फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   77 Lakh FASTag Annual Passes Issued 11 Months, India Toll System Gets Smarter

FASTag: 77 लाख लोगों ने उठाया फायदा फास्टैग एनुअल पास का फायदा, जानें आखिर क्यों बढ़ रही है इसकी डिमांड

Thu, 23 Jul 2026 06:28 PM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Thu, 23 Jul 2026 06:28 PM IST
सार

FASTag Annual Pass: नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के बीच एनुअल फास्टैग पास की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से राज्यसभा की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, देश में कार, जीप और वैन श्रेणी के कुल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन में करीब 33 प्रतिशत हिस्सेदारी अब इसी के पास है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस एनुअल पास में आपको कितनी टोल क्रॉसिंग मिलती हैं और भविष्य में बिना रुके टोल काटने के लिए सरकार कौन सी नई AI तकनीक लाने जा रही है? आइए जानते हैं FASTag नेटवर्क से जुड़ी हर एक महत्वपूर्ण बात के बारे में विस्तार से...
 

विज्ञापन
77 Lakh FASTag Annual Passes Issued 11 Months, India Toll System Gets Smarter
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

NHAI FASTag: देश में हाईवे पर सफर लगातार डिजिटल और आसान होता जा रहा है। फास्टैग के बढ़ते इस्तेमाल ने टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को काफी हद तक कम किया है। अब सरकार ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि पिछले 11 महीनों में 77 लाख से ज्यादा फास्टैग एनुअल पास जारी किए जा चुके हैं। वहीं, भविष्य में एआई और कैमरा आधारित नई टोल तकनीक लागू होने के बाद वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन


11 महीनों में कितने फास्टैग एनुअल पास जारी हुए?
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि जून 2026 तक देशभर में 77 लाख से अधिक फास्टैग एनुअल पास जारी किए जा चुके हैं। इन पासों के जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर 63 करोड़ से ज्यादा टोल ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं।
  • विज्ञापन
  • सरकार के अनुसा , कार, जीप और वैन श्रेणी के वाहनों की ओर से किए जाने वाले कुल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) में करीब 33 फीसदी हिस्सेदारी अकेले एनुअल फास्टैग पास की है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
टोल प्लाजा पर कम हुआ ट्रैफिक
वहीं, सरकार का यह भी कहना है कि एनुअल फास्टैग पास लागू हाेने के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों की भीड़ में कमी देखी गई है। इससे न सिर्फ टोल संचालन अधिक व्यवस्थित हुआ है, बल्कि यात्रियों का समय भी बच रहा है और सफर पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बन गया है।

FASTag Annual Pass क्या है?
NHAI के अनुसार, प्राइवेट कार, जीप और वैन के लिए FASTag Annual Pass की कीमत 3,075 रुपये है। यह पास एक वर्ष तक मान्य रहता है, या 200 टोल क्रॉसिंग तक वैध होता है। जो भी सीमा पहले पूरी होती है, उसी के अनुसार पास की वैधता समाप्त हो जाती है।

98% टोल कलेक्शन अब फास्टैग से
सरकार के आंकड़ों के अुनसार, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले करीब 98 फीसदी टोल शुल्क का भुगतान अब फास्टैग के जरिए ही किया जा रहा है। यह देश में डिजिटल टोल भुगतान की बढ़ती स्वीकार्यता को भी दर्शाता है।

इससे कैसे सुरक्षित रहता है हर ट्रांजैक्शन?
सरकार के अनुसार, मौजूदा समय में नेशनल हाईवे पर कुल जमा होने वाले टोल टैक्स का 98 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ फास्टैग के माध्यम से ही कलेक्ट किया जा रहा है।
  • 4-स्तरीय डिजिटल सुरक्षा: सभी फास्टैग लेन-देन एक बेहद सुरक्षित और आधुनिक डिजिटल नेटवर्क के जरिए संपन्न होते हैं। इसमें टोल मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर, अक्वॉयरर बैंक, एनपीसीआई और फास्टैग जारी करने वाला बैंक आपस में जुड़े रहते हैं।
  • पारदर्शिता: हर एक लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड सेंट्रल डेटाबेस में पूरी तरह सुरक्षित रहता है और पैसे कटते ही वाहन मालिक के रजिस्टर्ड फोन पर तुरंत नोटिफिकेशन आ जाता है।
  • त्वरित शिकायत निवारण: टोल कटने या शुल्क से संबंधित किसी भी समस्या के तुरंत समाधान के लिए एनएचएआई ने एक असरदार शिकायत निवारण ढांचा भी तैयार किया है। सरकार के अनुसार, हर टोल भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड केंद्रीय डेटाबेस में सुरक्षित रखा जाता है और भुगतान होते ही वाहन मालिक को तुरंत सूचना भेज दी जाती है।

अब आएगी नई MLFF टोल टेक्नोलॉजी
  • इसके बाद सरकार भविष्य में टोल सिस्टम को और आधुनिक बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए Multi Lane Free Flow (MLFF) तकनीक लागू की जाएगी, जिसमें ANPR यान ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्नाइजेशन, AI आधारित एनालिटिक्स और RFID तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • इस तकनीक के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने या स्पीड कम करने की जरूरत नहीं होगी। सिस्टम वाहन की पहचान कर सीधे संबंधित अकाउंट से टोल शुल्क काट लेगा।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
इससे हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को भी खूब फायदा हो सकता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर इंतजार कम होगा।सफर पहले से तेज होगा।ट्रैफिक जाम में कमी आएगी। डिजिटल भुगतान और अधिक पारदर्शी होगा और टोल कलेक्शन की प्रक्रिया और प्रभावी बनेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed