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धूप-दीप और कपूर से दूर होती है नकारात्मकता, ग्रहों के मिलते हैं शुभ प्रभाव
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Vinod Shukla
Updated Sun, 31 May 2026 05:16 PM IST
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सार
धार्मिक मान्यता के अनुसार सुबह और शाम कपूर जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। कपूर का संबंध विशेष रूप से राहु और केतु ग्रह से माना जाता है।
कपूर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार घर में सुगंध, धूप और कपूर का प्रयोग केवल वातावरण को महकाने के लिए नहीं किया जाता, बल्कि इसका संबंध सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और ग्रहों की शुभता से भी माना गया है। सनातन परंपरा में पूजा-पाठ के समय धूप, दीप और कपूर जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि इससे घर का वातावरण पवित्र होता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और नवग्रहों का शुभ प्रभाव बढ़ता है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में भी सुगंधित वातावरण को सुख-समृद्धि का कारक माना गया है।
कपूर जलाने से दूर होती है नकारात्मकता
धार्मिक मान्यता के अनुसार सुबह और शाम कपूर जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। कपूर का संबंध विशेष रूप से राहु और केतु ग्रह से माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार यदि घर में बार-बार तनाव, डर, बेचैनी या बिना कारण बाधाएं उत्पन्न हो रही हों तो कपूर जलाना लाभकारी माना जाता है। पूजा के बाद कपूर की आरती करने से वातावरण शुद्ध होता है और मन में सकारात्मक विचार आते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार भी घर के कोनों में कपूर की सुगंध फैलाने से रुकी हुई ऊर्जा सक्रिय होती है और मानसिक शांति बनी रहती है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।
धूप और धूपबत्ती का धार्मिक महत्व
पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में धूप को देवताओं को प्रसन्न करने वाला बताया गया है। मान्यता है कि चंदन, गुग्गुल, लोबान या प्राकृतिक धूप जलाने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सुगंधित धूप का संबंध गुरु और शुक्र ग्रह से माना जाता है। इससे घर में सकारात्मकता, आनंद और वैभव बढ़ता है। घर में नियमित रूप से धूप जलाने से वातावरण की अशुद्धियां दूर होती हैं और मन पूजा-पाठ में लगता है। ऐसा माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और मधुरता बनी रहती है।
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धार्मिक मान्यता है कि जिस घर में स्वच्छता और सुगंध बनी रहती है वहां मां लक्ष्मी का निवास होता है। फूलों की सुगंध, इत्र या प्राकृतिक सुगंधित वस्तुओं का प्रयोग करने से मन शांत रहता है और घर में प्रसन्नता का वातावरण बनता है।
ज्योतिष के अनुसार सुगंध का संबंध शुक्र ग्रह से माना गया है। शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य और ऐश्वर्य का कारक कहा जाता है। इसलिए घर में सुगंधित वातावरण बनाए रखने से शुक्र मजबूत होता है और जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में हमेशा प्राकृतिक कपूर, शुद्ध घी और प्राकृतिक धूप का ही प्रयोग करना शुभ माना जाता है। टूटे या गंदे पात्र में धूप या कपूर नहीं जलाना चाहिए। सुबह और शाम पूजा के समय धूप-दीप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और ग्रहों की शुभता बढ़ती है।
कपूर जलाने से दूर होती है नकारात्मकता
धार्मिक मान्यता के अनुसार सुबह और शाम कपूर जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। कपूर का संबंध विशेष रूप से राहु और केतु ग्रह से माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार यदि घर में बार-बार तनाव, डर, बेचैनी या बिना कारण बाधाएं उत्पन्न हो रही हों तो कपूर जलाना लाभकारी माना जाता है। पूजा के बाद कपूर की आरती करने से वातावरण शुद्ध होता है और मन में सकारात्मक विचार आते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार भी घर के कोनों में कपूर की सुगंध फैलाने से रुकी हुई ऊर्जा सक्रिय होती है और मानसिक शांति बनी रहती है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।
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धूप और धूपबत्ती का धार्मिक महत्व
पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में धूप को देवताओं को प्रसन्न करने वाला बताया गया है। मान्यता है कि चंदन, गुग्गुल, लोबान या प्राकृतिक धूप जलाने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सुगंधित धूप का संबंध गुरु और शुक्र ग्रह से माना जाता है। इससे घर में सकारात्मकता, आनंद और वैभव बढ़ता है। घर में नियमित रूप से धूप जलाने से वातावरण की अशुद्धियां दूर होती हैं और मन पूजा-पाठ में लगता है। ऐसा माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और मधुरता बनी रहती है।
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सुगंधित वातावरण से बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जाधार्मिक मान्यता है कि जिस घर में स्वच्छता और सुगंध बनी रहती है वहां मां लक्ष्मी का निवास होता है। फूलों की सुगंध, इत्र या प्राकृतिक सुगंधित वस्तुओं का प्रयोग करने से मन शांत रहता है और घर में प्रसन्नता का वातावरण बनता है।
ज्योतिष के अनुसार सुगंध का संबंध शुक्र ग्रह से माना गया है। शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य और ऐश्वर्य का कारक कहा जाता है। इसलिए घर में सुगंधित वातावरण बनाए रखने से शुक्र मजबूत होता है और जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में हमेशा प्राकृतिक कपूर, शुद्ध घी और प्राकृतिक धूप का ही प्रयोग करना शुभ माना जाता है। टूटे या गंदे पात्र में धूप या कपूर नहीं जलाना चाहिए। सुबह और शाम पूजा के समय धूप-दीप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और ग्रहों की शुभता बढ़ती है।

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