World News: डेनमार्क चुनाव में PM फ्रेडरिकसेन को बहुमत के आसार नहीं; ताइवान की सीमा के करीब दिखे चीनी विमान
डेनमार्क के आम चुनाव में निर्णायक नतीजे आने का अनुमान नहीं है। प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन के भविष्य पर संशय बरकरार है। इस राजनीतिक अभियान के दौरान ग्रीनलैंड संकट के बजाय रोजी-रोटी के मुद्दों पर ध्यान दिया गया। मंगलवार को जारी नतीजों में महिला प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन की सेंटर-लेफ्ट सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी ने 2022 के चुनाव की तुलना में कम सीटें जीतीं। उनकी निवर्तमान सरकार के दोनों सहयोगी दलों को भी नुकसान हुआ। इस चुनाव में संसद में न तो वामपंथी और न ही दक्षिणपंथी गुट को बहुमत मिला। अनुभवी विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन किंगमेकर बन गए, जो पूर्व प्रधानमंत्री हैं। उनकी सेंट्रिस्ट मॉडरेट पार्टी अब तय करेगी कि फ्रेडरिकसेन तीसरा कार्यकाल संभालेंगी या नहीं। बता दें कि यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य देश डेनमार्क की आबादी करीब 60 लाख है।
ताइवान के करीब फिर दिखे चीनी विमान और नौसैनिक जहाज
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ताइवान के आसपास एकबार फिर चीनी गतिविधि देखी गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 6 बजे क्षेत्रीय जल के पास चीन के 16 विमान, 10 नौसैनिक जहाज और दो आधिकारिक जहाज देखे गए। इनमें से 13 विमानों ने मध्य रेखा पार कर ताइवान के हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र (Air Defense Identification Zone or ADIZ) में प्रवेश किया। इससे पहले मंगलवार को भी तीन चीनी सैन्य विमान और नौ जहाज देखे गए थे। गौरतलब है कि ताइवान को ऐतिहासिक और राजनीतिक तर्कों के आधार पर चीन अपना अविभाज्य हिस्सा मानता है। दूसरी तरफ ताइवान स्वतंत्र प्रशासन, सेना और अर्थव्यवस्था के आधार पर अपनी अलग पहचान का दावा करता है। ऐसे में ताइवान की स्थिति अंतरराष्ट्रीय बहस का महत्वपूर्ण बिंदु है। चीन का दावा सैकड़ों साल पहले 1683 में किंग राजवंश के द्वीप पर कब्जे से शुरू हुआ। 1949 में चीन में गृहयुद्ध होने के बाद हालात बदल गए। फिलहाल, ताइवान स्वतंत्र है, लेकिन सैन्य संघर्ष से बचने के लिए यहां के प्रशासन ने औपचारिक स्वतंत्रता घोषित नहीं की है।