360 vs 540 Degree Camera: जानें क्या है ट्रांसपेरेंट बोनट तकनीक और नई कार के लिए कौन सा विकल्प है स्मार्ट
Car Safety Technology: आधुनिक कारों में 360 डिग्री कैमरे के बाद अब 540 डिग्री कैमरा टेक्नोलॉजी भी आने लगी है, लेकिन दोनों में अंतर क्या होता है और कौन-सा सिस्टम आपकी ड्राइविंग के लिए ज्यादा सुरक्षित हो सकता है। आइए जानते हैं इस लेख में।
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Off Road Camera System: अब नई कार्स लगातार एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस होती जा रही है। कुछ साल पहले तक जहां 360 डिग्री कैमरा गाड़ियों में एक प्रीमियम फीचर माना जाता था, वहीं अब कई नई कारों में ग्राहकों को 540 डिग्री कैमरा भी मिलने लगा है। ऐसे में जो लोग एक शानदार गाड़ी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, उनके मन में एक सवाल जरुर होगा कि आखिर 360 और 540 डिग्री कैमरे में क्या अंतर है और कौन-सी तकनीक ज्यादा बेहतर है।
360-डिग्री कैमरा कैसे काम करता है ?
- 360-डिग्री कैमरा सिस्टम में कार के चारों तरफ कैमरे लगाए जाते हैं। ये कैमरे फ्रंट ग्रिल, दोनों साइड मिरर और पीछे के हिस्से में लगे होते हैं।
- चारों कैमरे मिलकर कार के आसपास का बर्ड्स-आई व्यू तैयार करते हैं, जिसे ड्राइवर इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर देख सकता है।
- इस तकनीक से ड्राइवर को संकरी गलियों में गाड़ी निकालने में, रिवर्स पार्किंग में, भीड़भाड़ वाली जगहों पर ड्राइविंग में, ब्लाइंड स्पॉट देखने में काफी मदद मिलती है।
540-डिग्री कैमरा क्या है और कैसे काम करता है?
- 540-डिग्री कैमरे को 360-डिग्री सिस्टम के एडवांस वर्जन के रुप में पेश किया गया है। यह कार के चारों तरफ का व्यू दिखाने के साथ-साथ गाड़ी के नीचे का हिस्सा भी स्क्रीन पर दिखाता है। इसे कई कंपनियां ट्रांसपेरेंट बोनट टेक्नोलॉजी भी कहती हैं।
- जब कार आगे बढ़ती है, तो फ्रंट कैमरा सड़क की फुटेज रिकॉर्ड करता है। इसके बाद सॉफ्टवेयर ऐसा व्यू तैयार करता है, जिससे ऐसा लगता है कि कार का बोनट पारदर्शी हो गया है। इससे ड्राइवर को यह देखने में मदद मिलती है कि कार के नीचे या आगे कौन-सा गड्ढा, पत्थर या स्पीड ब्रेकर मौजूद है।
क्या भारतीयों सड़कों के लिए यह ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है?
- भारत की सड़कों पर अक्सर अचानक गड्ढे, ऊंचे स्पीड ब्रेकर और खराब रास्ते मिल जाते हैं। कभी-कभी तो चालक काे सीट से कई चीजें नहीं दिखाई देती, इसी स्थिति में काम आता है 560 डिग्री कैमरा। यह कार के नीचे का लाइव व्यू भी दिखाता है, जिससे ड्राइवर की यह समस्या भी खत्म हो जाती है।
- अगर फायदों की बात करें तो इसके कई लाभ हो सकते हैं। सबसे पहला तो गाड़ी गहरे गड्ढों में गिरने से बच सकती है, जिससे बड़ा खतरा टल सकता है। इसके अलावा टायर को नुकसान से सुरक्षा मिल सकती है। अंडरबॉडी की सुरक्षा, खराब रास्तों पर बेहतर कंट्रोल और ऑफ-रोडिंग करने वालों के लिए तो यह काफी कमाल का साबित हो सकता है। क्योंकि उबड़-खाबड़ रास्तों में नीचे आसानी से देख सकेंगे। इस फीचर की मदद से ड्राइवर बिना कार से उतरे यह देख सकता है कि पहियों के नीचे क्या मौजूद है।
ऐसे समझें ऑफ रोडिंग के दौरान कौन-सा फीचर ड्राइविंग को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाता है...
| फीचर | 360-डिग्री कैमरा | 540-डिग्री कैमरा |
|---|---|---|
| कार के चारों ओर व्यू | हां | हां |
| अंडरबॉडी व्यू | नहीं | हां |
| ट्रांसपेरेंट बोनट फीचर | नहीं | हां |
| पार्किंग में मदद | हां | हां |
| ऑफ-रोडिंग में मदद | सीमित | ज्यादा |
| ब्लाइंड स्पॉट कवरेज | अच्छा | बेहतर |
कौन-सी तकनीक है ज्यादा स्मार्ट?
अगर आप रोज आने जानें के लिए ड्राइविंग करते हैं, तो पार्किंग या शहर में चलाने के लिए 360 डिग्री वाला कैमरा ही पर्याप्त और उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन अगर आप अक्सर ऑफ रोडिंग करना पसंद करते हैं, या फिर आप ज्यादा सुरक्षा और एडवांस फीचर्स के शौकीन हैं, तो 540 डिग्री वाला भी आपके लिए एक बेहतर विकल्प बन सकता है। यह तकनीक कार के नीचे मौजूद ब्लाइंड स्पॉट को भी खत्म कर देती है और ड्राइविंग को पहले से ज्यादा सुरक्षित बना देती है।