वर्ल्ड डायरी: अटलांटा में आईसीई की इमारत पर ज्वलनशील उपकरण फेंके जाने का मामला, जांच कर रही एफबीआई
अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई मंगलवार रात अटलांटा के डाउनटाउन इलाके में स्थित अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) की इमारत पर एक 'ज्वलनशील उपकरण' फेंके जाने की खबरों की जांच कर रही है। एफबीआई ने एक बयान में कहा कि इस घटना में किसी के घायल होने या बड़े पैमाने पर नुकसान होने की कोई सूचना नहीं है। बयान में कहा गया, "एफबीआई के कर्मचारी और साक्ष्य जुटाने वाली तकनीकी टीम घटनास्थल पर मौजूद हैं और सबूत एकत्र कर रही हैं। फिलहाल सार्वजनिक सुरक्षा के लिए किसी खतरे की जानकारी नहीं है।"
ऑनलाइन सामने आए वीडियो में इमारत के बाहर अपराध स्थल को घेरने वाली टेप और कानून प्रवर्तन अधिकारियों को देखा जा सकता है। इस इमारत में एक आव्रजन अदालत भी स्थित है। आईसीई ने मंगलवार रात टिप्पणी के अनुरोध वाले ईमेल का तत्काल जवाब नहीं दिया। अटलांटा पुलिस ने इस मामले से जुड़े सवालों के लिए संघीय अधिकारियों से संपर्क करने को कहा।
पोम्पेई के सबसे भव्य प्राचीन मकान के जीर्णोद्धार पर खर्च होंगे 16 लाख डॉलर, निजी प्रायोजक उठा रहा पूरा खर्च
इटली के प्राचीन पुरातात्विक स्थल पोम्पेई में स्थित सबसे भव्य मकानों में से एक का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इस काम पर 14 लाख यूरो यानी करीब 16 लाख डॉलर खर्च होंगे और पूरी राशि एक निजी प्रायोजक देगा। मार्कस फैबियस रूफस का यह मकान रोम के शाही महलों की तर्ज पर बनाया गया था। 79 ईस्वी में माउंट वेसुवियस ज्वालामुखी के विस्फोट से प्राचीन शहर पोम्पेई तबाह हो गया था और यह मकान भी राख के नीचे दब गया था। वर्ष 1980 से यह आम लोगों के लिए बंद है।
शहर की दीवारों पर बने इस मकान में चार मंजिलें हैं, जो गलियारों और सीढ़ियों के जटिल जाल से एक-दूसरे से जुड़ी हैं। पोम्पेई पुरातात्विक पार्क के अधिकारियों के अनुसार, मकान के एक हिस्से को क्रिसमस तक निर्देशित पर्यटन समूहों के लिए खोले जाने की उम्मीद है। इस जीर्णोद्धार का खर्च जर्मनी के कारोबारी फ्रैंक होफर उठा रहे हैं। उन्होंने पुरातात्विक पार्क के अधीक्षक गैब्रियल जुचट्रीगल की 2023 में प्रकाशित पुस्तक 'पोम्पेई: द एनचांटेड सिटी' पढ़ने के बाद पार्क प्रशासन से संपर्क किया था।
एससीओ बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दुशांबे से नई दिल्ली रवाना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए ताजिकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद बुधवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। हवाई अड्डे पर ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोदा उन्हें विदा करने पहुंचे। अपनी यात्रा के दौरान सिंह ने दुशांबे में आयोजित एससीओ बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसमें सदस्य देशों ने क्षेत्रीय सहयोग, आर्थिक विकास, संपर्क व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की।
एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने घोषणा की कि भारत इस साल के अंत तक पहले एससीओ सभ्यता संवाद मंच की मेजबानी करेगा। उन्होंने इस पहल में हिस्सा लेने के लिए सभी सदस्य देशों को आमंत्रित किया। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक संबंधों और आपसी समझ को मजबूत करना है।
सिंह ने कहा, "इस साल के अंत में भारत पहले एससीओ सभ्यता संवाद मंच की मेजबानी करेगा। हम सभी एससीओ देशों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।" रक्षा मंत्री ने ताजिकिस्तान के साथ भारत की लंबे समय से चली आ रही मित्रता और मध्य एशियाई देशों के साथ करीबी संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने एससीओ की 25 साल की यात्रा का उल्लेख करते हुए भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
कांगो में इबोला का प्रकोप: अपनों को खोने वाले परिवारों में डर और सामाजिक बहिष्कार की चिंता
कांगो के पूर्वी हिस्से में रहने वाली एक स्कूल शिक्षिका को जब पता चला कि उनके परिवार के पांच सदस्य इबोला से संक्रमित हैं, तो वह बुरी तरह घबरा गईं। उन्हें इस जानलेवा बीमारी से अपनों को खोने का डर सता रहा था। उनके समुदाय में कुछ लोग इबोला को बुराई से जोड़कर देखते हैं, जबकि इस बीमारी से संक्रमित लोगों और उनके परिवारों को सामाजिक भेदभाव का भी सामना करना पड़ता है।
शिक्षिका के दो रिश्तेदारों, उनके भाई और भाभी की जुलाई में इतुरी प्रांत के एक उपचार केंद्र में इबोला से मौत हो गई थी। यह प्रांत कांगो के इतिहास में इबोला के सबसे घातक प्रकोप का केंद्र बना हुआ है। 34 वर्षीय शिक्षिका ने सामाजिक भेदभाव के डर से अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस से बात की। उन्होंने बताया कि रिश्तेदारों को खोने के गम और तनाव के कारण उन्हें मानसिक स्वास्थ्य क्लिनिक में इलाज कराना पड़ा। दो महीने तक क्लिनिक में रहने के बाद अब उनकी हालत बेहतर है, लेकिन उन्हें अपने भविष्य की चिंता है। इतुरी की राजधानी बुनिया में रहने वाले अपने रिश्तेदारों के बारे में उन्होंने कहा, "क्या ये लोग आगे भी मेरा साथ देंगे?"
उनका अनुभव इबोला के तेजी से फैलते प्रकोप के उस पहलू को सामने लाता है, जिस पर अक्सर चर्चा नहीं होती। यह बीमारी से अपनों को खोने वाले परिवारों पर पड़ने वाला मानसिक असर है। वर्षों से विद्रोही हिंसा का सामना कर रहे समुदायों में लोगों को बीमारी के साथ-साथ डर, दुख और सामाजिक दूरी का भी सामना करना पड़ रहा है। इबोला का प्रकोप बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभूतपूर्व गति से फैल रहा है। बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन, हिंसा, अविश्वास और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए खराब कार्य परिस्थितियां इसके प्रसार को रोकने की कोशिशों में बाधा बन रही हैं।
नाइजीरिया में इबोला का पहला मामला, युगांडा से आई महिला संक्रमित
नाइजीरिया की राजधानी अबुजा में मंगलवार को इबोला का पहला मामला सामने आया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने युगांडा से आई एक महिला में वायरस की पुष्टि की। महिला में 7 अक्तूबर को लक्षण दिखे थे। उसे 11 अक्तूबर को अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां इबोला का निदान हुआ। स्वास्थ्य मंत्री मुहम्मद पेट ने 44 संपर्क व्यक्तियों की तलाश शुरू करने की जानकारी दी। नाइजीरिया इस नवीनतम प्रकोप से प्रभावित होने वाला नया देश है। केन्या में भी इस महीने 9 संक्रमण दर्ज हुए हैं। नाइजीरिया सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने निगरानी बढ़ाई है। जून में एक इबोला टास्क फोर्स भी बनाई गई थी। राष्ट्रपति बोला टीनूबू के चीफ ऑफ स्टाफ फेमी गबाजाब्यामिला ने पिछली गलतियों से बचने पर जोर दिया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह मौजूदा प्रकोप अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला इबोला प्रकोप है।
राजेश पटेल ने सरकार को भेजे 6.6 करोड़ डॉलर के बिल, 20 साल की जेल संभव
अमेरिका के शिकागो में भारतीय मूल के राजेश पटेल पर अमेरिका में 6.6 करोड़ डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। उन पर 3.8 लाख फर्जी कोविड-19 परीक्षणों के बिल सरकार को भेजने का आरोप है, जो उनकी प्रयोगशाला ने कभी किए ही नहीं थे। मई 2021 से अप्रैल 2022 के बीच, इलिनोइस स्थित एक क्लिनिकल प्रयोगशाला के सह-मालिक पटेल ने नकली "नकारात्मक" परिणाम बनाए। उन्होंने यूएस हेल्थ रिसोर्सेज एंड सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन (HRSA) अनइंश्योर्ड प्रोग्राम को इन परीक्षणों के बिल भेजे। पटेल की प्रयोगशाला ने लगभग 6.62 करोड़ डॉलर के धोखाधड़ी वाले दावे प्रस्तुत किए, जिसमें से लगभग 4.41 करोड़ डॉलर का भुगतान हुआ। इस योजना से पटेल को व्यक्तिगत रूप से लगभग 2.8 करोड़ डॉलर की आय हुई। उन पर वायर धोखाधड़ी के पांच आरोप लगाए गए हैं। न्याय विभाग की तरफ से जारी बयान के मुताबिकदोषी पाए जाने पर उन्हें प्रत्येक आरोप पर 20 साल तक की जेल हो सकती है।
तुर्किये संग लीबियाई समुद्री समझौता मंजूर, भूमध्य सागर में विवाद बढ़ा
लीबिया की संसद ने तुर्किये के साथ एक विवादास्पद समुद्री समझौते को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। इस कदम से वर्षों से चला आ रहा विरोध पलट गया है। हालांकि, पूर्वी भूमध्य सागर में मिस्र, ग्रीस और साइप्रस के साथ अधिकारों को लेकर विवाद फिर से गहराने की आशंका है। मंगलवार को पूर्वी लीबिया स्थित हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (सैन्य कमांडर खलीफा हफ्तार के साथ जुड़ा) ने इस समझौते को अपनाया। यह समझौता 2019 में तुर्किये और लीबिया की तत्कालीन त्रिपोली सरकार के बीच हस्ताक्षरित हुआ था। ग्रीस के विदेश मंत्रालय ने इस वोट को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि यह समझौता 'अवैध, अमान्य और निराधार' है।ग्रीस ने तर्क दिया कि तुर्किये और लीबिया के पास समुद्री क्षेत्रों के सीमांकन के लिए कानूनी आधार प्रदान करने वाले तट नहीं हैं। साइप्रस ने भी इस वोट की निंदा की और समझौते को अवैध बताया। लीबिया और तुर्किये समझौता भूमध्य सागर में दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्राधिकार क्षेत्रों को परिभाषित करता है।
ईरान के शीर्ष नेताओं और आसिम मुनीर की मुलाकात
पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने मंगलवार को ईरान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। यह यात्रा क्षेत्र में तनाव कम करने के इस्लामाबाद के प्रयासों का हिस्सा है। मुनीर ने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबफ से भेंट की। गालिबफ ने अमेरिका द्वारा इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) के उल्लंघन पर चिंता जताई। उन्होंने अमेरिका से ईरान की सात शर्तें पूरी करने पर जोर दिया। मुनीर ने ईरान के सुरक्षा प्रमुख मेजर जनरल मोहसिन रेजाई से भी बात की। रेजाई ने कहा कि संवर्धित परमाणु सामग्री ईरान में राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में रहेगी। उन्होंने अमेरिका द्वारा विश्वास बनाने तक कोई बातचीत न होने की बात कही। पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
ईरान की जासूसी में ब्रिटेन में दो लोग फिर गिरफ्तार
ब्रिटिश पुलिस ने मंगलवार को दो व्यक्तियों को फिर से गिरफ्तार किया। इन पर ईरान की खुफिया सेवा की मदद करने का संदेह है। यह मामला पिछले महीने इंग्लैंड में एक अमेरिकी हवाई अड्डे पर संदिग्ध साजिश से जुड़ा है। काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग ने बताया कि एक 24 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक और एक 25 वर्षीय दोहरी यूके-ईरानी नागरिक को पकड़ा गया। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया। इन दोनों को पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस 27 सितंबर को एक संदिग्ध आतंकी साजिश की जांच कर रही है। यह साजिश पश्चिमी इंग्लैंड के आरएएफ फेयरफोर्ड स्थित अमेरिकी अड्डे पर हुई थी। इस अड्डे का उपयोग इस साल के युद्ध में ईरान पर बमबारी के लिए किया गया था।
अमेरिका के फ्लोरिडा में इस साल 18वां मृत्युदंड दिया जाएगा। गवर्नर रॉन डीसेंटिस के कार्यकाल में मृत्युदंड का आक्रामक उपयोग हो रहा है। 77 वर्षीय विलियम रीव्स को मंगलवार को फ्लोरिडा स्टेट प्रिजन में तीन-दवाओं के इंजेक्शन लगाए जाएंगे। उन्हें 1986 में डिप्टी रिचर्ड राकज़कोव्स्की की हत्या का दोषी ठहराया गया था। रीव्स इस साल फ्लोरिडा में 70 वर्ष से अधिक उम्र के आठवें कैदी हैं जिन्हें मृत्युदंड दिया जाना है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार दोपहर रीव्स की अंतिम अपील खारिज कर दी। गवर्नर डीसेंटिस ने कहा कि उनका लक्ष्य पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाना है। पिछले साल फ्लोरिडा में 19 लोगों को मृत्युदंड दिया गया था, जो एक रिकॉर्ड है। इस साल नवंबर में एक और सजा-ए-मौत निर्धारित है, जिससे आंकड़ा बराबर हो जाएगा। दंड दिए जाने से पहले रीव्स ने अपने परिवार और एक आध्यात्मिक सलाहकार से मुलाकात की।