Indore EV Fire Accident: क्या रातभर कार चार्ज करना है खतरनाक? ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन से जानें जरूरी बातें
Indore EV Fire Expert Opinion: इंदौर में हुए हादसे के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर उठे सवालों के बीच ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन ने साफ किया कि ऐसे मामले बेहद दुर्लभ होते हैं और अक्सर कई गलतियों के एक साथ घटित होने से होते हैं। उन्होंने बताया कि ईवी को रातभर चार्ज करना सामान्य है, लेकिन सही वायरिंग, वेंटिलेशन और चार्जिंग सेटअप बेहद जरूरी है। उनसे हुई एक्सक्लूसिव बातचीत के अंश आप इस लेख के माध्यम से पढ़ सकते हैं....
विस्तार
हाल ही में इंदौर में हुए एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। एक इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान आग लगने से पूरे घर में आग फैल गई, जिसके चलते जान-माल का भारी नुकसान हुआ। क्या वाकई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खतरनाक हैं? क्या बेसमेंट में चार्जिंग करना सुरक्षित है? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए 'अमर उजाला' ने देश के जाने-माने ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट टूटू धवन से खास बातचीत की।
यहां पढ़ें इस खास बातचीत के मुख्य अंश:
इंदौर में हादसा कार की वजह से कैसे हुआ?
एक्सपर्ट टूटू धवन का कहना है कि यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें कई सारे नकारात्मक फैक्टर्स एक साथ घटित हो गए। घर की सुरक्षा के लिए लगाए गए सिक्योरिटी लॉक्स भी फेल हो गए जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए। नई तकनीक वाली गाड़ियों में भी ऐसे हादसे हजार में से एक बार देखने को मिलते हैं। बैटरी फटने या आंतरिक शॉर्ट सर्किट के मामले बहुत ही दुर्लभ होते हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन को रातभर चार्ज करना कितना सुरक्षित है?
अक्सर लोग अपने मोबाइल फोन की तरह इलेक्ट्रिक कार को भी रातभर चार्ज पर लगा छोड़ देते हैं ताकि सुबह बैटरी फुल मिले। ये कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर चार्जिंग पर लगी गाड़ी में आग लग जाएगी। यह हादसा भी उन दुर्लभ मामलों में से एक है जहां शायद चार्जिंग कनेक्शन ठीक से नहीं लगा था या फिर बैटरी में कोई खराबी आ गई थी। टू-व्हीलर और फोर- व्हीलर में आग लगने के हादसे कॉम्बिनेशन ऑफ एरर्स की वजह से होते हैं।
क्या बेसमेंट में ईवी चार्जिंग पॉइंट से भी खतरा हो सकता है?
हाई-राइज बिल्डिंग्स के बेसमेंट में ऐसे हादसे पहले भी देखे गए हैं। कई बार 12वें या 18वें फ्लोर पर रहने वाले लोग चार्जिंग बंद करने के लिए नीचे नहीं आ पाते। आज की ईवी में इनबिल्ट चार्जिंग सेफ्टी फीचर होता है जो बैटरी फुल होने पर चार्जिंग अपने आप बंद कर देता है। लेकिन कभी-कभी इस सिस्टम में खराबी आ जाती है और बैटरी लगातार चार्ज होती रहती है। बैटरी चार्ज होते समय कई केमिकल रिएक्शन होते हैं जिससे उसका तापमान काफी बढ़ता है। हालांकि नई लिथियम-ऑयन बैटरी वाली ईवी में इनबिल्ट कूलिंग सिस्टम होता है, लेकिन सिस्टम के फेल होने पर यही गर्मी खतरनाक साबित हो सकती है।
गाड़ी की बैटरी की हेल्थ कैसे चेक करें?
टूटू धवन बताते हैं कि घर पर बैटरी की हेल्थ चेक करने का कोई सीधा साधन नहीं है। यह सुविधा ऑथराइज्ड डीलरशिप के पास होती है, जहां वे सॉफ्टवेयर के जरिए आपको बैटरी की हेल्थ और उसकी बची हुई लाइफ की सटीक जानकारी दे सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे आपके स्मार्टफोन में बैटरी हेल्थ चेक करने का फीचर होता है।
सीएनजी गाड़ियों में आग क्यों लग जाती है?
केवल ईवी ही नहीं, सीएनजी और एलपीजी गाड़ियों में भी आग लगने का 99 प्रतिशत कारण शॉर्ट सर्किट ही होता है। आज की कारों का इंटीरियर काफी हद तक सिंथेटिक होता है। वायरिंग गर्म होने पर प्लास्टिक के डैशबोर्ड और एसी सिस्टम में आग पकड़ लेती है जिसे बिना फायर फाइटिंग सिस्टम के बुझाना बहुत मुश्किल होता है।
क्या ऑटोमैटिक गाड़ियां खरीदना सही है?
मैनुअल और ऑटोमैटिक कारों में सुरक्षा को लेकर कोई बड़ा अंतर नहीं है, बल्कि ऑटोमैटिक कारें आपको ज्यादा सुविधा देती हैं। बढ़ते ट्रैफिक और लंबी ड्राइविंग के लिए ऑटोमैटिक कारें एक आरामदायक और भरोसेमंद विकल्प हैं। इनमें बार-बार गियर बदलने और क्लच दबाने के झंझट से मुक्ति मिलती है जिससे ड्राइविंग के दौरान मन की शांति बनी रहती है।
ईवी मालिकों के लिए खास 'क्या करें और क्या न करें'
एक्सपर्ट ने ईवी मालिकों को कुछ बेहद जरूरी सलाह दी है। ईवी को कभी भी बंद गैराज या पैक बेसमेंट में चार्जिंग पर न छोड़ें। चार्जिंग के लिए हमेशा हवादार और खुली जगह का इस्तेमाल करें। अपनी ईवी को अन्य गाड़ियों से थोड़ा दूर पार्क करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में दूसरी गाड़ियों और घर को नुकसान न पहुंचे।