अंतरराष्ट्रीय डायरी: ओमान के सुल्तान की ब्रिटेन की राजकीय यात्रा शुरू, होर्मुज जलडमरूमध्य में अहम भूमिका
ब्रिटेन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सहयोगी ओमान के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इसी क्रम में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक मंगलवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर ब्रिटेन पहुंचे। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान ओमान दोनों पक्षों के दबाव का सामना कर रहा है।
ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय मंगलवार को विंडसर कैसल में सुल्तान का स्वागत करेंगे। उनके स्वागत में शाही तोपों की सलामी, विंडसर शहर में बग्घी की सवारी और सैन्य सम्मान गार्ड शामिल होंगे। मंगलवार रात महल में भव्य राजकीय भोज आयोजित किया जाएगा। बुधवार को सुल्तान की प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के साथ बातचीत होगी। वह लंदन में कारोबारी नेताओं को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद गुरुवार को उनकी यात्रा समाप्त होगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान की अहम भूमिका
ओमान कभी ब्रिटेन का संरक्षित क्षेत्र था और 1951 में स्वतंत्र हुआ। यह होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी तट पर स्थित है। यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है। इसके जरिए तेल की आपूर्ति बढ़ाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में ओमान की भूमिका महत्वपूर्ण है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के दौरान ओमान ने तटस्थ रहने की कोशिश की है। उसने शांति समझौता कराने के लिए मध्यस्थता के प्रयास भी किए हैं, हालांकि ईरान ने ओमान को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त में ओमान पर बमबारी करने की धमकी दी थी। यह धमकी उस समय आई थी, जब ईरान ने कहा था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के मार्ग को लेकर अपने पड़ोसी देश के साथ समझौता किया है।
ब्रिटेन ने ओमान की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
बर्नहैम के कार्यालय के अनुसार, सुल्तान ने सोमवार को प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति की जानकारी दी। दोनों नेताओं ने पिछले सप्ताहांत पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता पर भी चर्चा की और संघर्ष को और बढ़ने से रोकते हुए समाधान निकालने की अपील की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान में कहा, “प्रधानमंत्री ने ओमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ब्रिटेन की प्रतिबद्धता भी दोहराई।”
ब्रिटेन और ओमान के बीच लंबे समय से मजबूत सैन्य संबंध रहे हैं। ओमान की स्वतंत्रता के बाद से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग जारी है। ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स के अधिकारी और गैर-कमीशन अधिकारी ओमान की वायुसेना में विभिन्न भूमिकाओं में सेवाएं दे रहे हैं। ओमान के अरब सागर तट पर स्थित दुक्म में ब्रिटिश नौसेना का अड्डा भी है। यह अड्डा फारस की खाड़ी क्षेत्र में ब्रिटेन के सैन्य अभियानों को समर्थन देता है।
ऑस्ट्रेलियाई सांसद को कार से टक्कर मारने के मामले पर क्या बोले पीएम अल्बनीज?
ऑस्ट्रेलिया की एक संघीय सांसद अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर, लेकिन स्थिर है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने उस नाई की भी सराहना की, जिसने सांसद को जानबूझकर कार से टक्कर मारने के आरोपी चालक को पकड़ने में लोगों की मदद की।
65 वर्षीय निर्दलीय सांसद हेलेन हेन्स को सोमवार को विक्टोरिया राज्य के वांगारट्टा शहर में उनके निर्वाचन क्षेत्र स्थित कार्यालय के बाहर टोयोटा लैंड क्रूजर एसयूवी ने टक्कर मार दी थी। 43 वर्षीय चालक मंगलवार को भी पुलिस हिरासत में था।
प्रधानमंत्री ने राहगीर की मदद की सराहना की
अल्बनीज ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को स्थानीय नाई रिकी जेफरीज को फोन कर हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद दिया। जेफरीज अपनी दुकान से बाहर दौड़कर आए थे और उन्होंने लोगों के साथ मिलकर आरोपी चालक को पकड़ने में मदद की थी। मेलबर्न में अल्बनीज ने कहा, “यह घटना याद दिलाती है कि सबसे बुरे वक्त में भी हमें ऑस्ट्रेलियाई चरित्र की सबसे अच्छी खूबियां देखने को मिलती हैं।”
जेफरीज ने इससे पहले पत्रकारों को बताया था कि उन्होंने चालक की जेबों की तलाशी ली और एक चाकू निकाल लिया। पुलिस ने पुष्टि की कि घटनास्थल से चाकू बरामद हुआ था। जेफरीज ने यह भी कहा कि वह खुद को नायक नहीं मानते। उन्होंने कहा, “यह सब बहुत अजीब था। मैं बस यह देखने के लिए बाहर भागा कि क्या हो रहा है। वांगारट्टा समुदाय के कई लोग, जिन्हें मैं जानता हूं या जिनमें से ज्यादातर को पहचानता हूं, वहां मौजूद थे और मदद कर रहे थे।”
राजनीतिक हिंसा पर चिंता
विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों और प्रधानमंत्री अल्बनीज ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए अपने सहयोगियों, पत्रकारों और आम लोगों से राजनीतिक बहस में बढ़ती तल्खी कम करने की अपील की। कई नेताओं ने उम्मीद जताई कि ऑस्ट्रेलिया में राजनेताओं के आम लोगों के लिए सहज रूप से उपलब्ध रहने की संस्कृति नहीं बदलेगी।
पाकिस्तान: पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और विधानसभा अध्यक्ष की कथित अवैध हिरासत पर पेशावर हाईकोर्ट सख्त, 10 दिन में जवाब मांगा
पाकिस्तान के पेशावर हाईकोर्ट ने मंगलवार को खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और प्रांतीय विधानसभा के अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाती को कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने के मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए। अदालत ने उनसे 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। यह घटनाक्रम एक सप्ताह बाद सामने आया है, जब पेशावर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को तत्काल बरामद करने और उनके ठिकाने की जानकारी देने की मांग की गई थी।
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कई नेताओं को 11 अक्तूबर को उत्तर-पश्चिमी प्रांत में आपातकाल लागू होने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया था। यह कदम बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर उठाया गया था। हिरासत में लिए गए नेताओं में अफरीदी भी शामिल थे।
याचिकाकर्ता ने की क्या मांग?
न्यायमूर्ति अरशद अली और न्यायमूर्ति फराह जमशेद की खंडपीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई की। पीठ ने संबंधित पक्षों को निर्धारित अवधि के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 अक्तूबर की तारीख तय की। पूर्व मुख्यमंत्री के भाई मुहम्मद आमिर की ओर से दायर याचिका में अदालत से मामले का तत्काल संज्ञान लेने और अफरीदी की सुरक्षित बरामदगी का आदेश देने का अनुरोध किया गया है।
याचिका में दावा किया गया कि पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी (सीसीपीओ) की मौजूदगी में हथियारबंद और नकाबपोश लोगों ने अफरीदी का कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि “निर्वाचित मुख्यमंत्री का अपहरण संविधान, कानून और मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।”
याचिका में यह भी कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री के जीवन और स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उनके कथित अवैध हिरासत में रखे जाने को पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 4, 9, 10 और 14 का उल्लंघन बताया गया है। याचिकाकर्ता ने अदालत से अफरीदी के ठिकाने, उन्हें हिरासत में रखने वाले लोगों की पहचान और उन्हें हिरासत में रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कानूनी अधिकार के बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की।
आपातकाल लागू करने को भी हाईकोर्ट में चुनौती
इस बीच, पीटीआई अध्यक्ष और बैरिस्टर गोहर अली खान ने सोमवार को पेशावर हाईकोर्ट में एक अलग याचिका दायर की। इसमें दलील दी गई कि प्रांतीय विधानसभा के प्रस्ताव के बिना आपातकाल घोषित करना संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है।
याचिका के मुताबिक, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संविधान के अनुच्छेद 232(1) के तहत प्रांत में आपातकाल घोषित किया था। इस अनुच्छेद के तहत किसी प्रांत में आपातकाल लागू करने के लिए प्रांतीय विधानसभा का प्रस्ताव आवश्यक है।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व उप पुलिस प्रमुख को जमानत देने से इनकार, यौन अपराधों के आरोप में जेल में रहेंगे
दक्षिण अफ्रीका की एक अदालत ने मंगलवार को यौन अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व उप पुलिस प्रमुख को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने आदेश दिया कि मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें हिरासत में रखा जाए।
अधिकारी शाड्रैक सिबिया ने सितंबर में गिरफ्तारी के बाद इस महीने की शुरुआत में पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उन पर 18 वर्षीय युवती से दुष्कर्म, मानव तस्करी और एक नाबालिग को यौन शोषण के लिए तैयार करने के आरोप हैं।
पुलिस विभाग में कथित आपराधिक गतिविधियों की जांच कर रहे आयोग के समक्ष यह आरोप भी लगाए गए हैं कि सिबिया के देश के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े कथित सदस्यों के साथ संबंध हैं। सिबिया ने इन आरोपों से इनकार किया है। मंगलवार को रैंडबर्ग मजिस्ट्रेट अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि वह रिहाई के पक्ष में कोई असाधारण परिस्थिति पेश करने में विफल रहे। अदालत ने अभियोजन पक्ष की इस दलील से भी सहमति जताई कि उनकी रिहाई से गवाहों को खतरा हो सकता है।
पुलिस के मुताबिक, सिबिया के पुलिस सेवा से जाने को अपमानजनक बर्खास्तगी के रूप में देखा जा रहा है। सिबिया दक्षिण अफ्रीकी पुलिस में व्यापक भ्रष्टाचार और देश के आपराधिक नेटवर्क के साथ कथित संबंधों की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के दायरे में भी हैं। सेवानिवृत्त न्यायाधीश मबुयिसेनी मदलांगा की अध्यक्षता वाले इस आयोग में सिबिया पर आपराधिक नेटवर्क के कथित सदस्यों के साथ करीबी संबंध रखने और उनसे बड़ी रकम तथा महंगे उपहार प्राप्त करने के आरोप लगाए गए हैं।
राष्ट्रीय अभियोजन प्राधिकरण ने कहा कि वह जल्द ही मुकदमे की सुनवाई के लिए तैयार होगा। प्राधिकरण के प्रवक्ता कैजर गन्यागो ने कहा, “हमें भरोसा है कि अदालत के सामने पेश किए गए सबूत पर्याप्त हैं। यही वजह है कि आज हमें यह फैसला मिला है।”
नेपाल सरकार ने भारत की किस कंपनी के बिस्कुट पर लगाई रोक?
नेपाल सरकार ने भारत की सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड द्वारा बनाए जाने वाले प्रियागोल्ड बिस्कुट के आयात, बिक्री और वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी है। नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी और गुणवत्ता नियंत्रण विभाग ने सोमवार को नोटिस जारी कर प्रियागोल्ड बिस्कुट को अधोमानक बताया और जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय खाद्य नियामक (एफएसएसएआई) ने कंपनी द्वारा बिस्कुट निर्माण में पशु आहार के इस्तेमाल और गंभीर सुरक्षा कमियों को देखते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की है और उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है। नेपाल ने इसी नोटिस के आधार पर यह कड़ा कदम उठाया है। विभाग ने संबंधित कारोबारियों और उपभोक्ताओं को चेतावनी दी है कि वे इन बिस्कुटों का आयात और बिक्री तुरंत बंद करें। साथ ही, अधिकृत आयातकों और व्यापारियों को बाजार में मौजूद स्टॉक को तत्काल वापस मंगाने के निर्देश दिए गए हैं।
खारकीव में रूसी ड्रोन हमला, तीन बच्चों समेत 6 की मौत
यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी खारकीव क्षेत्र के एक गांव में सोमवार को हुए भीषण रूसी ड्रोन हमले में तीन बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई। क्षेत्र के गवर्नर ओलेह सिनेगुहोव ने बताया कि यह ड्रोन हमला एक ऐसे पार्क पर हुआ जहां परिवारों के साथ बच्चे खेल रहे थे। गृह मंत्री इवान व्याहोव्स्की ने एक बच्चे के शव की धुंधली तस्वीर भी साझा की है। गवर्नर सिनेगुहोव के मुताबिक, खारकीव शहर के दक्षिण-पश्चिम में हुए इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है, जबकि 15 अन्य लोग घायल हुए हैं।
मंगल के चंद्रमा से मिट्टी और चट्टानें लाएगा जापान का यान, 2031 तक धरती पर पहुंचने की उम्मीद
जापान ने मंगल ग्रह के रहस्यमयी चंद्रमाओं की खोज और वहां से मिट्टी व चट्टानों के नमूने लाने के लिए मंगलवार को एक अंतरिक्ष यान लॉन्च किया। पांच साल के इस मिशन में दुनिया की पांच अंतरिक्ष एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। इसका नेतृत्व जापान की अंतरिक्ष एजेंसी जेएएक्सए (JAXA) कर रही है।
फोबोस पर उतरेगा रोवर
इस मिशन का नाम मार्टियन मून्स एक्सप्लोरेशन (MMX) है। करीब 578 मिलियन डॉलर की लागत वाला यह मिशन मंगल के बड़े और नजदीकी चंद्रमा फोबोस पर रोबोटिक यान और रोवर उतारने की कोशिश करेगा। फ्रांस और जर्मनी का बनाया रोवर ‘इडेफिक्स’ फोबोस की सतह पर उतरेगा।
2031 में धरती पर आएंगे नमूने
अंतरिक्ष यान के अगले साल गर्मियों के अंत तक मंगल पहुंचने की उम्मीद है। मिशन सफल रहा तो फोबोस की धूल, मिट्टी और चट्टानों के नमूने 2031 में धरती पर लाए जाएंगे। इससे मंगल के चंद्रमाओं की उत्पत्ति को समझने में मदद मिल सकती है। अब तक कोई भी देश फोबोस या उसके दूसरे चंद्रमा डीमोस पर नहीं उतरा है।
फोबोस पर उतरेगा रोवर
इस मिशन का नाम मार्टियन मून्स एक्सप्लोरेशन (MMX) है। करीब 578 मिलियन डॉलर की लागत वाला यह मिशन मंगल के बड़े और नजदीकी चंद्रमा फोबोस पर रोबोटिक यान और रोवर उतारने की कोशिश करेगा। फ्रांस और जर्मनी का बनाया रोवर ‘इडेफिक्स’ फोबोस की सतह पर उतरेगा।
2031 में धरती पर आएंगे नमूने
अंतरिक्ष यान के अगले साल गर्मियों के अंत तक मंगल पहुंचने की उम्मीद है। मिशन सफल रहा तो फोबोस की धूल, मिट्टी और चट्टानों के नमूने 2031 में धरती पर लाए जाएंगे। इससे मंगल के चंद्रमाओं की उत्पत्ति को समझने में मदद मिल सकती है। अब तक कोई भी देश फोबोस या उसके दूसरे चंद्रमा डीमोस पर नहीं उतरा है।
अमेरिका में मस्जिद के बाहर गोलीबारी, एक व्यक्ति की मौत; पुलिस बोली- इमारत पर हमला नहीं
अमेरिका के कोलंबस में सोमवार को एक मस्जिद के बाहर गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मस्जिद पर हमला नहीं था और घटना का मस्जिद से कोई संबंध नहीं था। कोलंबस पुलिस के अधिकारी सार्जेंट जेम्स फुक्वा ने बताया कि गोलीबारी में एक व्यक्ति की जान चली गई। घटना के समय मस्जिद में एक कार्यक्रम चल रहा था। इससे पहले, अल्कोहल, टोबैको, फायरआर्म्स एंड एक्सप्लोसिव्स (ATF) ब्यूरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया था कि एजेंट मस्जिद में गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंच रहे थे। यह मस्जिद कोलंबस शहर के डाउनटाउन इलाके के उत्तर-पूर्व में स्थित है। आसपास दो मंजिला अपार्टमेंट भी है।
ट्रंप ने महिलाओं की सेहत पर रिसर्च बढ़ाने के आदेश पर किए हस्ताक्षर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने महिलाओं की सेहत से जुड़ी बीमारियों पर रिसर्च बढ़ाने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। सोमवार को जारी इस आदेश के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए नया विभाग बनाया जाएगा। साथ ही, व्हाइट हाउस में एक टास्क फोर्स भी गठित होगी। इस पहल को प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने आगे बढ़ाया है। ट्रंप ने कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं में होने वाली उन बीमारियों पर शोध करना है, जिन पर अब तक कम ध्यान दिया गया है। पहल के तहत बीमारी की पहचान करने वाली तकनीक और इलाज में सुधार पर भी जोर दिया जाएगा।