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Wealth Creation: बाजार की गिरावट में छिपा है कमाई का बड़ा मौका, इस स्ट्रैटेजी से बना सकते हैं पैसा

Media Solutions Initiative Published by: मार्केटिंग डेस्क Updated Fri, 30 Jan 2026 01:30 PM IST
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market downturn hides a great opportunity to earn money make money with this strategy
केपीएस परमार - फोटो : अमर उजाला
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शेयर बाजार में अक्सर भू-राजनीतिक तनाव, ट्रेड वॉर या मांग में कमी जैसी खबरें अस्थिरता पैदा करती हैं। आम निवेशक इससे घबरा जाते हैं, लेकिन स्मार्ट इन्वेस्टर इसे कमाई का सबसे बड़ा जरिया मानते हैं। इसे बाजारी भाषा में 'स्पेशल सिचुएशन इन्वेस्टिंग' कहा जाता है, जहां खराब दौर से गुजर रही कंपनियों या सेक्टरों में पैसा लगाकर लंबी अवधि में मोटी कमाई की जा सकती है।

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बाजार में उतार-चढ़ाव एक सामान्य प्रक्रिया है। कई बार उपभोक्ता मांग, एआई (एआई) के कारण होने वाले बदलाव, सप्लाई चेन की दिक्कतें या केंद्रीय बैंकों के फैसले चुनौतियों का रूप ले लेते हैं।

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आदित्य वेल्थ सर्किल प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, केपीएस परमार का कहना है, "अर्थव्यवस्थाएं और कंपनियां समय-समय पर कठिन मैक्रो और बाहरी स्थितियों से जूझती हैं। ऐसी चुनौतियों के कारण अक्सर शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आती है, जो कई बार हकीकत से ज्यादा होती है। यही वो 'स्पेशल सिचुएशन' है, जहां अच्छी कंपनियों के शेयर बेहद आकर्षक वैल्यूएशन पर मिल जाते हैं और लंबी अवधि में शानदार रिटर्न देते हैं।"

आंकड़े बताते हैं कि जब किसी सेक्टर में हाहाकार मचा हो, तब निवेश करना फायदेमंद रहा है:

पावर सेक्टर: साल 2019-21 के दौरान बिजली उत्पादन में गिरावट और कोविड की मार के चलते पावर सेक्टर बेहाल था। उस समय बीएसई पावर इंडेक्स का रिटर्न मात्र 4% था। लेकिन जिन्होंने उस कमजोरी को भांपकर निवेश किया, उन्हें जनवरी 2021 से जनवरी 2022 के बीच 69% का जबरदस्त रिटर्न मिला।

मेटल सेक्टर: साल 2019 में ट्रेड बैरियर और 2020 में महामारी के कारण मेटल की मांग और कीमतें दोनों गिर गई थीं। लेकिन अगर किसी ने मई 2020 में बीएसई मेटल इंडेक्स में निवेश किया होता, तो मई 2021 तक उसका पैसा लगभग तीन गुना हो गया होता।

म्यूचुअल फंड्स के जरिए कैसे उठाएं फायदा?

विशेषज्ञों के मुताबिक, सीधे शेयर चुनने के बजाय म्यूचुअल फंड्स के जरिए इस स्ट्रैटेजी में निवेश करना सुरक्षित हो सकता है। फंड मैनेजर्स डीप रिसर्च के जरिए ऐसी कंपनियों की पहचान करते हैं जो अस्थायी समस्याओं से जूझ रही हैं।

केपीएस परमार के मुताबिक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड ने ऐसी ही स्ट्रैटेजी पर काम किया है। 31 दिसंबर, 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस फंड ने पिछले 5 वर्षों में 27.23% और लॉन्च (जनवरी 2019) से अब तक 21.02% का सालाना रिटर्न दिया है। बाजार की गिरावट से डरने के बजाय, उसे एक अवसर के रूप में देखना वेल्थ क्रिएशन की चाबी है। 'बॉटम-अप स्टॉक पिकिंग' और सही फंड का चुनाव निवेशकों को मुश्किल समय में भी मुनाफा कमा कर दे सकता है।

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