गए और सात घायल हो गए। ये घटनाएं चारसद्दा जिले के खुबाई, गोंडा और शबकदर बाजार क्षेत्रों में हुईं, जहां सशस्त्र व्यक्तियों ने गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग हताहत हुए। घायलों को इलाज के लिए पास के चिकित्सा केंद्रों में ले जाया गया। शबकदर और बटग्राम थानों के पुलिस अधिकारियों ने मामले दर्ज कर घटनाओं की जांच शुरू कर दी है।
ट्रंप को झटका, कोर्ट ने शरण पर रोक को बताया अवैध
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीतियों को फिर कानूनी मोर्चे पर विफलता का सामना करना पड़ा है। कोलंबिया सर्किट के अमेरिकी अपील न्यायालय ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन के उस विवादास्पद कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी, जिसके तहत दक्षिणी सीमा पर शरण मांगने की प्रक्रिया को निलंबित किया गया था। तीन जजों की पीठ ने कहा कि राष्ट्रपति का कोई भी आदेश देश के आव्रजन कानूनों के मूल अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकता।
अपील कोर्ट की खंडपीठ ने फैसले में कहा कि आव्रजन एवं राष्ट्रीयता अधिनियम (आईएनए) के तहत सीमा पर पहुंचने वाले लोगों को शरण के लिए आवेदन करने का वैधानिक अधिकार है। राष्ट्रपति के पास कानूनी निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार कर अपनी स्व-निर्मित प्रक्रियाओं के जरिये लोगों को हटाने का अधिकार नहीं है। पीठ की सदस्य जज जे. मिशेल चाइल्ड्स ने फैसले में लिखा, विदेशी लोगों के प्रवेश को अस्थायी रूप से निलंबित करने की शक्ति में ऐसा कोई अंतर्निहित अधिकार नहीं है, जो आईएनए की अनिवार्य निष्कासन प्रक्रिया को ही बदल दे। मामले की सुनवाई तीन जजों के पैनल ने की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीतियों को फिर कानूनी मोर्चे पर विफलता का सामना करना पड़ा है। कोलंबिया सर्किट के अमेरिकी अपील न्यायालय ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन के उस विवादास्पद कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी, जिसके तहत दक्षिणी सीमा पर शरण मांगने की प्रक्रिया को निलंबित किया गया था। तीन जजों की पीठ ने कहा कि राष्ट्रपति का कोई भी आदेश देश के आव्रजन कानूनों के मूल अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकता।
अपील कोर्ट की खंडपीठ ने फैसले में कहा कि आव्रजन एवं राष्ट्रीयता अधिनियम (आईएनए) के तहत सीमा पर पहुंचने वाले लोगों को शरण के लिए आवेदन करने का वैधानिक अधिकार है। राष्ट्रपति के पास कानूनी निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार कर अपनी स्व-निर्मित प्रक्रियाओं के जरिये लोगों को हटाने का अधिकार नहीं है। पीठ की सदस्य जज जे. मिशेल चाइल्ड्स ने फैसले में लिखा, विदेशी लोगों के प्रवेश को अस्थायी रूप से निलंबित करने की शक्ति में ऐसा कोई अंतर्निहित अधिकार नहीं है, जो आईएनए की अनिवार्य निष्कासन प्रक्रिया को ही बदल दे। मामले की सुनवाई तीन जजों के पैनल ने की।
ब्रिटेन : प्रथम विश्व युद्ध स्मारक में भारतीय सैनिकों के नाम जुड़े
राष्ट्रमंडल युद्ध कब्र आयोग (सीडब्ल्यूजीसी) ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मेसोपोटामिया (वर्तमान इराक) में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 33,000 भारतीय सैनिकों को डिजिटल रूप से सम्मानित कर बड़ी ऐतिहासिक भूल को सुधारा है। अब तक इन सैनिकों के नाम इराक स्थित बसरा मेमोरियल से गायब थे। इन्हें अब 46,000 अन्य राष्ट्रमंडलकर्मियों के साथ डिजिटल सूची में शामिल किया गया है। दरअसल, तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य के दौरान भारतीय सैनिकों के बलिदान को अक्सर व्यक्तिगत नामों के बजाय केवल आंकड़ों या रेजिमेंट रजिस्टरों तक सीमित रखा गया था। सीडब्ल्यूजीसी की वैश्विक सलाहकार पैनल की सदस्य श्राबनी बसु ने पहल का स्वागत किया है।
राष्ट्रमंडल युद्ध कब्र आयोग (सीडब्ल्यूजीसी) ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मेसोपोटामिया (वर्तमान इराक) में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 33,000 भारतीय सैनिकों को डिजिटल रूप से सम्मानित कर बड़ी ऐतिहासिक भूल को सुधारा है। अब तक इन सैनिकों के नाम इराक स्थित बसरा मेमोरियल से गायब थे। इन्हें अब 46,000 अन्य राष्ट्रमंडलकर्मियों के साथ डिजिटल सूची में शामिल किया गया है। दरअसल, तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य के दौरान भारतीय सैनिकों के बलिदान को अक्सर व्यक्तिगत नामों के बजाय केवल आंकड़ों या रेजिमेंट रजिस्टरों तक सीमित रखा गया था। सीडब्ल्यूजीसी की वैश्विक सलाहकार पैनल की सदस्य श्राबनी बसु ने पहल का स्वागत किया है।
अमेरिका के हॉल ऑफ फेम में जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी शामिल
भारत के थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी अमेरिका में पेनसिल्वेनिया स्थित यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के ‘इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किए गए हैं। द्विवेदी यह सम्मान पाने वाले तीसरे भारतीय सेना प्रमुख हैं। यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के विशिष्ट फेलो जनरल द्विवेदी, जनरल वीके सिंह और जनरल बिक्रम सिंह के बाद इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के तीसरे प्रमुख हैं।
भारत के थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी अमेरिका में पेनसिल्वेनिया स्थित यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के ‘इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किए गए हैं। द्विवेदी यह सम्मान पाने वाले तीसरे भारतीय सेना प्रमुख हैं। यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के विशिष्ट फेलो जनरल द्विवेदी, जनरल वीके सिंह और जनरल बिक्रम सिंह के बाद इंटरनेशनल हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के तीसरे प्रमुख हैं।
तुर्किये में 15 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर रोक
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुर्किये संसद ने ऐतिहासिक कानून पारित किया है। इसके तहत अब 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नए नियमों के दायरे में गेमिंग कंपनियों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें अब अनिवार्य रूप से आयु सत्यापन और खेलों का आयु-आधारित वर्गीकरण करना होगा। साथ ही अधिक यूजर वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए तुर्किये में स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्त करना अनिवार्य होगा। संसद में चर्चा के दौरान सरकारी पक्ष ने इसे डिजिटल सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया। वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने इस पर चिंता व्यक्त की है।
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुर्किये संसद ने ऐतिहासिक कानून पारित किया है। इसके तहत अब 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नए नियमों के दायरे में गेमिंग कंपनियों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें अब अनिवार्य रूप से आयु सत्यापन और खेलों का आयु-आधारित वर्गीकरण करना होगा। साथ ही अधिक यूजर वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए तुर्किये में स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्त करना अनिवार्य होगा। संसद में चर्चा के दौरान सरकारी पक्ष ने इसे डिजिटल सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया। वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने इस पर चिंता व्यक्त की है।
मादुरो पर सट्टा लगाने में यूएस सैनिक गिरफ्तार
अमेरिकी सेना के स्पेशल फोर्सेज के एक सक्रिय ड्यूटी सैनिक को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़े गुप्त सैन्य अभियान पर कथित रूप से सट्टा लगाकर 4 लाख डॉलर (करीब 3.4 करोड़) से अधिक का मुनाफा कमाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि सैनिक ने ऑपरेशन से पहले उपलब्ध गोपनीय सरकारी जानकारी का दुरुपयोग करते हुए भविष्यवाणी आधारित सट्टा मंच पॉलीमार्केट पर दांव लगाया और सैन्य कार्रवाई सफल होने के बाद भारी लाभ कमाया। सीएनएन के अनुसार बृहस्पतिवार को सार्वजनिक किए गए अभियोग में फोर्ट ब्रैग में तैनात मास्टर सार्जेंट गैनन केन वैन डाइक पर गोपनीय सरकारी जानकारी की चोरी, उसका दुरुपयोग, धोखाधड़ी और वित्तीय लाभ के लिए संवेदनशील सूचनाओं के इस्तेमाल सहित पांच आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। वैन डाइक को नॉर्थ कैरोलिना में पहली बार अदालत में पेश किया जाना है। अदालत के रिकॉर्ड में अब तक उनके किसी वकील का नाम दर्ज नहीं है।
अमेरिकी सेना के स्पेशल फोर्सेज के एक सक्रिय ड्यूटी सैनिक को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़े गुप्त सैन्य अभियान पर कथित रूप से सट्टा लगाकर 4 लाख डॉलर (करीब 3.4 करोड़) से अधिक का मुनाफा कमाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि सैनिक ने ऑपरेशन से पहले उपलब्ध गोपनीय सरकारी जानकारी का दुरुपयोग करते हुए भविष्यवाणी आधारित सट्टा मंच पॉलीमार्केट पर दांव लगाया और सैन्य कार्रवाई सफल होने के बाद भारी लाभ कमाया। सीएनएन के अनुसार बृहस्पतिवार को सार्वजनिक किए गए अभियोग में फोर्ट ब्रैग में तैनात मास्टर सार्जेंट गैनन केन वैन डाइक पर गोपनीय सरकारी जानकारी की चोरी, उसका दुरुपयोग, धोखाधड़ी और वित्तीय लाभ के लिए संवेदनशील सूचनाओं के इस्तेमाल सहित पांच आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। वैन डाइक को नॉर्थ कैरोलिना में पहली बार अदालत में पेश किया जाना है। अदालत के रिकॉर्ड में अब तक उनके किसी वकील का नाम दर्ज नहीं है।
कैंसर का खतरा कम करने में भी सक्षम है दर्द निवारक एस्पिरिन
सदियों से दर्द, बुखार और सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एस्पिरिन अब कैंसर की रोकथाम में भी अहम भूमिका निभाती दिख रही है। हाल के कई क्लिनिकल ट्रायल और वैज्ञानिक अध्ययनों से ठोस संकेत मिले हैं कि यह सामान्य दर्द निवारक दवा कोलोरेक्टल कैंसर यानी बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर के बनने, फैलने व दोबारा लौटने के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
कुछ देशों ने उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए अपनी चिकित्सा गाइडलाइन भी बदल दी हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि डॉक्टर की सलाह के बिना नियमित एस्पिरिन लेना खतरनाक हो सकता है। ब्रिटेन के फर्नीचर निर्माता निक जेम्स इस शोध के सबसे चर्चित उदाहरणों में हैं। परिवार में कई लोगों को बाउल कैंसर होने के बाद जेनेटिक जांच कराई और पता चला कि उन्हें लिंच सिंड्रोम है। यह एक आनुवंशिक स्थिति है, जिसमें कोलोरेक्टल कैंसर का जोखिम बहुत बढ़ जाता है। इसके बाद वह उस क्लिनिकल ट्रायल के पहले प्रतिभागी बने जिसमें यह जांचा जा रहा था कि क्या रोजाना एस्पिरिन लेने से कैंसर रोका जा सकता है। ट्रायल में शामिल होने के एक दशक बाद भी उनमें कैंसर विकसित नहीं हुआ।
सदियों से दर्द, बुखार और सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एस्पिरिन अब कैंसर की रोकथाम में भी अहम भूमिका निभाती दिख रही है। हाल के कई क्लिनिकल ट्रायल और वैज्ञानिक अध्ययनों से ठोस संकेत मिले हैं कि यह सामान्य दर्द निवारक दवा कोलोरेक्टल कैंसर यानी बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर के बनने, फैलने व दोबारा लौटने के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
कुछ देशों ने उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए अपनी चिकित्सा गाइडलाइन भी बदल दी हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि डॉक्टर की सलाह के बिना नियमित एस्पिरिन लेना खतरनाक हो सकता है। ब्रिटेन के फर्नीचर निर्माता निक जेम्स इस शोध के सबसे चर्चित उदाहरणों में हैं। परिवार में कई लोगों को बाउल कैंसर होने के बाद जेनेटिक जांच कराई और पता चला कि उन्हें लिंच सिंड्रोम है। यह एक आनुवंशिक स्थिति है, जिसमें कोलोरेक्टल कैंसर का जोखिम बहुत बढ़ जाता है। इसके बाद वह उस क्लिनिकल ट्रायल के पहले प्रतिभागी बने जिसमें यह जांचा जा रहा था कि क्या रोजाना एस्पिरिन लेने से कैंसर रोका जा सकता है। ट्रायल में शामिल होने के एक दशक बाद भी उनमें कैंसर विकसित नहीं हुआ।

कमेंट
कमेंट X