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World: कानूनी पचड़े में फंसे प्रिंस हैरी; हत्या का वीडियो साझा कर ट्रंप ने आव्रजन नीति को ठहराया सही

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Nitin Gautam Updated Sat, 11 Apr 2026 05:05 AM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics
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प्रिंस हैरी ने अपनी दिवंगत मां राजकुमारी डायना की याद में अफ्रीका में एक चैरिटी की स्थापना की थी। अब उसी चैरिटी ने प्रिंस हैरी पर मानहानि का मुकदमा दायर किया है। हैरी ने पिछले साल इस संस्था के संरक्षक पद से इस्तीफा दे दिया था। सेंटेबाले नामक यह संस्था बोत्सवाना और लेसोथो में एचआईवी से पीड़ित युवाओं के लिए काम करती है। सेंटेबाले ने पिछले महीने लंदन के हाई कोर्ट में मुकदमा दायर किया। अब यह जानकारी सामने आई है। ऑनलाइन दस्तावेजों के अनुसार, हैरी और उनके मित्र मार्क डायर (जो पहले इस चैरिटी के ट्रस्टी रह चुके हैं) पर मानहानि का आरोप लगाया गया है, हालांकि मामले से जुड़े विस्तृत दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
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चैरिटी ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा, '25 मार्च 2025 से चलाए जा रहे एक समन्वित नकारात्मक मीडिया अभियान के कारण संस्था के कामकाज और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसके मद्देनजर चैरिटी अदालत से हस्तक्षेप, संरक्षण और क्षतिपूर्ति की मांग कर रही है।' वहीं, हैरी और डायर के प्रवक्ता ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और अपमानजनक बताते हुए खारिज कर दिया। पिछले तीन वर्षों में प्रिंस हैरी कई कानूनी पचड़ों में फंस चुके हैं। ब्रिटेन के प्रमुख टैबलाइड्स के खिलाफ निजता के उल्लंघन और फोन हैकिंग जैसे आरोपों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
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करीब 20 वर्ष पहले स्थापित सेंटेबाले का अर्थ लेसोथो की भाषा में 'फॉरगेट मी नॉट' होता है। इस संस्था की सह-स्थापना हैरी ने प्रिंस सीइसो के साथ मिलकर की थी, ताकि एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर प्रिंसेस डायना ने भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। साल 2023 में संस्था में फंडरेजिंग रणनीति को लेकर मतभेद सामने आए। इसके बाद मार्च 2025 में दोनों संस्थापकों ने कुछ ट्रस्टियों के इस्तीफे के समर्थन में संरक्षक पद छोड़ दिया। बोर्ड की अध्यक्ष चंदौका ने हैरी पर उन्हें पद से हटाने के लिए धमकाने और उत्पीड़न का अभियान चलाने का आरोप लगाया। 

हत्या का वीडियो साझा कर ट्रंप ने आव्रजन नीति को ठहराया सही

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में हुई एक महिला की हत्या का कथित वीडियो साझा करते हुए अपनी सरकार की निर्वासन नीति को सही ठहराया। यह हमला कथित रूप से हैती मूल के एक प्रवासी द्वारा किया गया। पुलिस के अनुसार, 40 वर्षीय रोलबर्ट जोएकिन को 2 अप्रैल को फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स में एक महिला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह शहर मियामी से लगभग 160 मील उत्तर-पश्चिम में स्थित है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी हैती से है और 2022 में अमेरिका आया था।

मृतका की पहचान 51 वर्षीय निलुफा इस्मिन के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश मूल की थीं और दो बेटियों की मां थीं। ट्रंप ने गुरुवार देर रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह वीडियो साझा किया। ट्रंप अक्सर दावा करते रहे हैं कि प्रवासी अमेरिका में अपराध बढ़ा रहे हैं, और इस घटना को उन्होंने अपने इसी दावे के समर्थन में पेश किया। हालांकि आलोचकों का कहना है कि ट्रंप सभी प्रवासियों को अपराधी के रूप में पेश कर अपनी आव्रजन नीति को मजबूत करने की कोशिश करते हैं, जबकि कई अध्ययनों में पाया गया है कि अवैध रूप से रह रहे प्रवासी, अमेरिका में जन्मे लोगों की तुलना में हिंसक या अन्य अपराधों में कम शामिल होते हैं।

पुलिस के अनुसार, निलुफा ईसमिन गैस स्टेशन के एक सुविधा स्टोर में क्लर्क के रूप में काम कर रही थीं। घटना स्टोर के बाहर हुई और आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया कि आरोपी एक वाहन पर हथौड़े से वार करता दिखता है। इसी दौरान पीड़िता बाहर आकर उससे सवाल करती नजर आती हैं। इसके बाद आरोपी अचानक उनके सिर पर हथौड़े से हमला कर देता है, जिससे वे जमीन पर गिर जाती हैं। इसके बाद आरोपी कई बार हमला करता है और मौके से फरार हो जाता है। पुलिस के अनुसार, बाद में आरोपी को सड़क पर चलते हुए पकड़ा गया और उसने अपराध कबूल कर लिया। उस पर हत्या और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। वह अदालत में पेश हो चुका है और 4 मई को उसकी अगली सुनवाई तय की गई है।

ईरान ने कहा भारतीयों की नेकी व इंसानियत के हम कायल, शुक्रिया

भारत में ईरानी दूतावास ने शुक्रवार को एलान किया कि उसने जंग के दौरान वित्तीय मदद के लिए बनाए गए सभी खाते बंद कर दिए। इसके साथ ही भारतीय नागरिकों के समर्थन और मदद के लिए शुक्रिया कहा। दूतावास ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारतीय नागरिकों से मिले भारी समर्थन और उनकी मदद को देखते हुए अब ये खाते निष्क्रिय कर दिए गए हैं। इसके साथ ही लोगों से दूतावास के नाम पर चल रहे किसी भी खातों में पैसा न भेजने की अपील की गई है। इससे पहले 22 मार्च को ईरानी दूतावास ने भारतीयों की नेक इरादों और इंसानियत के लिए उन्हें शुक्रिया कहा था। इसमें आगे कहा गया कि भारतीयों ने ईरान के पुनर्निर्माण के लिए पैसे और आभूषण दान किए। हम भारत की नेकी हमेशा याद रखेंगे। इसमें कश्मीरी लोगों की खास तौर से सराहना की गई। दूतावास ने खासकर एक कश्मीरी महिला के योगदान की खासी सराहना की। इस महिला ने अपने दिवंगत पति की याद में 28 साल से रखी सोने की निशानी ईरान की मदद के लिए दान कर दी थी।
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