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Car Paint Care Tips: आपकी कार की चमक क्यों कम हो रही है? जानें सही देखभाल के उपाय
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 23 Feb 2026 11:16 PM IST
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सार
कार का पेंट सिर्फ लुक के बारे में नहीं होता। यह उसके नीचे के मेटल को गर्मी, बारिश और गंदगी से बचाता है। लेकिन भारतीय हालात मुश्किल हैं।
Car Paint Protection
- फोटो : Freepik
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विस्तार
कार की पेंट सिर्फ चमक के लिए नहीं होती, बल्कि यह नीचे मौजूद मेटल को धूप, बारिश, धूल और गंदगी से बचाती है। भारतीय हालात जैसे तेज धूप, प्रदूषण और धूल, धीरे-धीरे पेंट पर असर डालते हैं। कुछ वर्षों के बाद चमक कम होने लगती है और बारीक खरोंच दिखने लगती हैं। अच्छी बात यह है कि थोड़ी-सी सही देखभाल से पेंट लंबे समय तक नई जैसी रह सकती है।
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क्या नियमित धुलाई सबसे जरूरी कदम है?
हां। नियमित वॉश पेंट की सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। गाड़ी पर जमी धूल अगर लंबे समय तक रहे तो क्लियर कोट को नुकसान पहुंचा सकती है। पक्षियों की बीट और पेड़ों का रस तो और भी नुकसानदेह होते हैं। इन्हें नजरअंदाज करने पर स्थायी दाग पड़ सकते हैं।
आम तौर पर हर 1-2 हफ्ते में धुलाई पर्याप्त होती है। अगर कार रोज इस्तेमाल होती है तो थोड़ी ज्यादा बार धुलाई की जा सकती है।
हां। नियमित वॉश पेंट की सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। गाड़ी पर जमी धूल अगर लंबे समय तक रहे तो क्लियर कोट को नुकसान पहुंचा सकती है। पक्षियों की बीट और पेड़ों का रस तो और भी नुकसानदेह होते हैं। इन्हें नजरअंदाज करने पर स्थायी दाग पड़ सकते हैं।
आम तौर पर हर 1-2 हफ्ते में धुलाई पर्याप्त होती है। अगर कार रोज इस्तेमाल होती है तो थोड़ी ज्यादा बार धुलाई की जा सकती है।
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कार धोने में सही क्लीनर क्यों मायने रखता है?
कार शैम्पू ही इस्तेमाल करें। वॉशिंग पाउडर या बर्तन धोने वाला साबुन बहुत कठोर होता है और पेंट की प्रोटेक्टिव लेयर उतार देता है। समय के साथ पेंट फीकी दिखने लगती है।
धूप में कार धोना नुकसानदेह क्यों है?
सीधी धूप में पानी जल्दी सूख जाता है, जिससे साबुन के निशान और पैच रह जाते हैं। बेहतर है सुबह जल्दी या शाम को कार धोएं।
कार शैम्पू ही इस्तेमाल करें। वॉशिंग पाउडर या बर्तन धोने वाला साबुन बहुत कठोर होता है और पेंट की प्रोटेक्टिव लेयर उतार देता है। समय के साथ पेंट फीकी दिखने लगती है।
धूप में कार धोना नुकसानदेह क्यों है?
सीधी धूप में पानी जल्दी सूख जाता है, जिससे साबुन के निशान और पैच रह जाते हैं। बेहतर है सुबह जल्दी या शाम को कार धोएं।
कपड़े का चुनाव कितना जरूरी है?
बहुत जरूरी। माइक्रोफाइबर कपड़ा सबसे अच्छा रहता है। खुरदरे कपड़े तुरंत दिखने वाली खरोंच न भी डालें, तो समय के साथ माइक्रो-स्क्रैच बढ़ाते हैं।
पार्किंग का पेंट पर कितना असर पड़ता है?
काफी ज्यादा। पूरे दिन धूप में खड़ी कार की पेंट जल्दी फीकी पड़ती है और रबर पार्ट्स भी जल्दी पुराने हो जाते हैं।
बहुत जरूरी। माइक्रोफाइबर कपड़ा सबसे अच्छा रहता है। खुरदरे कपड़े तुरंत दिखने वाली खरोंच न भी डालें, तो समय के साथ माइक्रो-स्क्रैच बढ़ाते हैं।
पार्किंग का पेंट पर कितना असर पड़ता है?
काफी ज्यादा। पूरे दिन धूप में खड़ी कार की पेंट जल्दी फीकी पड़ती है और रबर पार्ट्स भी जल्दी पुराने हो जाते हैं।
- छाया में पार्किंग बेहतर
- बेसमेंट पार्किंग सबसे अच्छी
- विकल्प न हो तो अच्छा कार कवर उपयोगी है
दाग-धब्बे तुरंत साफ करना क्यों जरूरी है?
खासकर पक्षियों की बीट- इसे अगली धुलाई तक न छोड़ें। गीले कपड़े से हल्के हाथ से तुरंत पोंछ दें। दो मिनट का काम बड़े नुकसान से बचाता है।
सूखी धूल पर पोंछना गलती क्यों है?
यह आम लेकिन बड़ी गलती है। धूल रेत की तरह काम करती है और साफ कपड़ा भी खरोंच डाल सकता है। हमेशा पहले पानी इस्तेमाल करें।
खासकर पक्षियों की बीट- इसे अगली धुलाई तक न छोड़ें। गीले कपड़े से हल्के हाथ से तुरंत पोंछ दें। दो मिनट का काम बड़े नुकसान से बचाता है।
सूखी धूल पर पोंछना गलती क्यों है?
यह आम लेकिन बड़ी गलती है। धूल रेत की तरह काम करती है और साफ कपड़ा भी खरोंच डाल सकता है। हमेशा पहले पानी इस्तेमाल करें।
वैक्स और सीलेंट से क्या फायदा होता है?
वैक्सिंग पेंट पर एक पतली सुरक्षा परत बनाती है। सतह स्मूद लगती है, पानी आसानी से फिसल जाता है और कार ज्यादा चमकदार दिखती है। हर कुछ महीनों में एक बार काफी है।
कुछ लोग पेंट सीलेंट पसंद करते हैं। ये वैक्स से ज्यादा टिकाऊ होते हैं, बस थोड़े महंगे।
पॉलिश कब और कितनी करनी चाहिए?
अगर पेंट थकी-सी लगे तो पॉलिश चमक लौटा सकती है। लेकिन इसे ज्यादा बार न करें, क्योंकि हर पॉलिश में क्लियर कोट की बेहद पतली परत हटती है। कभी-कभार ठीक है, बार-बार नहीं।
वैक्सिंग पेंट पर एक पतली सुरक्षा परत बनाती है। सतह स्मूद लगती है, पानी आसानी से फिसल जाता है और कार ज्यादा चमकदार दिखती है। हर कुछ महीनों में एक बार काफी है।
कुछ लोग पेंट सीलेंट पसंद करते हैं। ये वैक्स से ज्यादा टिकाऊ होते हैं, बस थोड़े महंगे।
पॉलिश कब और कितनी करनी चाहिए?
अगर पेंट थकी-सी लगे तो पॉलिश चमक लौटा सकती है। लेकिन इसे ज्यादा बार न करें, क्योंकि हर पॉलिश में क्लियर कोट की बेहद पतली परत हटती है। कभी-कभार ठीक है, बार-बार नहीं।
छोटे स्क्रैच और स्टोन-चिप्स को नजरअंदाज क्यों नहीं करना चाहिए?
छोटी-सी खुली जगह से जंग शुरू हो सकती है। टच-अप पेंट आसान समाधान है और कई सर्विस सेंटर यह सुविधा देते हैं।
क्या नई प्रोटेक्शन तकनीकें फायदेमंद हैं?
हां। सेरामिक कोटिंग और पेंट प्रोटेक्शन फिल्म (PPF) तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। लागत ज्यादा है, लेकिन बेहतर सुरक्षा, आसान सफाई और लंबे समय तक चमक देती हैं।
आखिर आसान नियम क्या हैं?
थोड़ी-सी नियमित देखभाल- सही धुलाई, सही क्लीनर, सही कपड़ा, समझदारी से पार्किंग और समय-समय पर प्रोटेक्शन- आपकी कार की पेंट को लंबे समय तक नई जैसी बनाए रख सकती है।
छोटी-सी खुली जगह से जंग शुरू हो सकती है। टच-अप पेंट आसान समाधान है और कई सर्विस सेंटर यह सुविधा देते हैं।
क्या नई प्रोटेक्शन तकनीकें फायदेमंद हैं?
हां। सेरामिक कोटिंग और पेंट प्रोटेक्शन फिल्म (PPF) तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। लागत ज्यादा है, लेकिन बेहतर सुरक्षा, आसान सफाई और लंबे समय तक चमक देती हैं।
आखिर आसान नियम क्या हैं?
थोड़ी-सी नियमित देखभाल- सही धुलाई, सही क्लीनर, सही कपड़ा, समझदारी से पार्किंग और समय-समय पर प्रोटेक्शन- आपकी कार की पेंट को लंबे समय तक नई जैसी बनाए रख सकती है।