{"_id":"69cb1b23939c3aba67024e69","slug":"world-updates-of-31-march-world-news-russia-britain-pakistan-china-canada-bangladesh-nepal-hindi-news-2026-03-31","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"World: चीन में हाईवे टनल निर्माण स्थल पर विस्फोट, 4 की मौत; ट्रंप के नाम पर होगा फ्लोरिडा के एयरपोर्ट का नाम","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
World: चीन में हाईवे टनल निर्माण स्थल पर विस्फोट, 4 की मौत; ट्रंप के नाम पर होगा फ्लोरिडा के एयरपोर्ट का नाम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Pavan
Updated Tue, 31 Mar 2026 06:24 AM IST
विज्ञापन
दुनिया की बड़ी खबरें
- फोटो : amar ujala graphics
विज्ञापन
रूस ने ब्रिटिश दूतावास के दूसरे सचिव पर जासूसी और सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए उन्हें देश से निष्कासित कर दिया है। रूसी सुरक्षा (एफएसबी) के अनुसार उक्त राजनयिक अनौपचारिक बैठकों के जरिए रूस की अर्थव्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटा रहे थे। एफएसबी ने इसे विध्वंसक गतिविधि बताते हुए अधिकारी को दो हफ्ते में रूस छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है।
एअर कनाडा के सीईओ साल अंत में होंगे सेवानिवृत्त
एअर कनाडा के सीईओ माइकल रूसो इस वर्ष के अंत तक अपने पद से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। यह निर्णय न्यूयॉर्क में हुए विमान हादसे के बाद उनके केवल अंग्रेजी में दिए गए शोक संदेश पर उपजे भारी विवाद के बाद आया है। दरअसल, हादसे में जान गंवाने वाले पायलटों में से एक एंटोनी फॉरेस्ट फ्रेंच भाषी थे।
Trending Videos
एअर कनाडा के सीईओ साल अंत में होंगे सेवानिवृत्त
एअर कनाडा के सीईओ माइकल रूसो इस वर्ष के अंत तक अपने पद से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। यह निर्णय न्यूयॉर्क में हुए विमान हादसे के बाद उनके केवल अंग्रेजी में दिए गए शोक संदेश पर उपजे भारी विवाद के बाद आया है। दरअसल, हादसे में जान गंवाने वाले पायलटों में से एक एंटोनी फॉरेस्ट फ्रेंच भाषी थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जैश सरगना मसूद के भाई आतंकी ताहिर की संदिग्ध हालत में मौत
पाकिस्तान के कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के बड़े भाई आतंकी ताहिर अनवर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने आधिकारिक रूप से इस बारे में कुछ नहीं कहा है लेकिन अनाधिकारिक रूप से अनवर की मौत की पुष्टि की है। हालांकि मौत की वजहों का खुलासा नहीं किया है। उसकी मौत बहावलपुर में हुई बताई जा रही है। ताहिर अनवर भी जैश से जुड़ा था और संगठन में बहुत अहम भूमिका निभाता था। बताया जाता है कि वह संगठन की सभी आतंकी योजनाओं में सक्रिय हिस्सेदारी करता था। सूत्रों के मुताबिक उसका अंतिम संस्कार बहावलपुर में जैश के मुख्यालय में किया जाएगा। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी घटना पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। ताहिर जैश के सैन्य मामलों का प्रमुख था और आतंकियों की ट्रेनिंग की पूरी जिम्मेदारी साल 2001 से संभाल रहा था। 62 साल का ताहिर अनवर 12 भाई बहनों में सबसे बड़ा था और आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के गठन से पहले मुर्गी पालन करता था।
पाकिस्तान के कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के बड़े भाई आतंकी ताहिर अनवर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने आधिकारिक रूप से इस बारे में कुछ नहीं कहा है लेकिन अनाधिकारिक रूप से अनवर की मौत की पुष्टि की है। हालांकि मौत की वजहों का खुलासा नहीं किया है। उसकी मौत बहावलपुर में हुई बताई जा रही है। ताहिर अनवर भी जैश से जुड़ा था और संगठन में बहुत अहम भूमिका निभाता था। बताया जाता है कि वह संगठन की सभी आतंकी योजनाओं में सक्रिय हिस्सेदारी करता था। सूत्रों के मुताबिक उसका अंतिम संस्कार बहावलपुर में जैश के मुख्यालय में किया जाएगा। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी घटना पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। ताहिर जैश के सैन्य मामलों का प्रमुख था और आतंकियों की ट्रेनिंग की पूरी जिम्मेदारी साल 2001 से संभाल रहा था। 62 साल का ताहिर अनवर 12 भाई बहनों में सबसे बड़ा था और आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के गठन से पहले मुर्गी पालन करता था।
कॉमेडियन और अभिनेता एलेक्स दुआंग का 42 की उम्र में निधन
लोकप्रिय स्टैंडअप कॉमेडियन और अभिनेता एलेक्स दुआंग का 42 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे एल्वेओलर रबडोमायोसार्कोमा नामक दुर्लभ कैंसर से जूझ रहे थे। उनके परिवार ने भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, एलेक्स ने शांति से अंतिम सांस ली। वे अब दर्द से मुक्त हैं। दुआंग ने ब्लू ब्लड्स और डेक्सटर जैसे चर्चित शो में काम किया था।
लोकप्रिय स्टैंडअप कॉमेडियन और अभिनेता एलेक्स दुआंग का 42 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे एल्वेओलर रबडोमायोसार्कोमा नामक दुर्लभ कैंसर से जूझ रहे थे। उनके परिवार ने भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, एलेक्स ने शांति से अंतिम सांस ली। वे अब दर्द से मुक्त हैं। दुआंग ने ब्लू ब्लड्स और डेक्सटर जैसे चर्चित शो में काम किया था।
मध्य अफ्रीकी गणराज्य के राष्ट्रपति ने तीसरी बार शपथ ली
मध्य अफ्रीकी गणराज्य के राष्ट्रपति फॉस्टिन-आर्चेंज टौएडेरा ने तीसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ ली है। यह शपथ विवादित चुनाव के तीन महीने बाद हुई है। टौएडेरा को दिसंबर में हुए चुनाव में विजेता घोषित किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों ने चुनाव का बहिष्कार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव निष्पक्ष नहीं था। नए कार्यकाल की अवधि अब सात साल होगी, क्योंकि पहले संविधान में बदलाव कर दिया गया था। राष्ट्रपति ने कहा कि उनका लक्ष्य देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और संसाधनों का पारदर्शी इस्तेमाल करना है। हालांकि, देश में 2013 से जारी संघर्ष और अस्थिरता अभी भी चिंता का विषय है। कई विद्रोही समूह अब भी सक्रिय हैं, जिससे हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।
मध्य अफ्रीकी गणराज्य के राष्ट्रपति फॉस्टिन-आर्चेंज टौएडेरा ने तीसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ ली है। यह शपथ विवादित चुनाव के तीन महीने बाद हुई है। टौएडेरा को दिसंबर में हुए चुनाव में विजेता घोषित किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों ने चुनाव का बहिष्कार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव निष्पक्ष नहीं था। नए कार्यकाल की अवधि अब सात साल होगी, क्योंकि पहले संविधान में बदलाव कर दिया गया था। राष्ट्रपति ने कहा कि उनका लक्ष्य देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना और संसाधनों का पारदर्शी इस्तेमाल करना है। हालांकि, देश में 2013 से जारी संघर्ष और अस्थिरता अभी भी चिंता का विषय है। कई विद्रोही समूह अब भी सक्रिय हैं, जिससे हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।
बांग्लादेश: एक और पूर्व सैन्य अधिकारी गिरफ्तार
बांग्लादेश में एक और पूर्व सैन्य अफसर को गिरफ्तार कर लिया गया है। बांग्लादेश पुलिस की खुफिया शाखा (डीबी) ने बर्खास्त लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद अफजल नासिर (61) को राजधानी के मीरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें रविवार देर रात हिरासत में लिया गया।
बांग्लादेश में एक और पूर्व सैन्य अफसर को गिरफ्तार कर लिया गया है। बांग्लादेश पुलिस की खुफिया शाखा (डीबी) ने बर्खास्त लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद अफजल नासिर (61) को राजधानी के मीरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें रविवार देर रात हिरासत में लिया गया।
कंबोडिया में ऑनलाइन ठगी करने पर होगी उम्रकैद की सजा
कंबोडियाई संसद ने ऑनलाइन धोखाधड़ी केंद्रों के खिलाफ कड़ा कानून पारित किया है। इसमें दोषियों को उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। न्याय मंत्री केउत रिथ ने कहा कि यह कदम डिजिटल अरेस्ट और देश की खराब होती छवि को सुधारने के लिए उठाया गया है। हालांकि, हार्वर्ड के विशेषज्ञ जैकब सिम्स ने चेतावनी दी है कि जब तक नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं होते, ये कानून निष्प्रभावी रह सकते हैं।
कंबोडियाई संसद ने ऑनलाइन धोखाधड़ी केंद्रों के खिलाफ कड़ा कानून पारित किया है। इसमें दोषियों को उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। न्याय मंत्री केउत रिथ ने कहा कि यह कदम डिजिटल अरेस्ट और देश की खराब होती छवि को सुधारने के लिए उठाया गया है। हालांकि, हार्वर्ड के विशेषज्ञ जैकब सिम्स ने चेतावनी दी है कि जब तक नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं होते, ये कानून निष्प्रभावी रह सकते हैं।
चिली में स्कूल सुरक्षा सख्त करने की तैयारी
चिली के राष्ट्रपति जोसे एंटोनियो कास्ट ने हाल ही में स्कूलों में बढ़ती हिंसा की घटनाओं के बाद सुरक्षा कड़ी करने का ऐलान किया है। पिछले शुक्रवार एक स्कूल में चाकू से हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। इसके अलावा सोमवार को एक 15 साल का छात्र स्कूल में भरी हुई बंदूक लेकर घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। इन घटनाओं के बाद सरकार अब स्कूलों में सख्त कदम उठाने की योजना बना रही है।
राष्ट्रपति कास्ट ने कहा कि अब छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और स्कूलों में प्रवेश के नियम और कड़े किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री मारिया पाज अरजोला ने बताया कि एक नया कानून तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत शिक्षक छात्रों के बैग की जांच कर सकेंगे। साथ ही स्कूलों में मेटल डिटेक्टर लगाने की योजना भी तेज की जाएगी। हालांकि चिली में स्कूलों में हथियारों से हमले आम नहीं हैं, लेकिन हाल के घटनाक्रम ने सरकार और समाज दोनों को चिंता में डाल दिया है। सरकार का कहना है कि बदलते हालात को देखते हुए अब सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
चिली के राष्ट्रपति जोसे एंटोनियो कास्ट ने हाल ही में स्कूलों में बढ़ती हिंसा की घटनाओं के बाद सुरक्षा कड़ी करने का ऐलान किया है। पिछले शुक्रवार एक स्कूल में चाकू से हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। इसके अलावा सोमवार को एक 15 साल का छात्र स्कूल में भरी हुई बंदूक लेकर घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। इन घटनाओं के बाद सरकार अब स्कूलों में सख्त कदम उठाने की योजना बना रही है।
राष्ट्रपति कास्ट ने कहा कि अब छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और स्कूलों में प्रवेश के नियम और कड़े किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री मारिया पाज अरजोला ने बताया कि एक नया कानून तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत शिक्षक छात्रों के बैग की जांच कर सकेंगे। साथ ही स्कूलों में मेटल डिटेक्टर लगाने की योजना भी तेज की जाएगी। हालांकि चिली में स्कूलों में हथियारों से हमले आम नहीं हैं, लेकिन हाल के घटनाक्रम ने सरकार और समाज दोनों को चिंता में डाल दिया है। सरकार का कहना है कि बदलते हालात को देखते हुए अब सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
53 साल बाद इंसान फिर जाएगा चांद पर
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 53 साल बाद इंसानों को फिर से चांद पर भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ‘आर्टेमिस-2’ मिशन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। यह रॉकेट बुधवार शाम को लॉन्च किया जाएगा और इसमें चार अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे। यह मिशन लगभग 10 दिन का होगा। इसमें अंतरिक्ष यात्री पहले पृथ्वी की कक्षा में घूमेंगे और फिर चांद के पास जाकर बिना उतरे वापस लौट आएंगे। मिशन के अंत में उनका कैप्सूल समुद्र में उतरेगा।
इस बार मिशन की खास बात यह है कि इसमें एक महिला, एक अश्वेत और एक गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं। नासा का कहना है कि यह मिशन पूरी मानवता के लिए एक नई शुरुआत है। पहले यह मिशन फरवरी में होना था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसे टाल दिया गया था। अब सभी दिक्कतें दूर कर ली गई हैं और मौसम भी अनुकूल बताया जा रहा है। नासा का उद्देश्य भविष्य में चांद पर स्थायी मिशन भेजना और आगे मंगल ग्रह तक पहुंचने की तैयारी करना है। यह मिशन अंतरिक्ष अनुसंधान में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 53 साल बाद इंसानों को फिर से चांद पर भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ‘आर्टेमिस-2’ मिशन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। यह रॉकेट बुधवार शाम को लॉन्च किया जाएगा और इसमें चार अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे। यह मिशन लगभग 10 दिन का होगा। इसमें अंतरिक्ष यात्री पहले पृथ्वी की कक्षा में घूमेंगे और फिर चांद के पास जाकर बिना उतरे वापस लौट आएंगे। मिशन के अंत में उनका कैप्सूल समुद्र में उतरेगा।
इस बार मिशन की खास बात यह है कि इसमें एक महिला, एक अश्वेत और एक गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं। नासा का कहना है कि यह मिशन पूरी मानवता के लिए एक नई शुरुआत है। पहले यह मिशन फरवरी में होना था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसे टाल दिया गया था। अब सभी दिक्कतें दूर कर ली गई हैं और मौसम भी अनुकूल बताया जा रहा है। नासा का उद्देश्य भविष्य में चांद पर स्थायी मिशन भेजना और आगे मंगल ग्रह तक पहुंचने की तैयारी करना है। यह मिशन अंतरिक्ष अनुसंधान में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति का निधन
सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी का 67 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनकी मौत की वजह अभी साफ नहीं बताई गई है। देश की मौजूदा राष्ट्रपति जेनिफर गीरलिंग्स-सिमोंस ने उनके निधन पर शोक जताया और उनके योगदान को याद किया। संतोखी 2020 से 2025 तक सूरीनाम के राष्ट्रपति रहे। इससे पहले वे पुलिस अधिकारी और न्याय मंत्री भी रह चुके थे। उन्होंने 1982 में हुए राजनीतिक हत्याकांड की जांच की थी, जिसमें कई लोगों की हत्या हुई थी। इस कारण उन्हें द शेरिफ के नाम से भी जाना जाता था।
राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने देश की खराब आर्थिक स्थिति को सुधारने की कोशिश की। हालांकि इसके लिए उन्हें सख्त फैसले लेने पड़े, जिससे लोगों को महंगाई और सब्सिडी खत्म होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उनके कार्यकाल में कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुए। 2025 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वे दोबारा राष्ट्रपति नहीं बन सके। संतोखी को एक सख्त लेकिन ईमानदार नेता माना जाता था, जिन्होंने देश में कानून व्यवस्था और आर्थिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण काम किए।
सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी का 67 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनकी मौत की वजह अभी साफ नहीं बताई गई है। देश की मौजूदा राष्ट्रपति जेनिफर गीरलिंग्स-सिमोंस ने उनके निधन पर शोक जताया और उनके योगदान को याद किया। संतोखी 2020 से 2025 तक सूरीनाम के राष्ट्रपति रहे। इससे पहले वे पुलिस अधिकारी और न्याय मंत्री भी रह चुके थे। उन्होंने 1982 में हुए राजनीतिक हत्याकांड की जांच की थी, जिसमें कई लोगों की हत्या हुई थी। इस कारण उन्हें द शेरिफ के नाम से भी जाना जाता था।
राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने देश की खराब आर्थिक स्थिति को सुधारने की कोशिश की। हालांकि इसके लिए उन्हें सख्त फैसले लेने पड़े, जिससे लोगों को महंगाई और सब्सिडी खत्म होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उनके कार्यकाल में कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुए। 2025 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वे दोबारा राष्ट्रपति नहीं बन सके। संतोखी को एक सख्त लेकिन ईमानदार नेता माना जाता था, जिन्होंने देश में कानून व्यवस्था और आर्थिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण काम किए।
न्यूयॉर्क टाइम्स और पेंटागन के बीच विवाद
अमेरिका में मीडिया की आजादी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने आरोप लगाया है कि पेंटागन कोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं कर रहा है। दरअसल, एक जज ने हाल ही में पेंटागन की उस नीति को रोक दिया था, जिसमें पत्रकारों की एंट्री पर सीमाएं लगाई गई थीं। जज पॉल फ्रीडमैन ने कहा था कि यह नियम पत्रकारों के अधिकारों का उल्लंघन करता है और कुछ रिपोर्टरों की मान्यता (क्रेडेंशियल) वापस देने का आदेश दिया था। लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि पेंटागन ने नया नियम बनाकर पुराने फैसले को दरकिनार करने की कोशिश की है।
पत्रकारों का आरोप है कि अब उन्हें इमारत में बिना अनुमति या एस्कॉर्ट के घूमने नहीं दिया जा रहा, जिससे रिपोर्टिंग करना मुश्किल हो गया है। वहीं सरकार का कहना है कि उसने कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन किया है और ये नियम सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। अब अदालत इस मामले पर दोबारा विचार कर रही है। यह मामला अमेरिका में प्रेस की स्वतंत्रता और सरकारी नियंत्रण के बीच टकराव का बड़ा उदाहरण बन गया है।
अमेरिका में मीडिया की आजादी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने आरोप लगाया है कि पेंटागन कोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन नहीं कर रहा है। दरअसल, एक जज ने हाल ही में पेंटागन की उस नीति को रोक दिया था, जिसमें पत्रकारों की एंट्री पर सीमाएं लगाई गई थीं। जज पॉल फ्रीडमैन ने कहा था कि यह नियम पत्रकारों के अधिकारों का उल्लंघन करता है और कुछ रिपोर्टरों की मान्यता (क्रेडेंशियल) वापस देने का आदेश दिया था। लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि पेंटागन ने नया नियम बनाकर पुराने फैसले को दरकिनार करने की कोशिश की है।
पत्रकारों का आरोप है कि अब उन्हें इमारत में बिना अनुमति या एस्कॉर्ट के घूमने नहीं दिया जा रहा, जिससे रिपोर्टिंग करना मुश्किल हो गया है। वहीं सरकार का कहना है कि उसने कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन किया है और ये नियम सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। अब अदालत इस मामले पर दोबारा विचार कर रही है। यह मामला अमेरिका में प्रेस की स्वतंत्रता और सरकारी नियंत्रण के बीच टकराव का बड़ा उदाहरण बन गया है।
न्यूयॉर्क में संदिग्ध विस्फोटक मिलने से हड़कंप
अमेरिका के व्हाइट प्लेन्स इलाके में एक अपार्टमेंट के बाहर संदिग्ध विस्फोटक मिलने से हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह लोगों ने तेज धमाकों की आवाज सुनी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह ट्रांसफॉर्मर फटने की आवाज है, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को एक छोटा विस्फोटक उपकरण मिला। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने या नुकसान की खबर नहीं है। सुरक्षा के लिए आसपास के लोगों को कुछ समय के लिए घरों में ही रहने को कहा गया।
पुलिस ने बताया कि यह डिवाइस रिमोट से उड़ाने के लिए तैयार नहीं था। मामले में दो संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले भी इलाके में ऐसे धमाके सुनाई दे चुके हैं, जिससे डर का माहौल बना हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह विस्फोटक किसने और क्यों रखा। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध चीज की सूचना तुरंत देने की अपील की है।
अमेरिका के व्हाइट प्लेन्स इलाके में एक अपार्टमेंट के बाहर संदिग्ध विस्फोटक मिलने से हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह लोगों ने तेज धमाकों की आवाज सुनी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह ट्रांसफॉर्मर फटने की आवाज है, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को एक छोटा विस्फोटक उपकरण मिला। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने या नुकसान की खबर नहीं है। सुरक्षा के लिए आसपास के लोगों को कुछ समय के लिए घरों में ही रहने को कहा गया।
पुलिस ने बताया कि यह डिवाइस रिमोट से उड़ाने के लिए तैयार नहीं था। मामले में दो संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले भी इलाके में ऐसे धमाके सुनाई दे चुके हैं, जिससे डर का माहौल बना हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह विस्फोटक किसने और क्यों रखा। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध चीज की सूचना तुरंत देने की अपील की है।
यमन के सांसद ने अमेरिकी पूर्व सैनिकों पर लगाया हत्या की साजिश का आरोप
यमन के सांसद अनसाफ अली मायो ने अमेरिका की एक अदालत में मुकदमा दायर कर आरोप लगाया है कि कुछ पूर्व अमेरिकी सैनिकों ने उनकी हत्या की कोशिश की थी। यह घटना 2015 की बताई जा रही है, जब वे यमन में थे। मुकदमे में कहा गया है कि ये सैनिक एक निजी कंपनी स्पीयर ऑपरेशंस ग्रुप के लिए काम कर रहे थे और उन्हें संयुक्त अरब अमीरात की ओर से पैसे दिए जा रहे थे। आरोप है कि इस कंपनी को हर महीने बड़ी रकम मिलती थी और सफल हमलों पर बोनस भी दिया जाता था।
मायो का कहना है कि उनके दफ्तर के बाहर बम लगाया गया था, लेकिन वे समय रहते बच गए। इसके बाद उन्हें अपना देश छोड़कर सऊदी अरब में रहना पड़ा। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करता है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय कानून और निजी सैन्य कंपनियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अदालत में अब इस पूरे मामले की सुनवाई होगी, जिससे कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
यमन के सांसद अनसाफ अली मायो ने अमेरिका की एक अदालत में मुकदमा दायर कर आरोप लगाया है कि कुछ पूर्व अमेरिकी सैनिकों ने उनकी हत्या की कोशिश की थी। यह घटना 2015 की बताई जा रही है, जब वे यमन में थे। मुकदमे में कहा गया है कि ये सैनिक एक निजी कंपनी स्पीयर ऑपरेशंस ग्रुप के लिए काम कर रहे थे और उन्हें संयुक्त अरब अमीरात की ओर से पैसे दिए जा रहे थे। आरोप है कि इस कंपनी को हर महीने बड़ी रकम मिलती थी और सफल हमलों पर बोनस भी दिया जाता था।
मायो का कहना है कि उनके दफ्तर के बाहर बम लगाया गया था, लेकिन वे समय रहते बच गए। इसके बाद उन्हें अपना देश छोड़कर सऊदी अरब में रहना पड़ा। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करता है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय कानून और निजी सैन्य कंपनियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अदालत में अब इस पूरे मामले की सुनवाई होगी, जिससे कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
बाइडन दंपती ने दो पिल्लों को गोद लिया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनकी पत्नी जिल बाइडन ने अपने घर में दो नए पिल्लों को शामिल किया है। इन पिल्लों के नाम 'बू' और 'स्काउट' रखे गए हैं। ये दोनों कुत्ते पहले एक पशु आश्रय में थे, जहां से उन्हें बचाया गया था। बाद में एक पशु कल्याण संस्था मानवीय पशु भागीदार ने इन्हें बाइडन परिवार से मिलवाया। बाइडन परिवार पहले भी अपने पालतू कुत्तों के लिए जाना जाता रहा है। व्हाइट हाउस में रहते समय उनके जर्मन शेफर्ड कुत्ते भी काफी चर्चा में रहे थे। हालांकि कुछ कुत्तों को व्यवहार संबंधी समस्याओं के कारण हटाना पड़ा था। अब नए पिल्लों को पहले ट्रायल के तौर पर घर लाया गया और बाद में उन्हें आधिकारिक रूप से गोद ले लिया गया।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनकी पत्नी जिल बाइडन ने अपने घर में दो नए पिल्लों को शामिल किया है। इन पिल्लों के नाम 'बू' और 'स्काउट' रखे गए हैं। ये दोनों कुत्ते पहले एक पशु आश्रय में थे, जहां से उन्हें बचाया गया था। बाद में एक पशु कल्याण संस्था मानवीय पशु भागीदार ने इन्हें बाइडन परिवार से मिलवाया। बाइडन परिवार पहले भी अपने पालतू कुत्तों के लिए जाना जाता रहा है। व्हाइट हाउस में रहते समय उनके जर्मन शेफर्ड कुत्ते भी काफी चर्चा में रहे थे। हालांकि कुछ कुत्तों को व्यवहार संबंधी समस्याओं के कारण हटाना पड़ा था। अब नए पिल्लों को पहले ट्रायल के तौर पर घर लाया गया और बाद में उन्हें आधिकारिक रूप से गोद ले लिया गया।
चीन में हाईवे टनल निर्माण स्थल पर विस्फोट, 4 की मौत, 9 घायल
दक्षिण-पश्चिम चीन के चोंगकिंग इलाके में निर्माणाधीन हाईवे टनल में हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ अन्य घायल हो गए। यह धमाका सोमवार दोपहर हुबेई और सिचुआन प्रांतों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से के निर्माण स्थल पर हुआ। वानझोउ जिला परिवहन आयोग के अनुसार, हादसा टनल निर्माण के दौरान हुआ। शुरुआती रिपोर्ट में एक व्यक्ति के लापता होने और 12 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में मंगलवार रात तक बचाव दल ने लापता व्यक्ति का शव बरामद कर लिया। वहीं, घायलों में से तीन लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसकी पुष्टि सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने की। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि विस्फोट ज्वलनशील गैस के कारण हुआ हो सकता है। घटना के बाद प्रशासन ने इलाके को घेर लिया है और हादसे के कारणों की जांच जारी है।
फ्लोरिडा एयरपोर्ट का नाम ट्रंप के नाम पर रखने की मंजूरी
अमेरिका के फ्लोरिडा में एक एयरपोर्ट का नाम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर रखने को मंजूरी मिल गई है। साथ ही ट्रंप ने मियामी में अपनी प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के लिए प्रस्तावित गगनचुंबी इमारत का डिजाइन भी जारी किया। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर 'प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट' रखा जाएगा। यह बदलाव जुलाई से लागू होगा। यह एयरपोर्ट ट्रंप के मार-ए-लागो एस्टेट के पास स्थित है।
इसके कुछ घंटों बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उनकी प्रस्तावित प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के डिजिटल डिजाइन की झलक दिखाई गई। डिजाइन का श्रेय मियामी स्थित फर्म बर्मेलो अजामिल को दिया गया है। ट्रंप ने इस वीडियो के साथ कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, केवल अपनी लाइब्रेरी की एक नई वेबसाइट का लिंक दिया, जिस पर 'जल्द आ रहा है' लिखा है और दान करने का विकल्प भी मौजूद है।
व्हाइट हाउस ने इस योजना को लेकर पूछे गए सवालों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया है। इस परियोजना के लिए मियामी डेड कॉलेज ने शहर के केंद्र में लगभग 3 एकड़ जमीन उपहार के रूप में दी है। दिसंबर में एक न्यायाधीश ने इस जमीन के हस्तांतरण को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। इस जमीन की कीमत 6.7 करोड़ डॉलर से अधिक बताई जा रही है।
इसके कुछ घंटों बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उनकी प्रस्तावित प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के डिजिटल डिजाइन की झलक दिखाई गई। डिजाइन का श्रेय मियामी स्थित फर्म बर्मेलो अजामिल को दिया गया है। ट्रंप ने इस वीडियो के साथ कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, केवल अपनी लाइब्रेरी की एक नई वेबसाइट का लिंक दिया, जिस पर 'जल्द आ रहा है' लिखा है और दान करने का विकल्प भी मौजूद है।
व्हाइट हाउस ने इस योजना को लेकर पूछे गए सवालों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया है। इस परियोजना के लिए मियामी डेड कॉलेज ने शहर के केंद्र में लगभग 3 एकड़ जमीन उपहार के रूप में दी है। दिसंबर में एक न्यायाधीश ने इस जमीन के हस्तांतरण को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। इस जमीन की कीमत 6.7 करोड़ डॉलर से अधिक बताई जा रही है।
मंगोलिया को एक साल में मिला तीसरा प्रधानमंत्री
मंगोलिया की संसद ने उच्राल न्याम-ओसोर को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। एक साल के भीतर यह तीसरी बार है, जब देश को नया प्रधानमंत्री मिला है। यह फैसला संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। मंगोलिया में बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच उच्राल ने राजनीतिक एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंतरिक मतभेदों ने बाहरी चुनौतियों को और गंभीर बना दिया है। सोमवार रात संसद के 126 में से 107 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया, जिनमें से 88 सांसदों (करीब 82.2 प्रतिशत) ने उच्राल के समर्थन में वोट दिया। इसके साथ ही 39 वर्षीय नेता के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।