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EV Policy 2.0: आधी हो जाएगी हाइब्रिड कारों की रोड टैक्स? जानें ड्राफ्ट में क्या है प्रस्ताव और सरकार की तैयारी
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:30 PM IST
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सार
Delhi Electric Vehicle Policy: दिल्ली में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी 2.0 अगले हफ्ते कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश की जा सकती है। इस पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ हाइब्रिड कारों को भी प्रोत्साहन देने पर विचार किया जा रहा है, जिससे वाहन बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आइए समझते हैं कि इस पॉलिसी का लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Hybrid Vehicle Incentive: क्या दिल्ली सरकार 2025 तक 95% नई गाड़ियों को इलेक्ट्रिक बनाकर प्रदूषण पर पूरी तरह लगाम लगा पाएगी? मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में अगले हफ्ते होने वाली कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीलक पॉलिसी 2.0 को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। हालांकि यहां नई नीति में हाइब्रिड गाड़ियों को सब्सिडी देने पर एक पेचिदा विवाद खड़ा हो गया, लेकिन अभी इसे लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
अगले हफ्ते कैबिनेट में पहुंच सकती है नई पॉलिसी
हाइब्रिड कारों को लेकर अभी भी बना हुआ है बड़ा सवाल
30 लाख रुपये तक की हाइब्रिड कारों को मिल सकती है राहत
पॉलिसी के ड्राफ्ट में 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली हाइब्रिड कारों के लिए रोड टैक्स में 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रस्ताव रखा गया है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो दिल्ली में हाइब्रिड वाहन खरीदने वालों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है, क्योंकि ग्राहकों को ग्राहकों को लागत में अच्छी-खासी राहत मिल सकती है, जिससे इस सेगमेंट की मांग भी बढ़ सकती है।
हाइब्रिड वाहन होते क्या हैं?
क्यों अहम है EV Policy 2.0?
अगले हफ्ते कैबिनेट में पहुंच सकती है नई पॉलिसी
- पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों को कहना है कि दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 को कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल सकती है।
- नई नीति का ड्राफ्ट अभी कुछ महीने पहले अप्रैल में सार्वजनिक किया गया था, जिससे तमाम स्टेकहोल्डर्स की राय ली जा सकें।
- सरकार का उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेज गति से बढ़ावा देना और EV अपनाने के मामले में दिल्ली की अग्रणी स्थिति को और मजबूत करना है।
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हाइब्रिड कारों को लेकर अभी भी बना हुआ है बड़ा सवाल
- हालांकि अभी भी नई पॉलिसी का सबसे चर्चित मुद्दा हाइब्रिड वाहनों को मिलने वाला संभावित इंसेंटिव है। सरकार हाइब्रिड वाहनों को भी सब्सिडी और टैक्स लाभ के दायरे में लाने के बारे में सोच रही हैं, लेकिन इस प्रस्ताव को लेकर लोग अलग-अलग राय रख रहे हैं। कुछ इसके पक्ष में हैं और कुछ विरोध में।
- अधिकारियों का मानना है कि कई देशों और क्षेत्रों में हाइब्रिड वाहनों को प्रोत्साहन मिलने से इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता बढ़ी है और उपभोक्ताओं को EV की ओर बढ़ने का आसान रास्ता मिला है।
30 लाख रुपये तक की हाइब्रिड कारों को मिल सकती है राहत
पॉलिसी के ड्राफ्ट में 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली हाइब्रिड कारों के लिए रोड टैक्स में 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रस्ताव रखा गया है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो दिल्ली में हाइब्रिड वाहन खरीदने वालों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है, क्योंकि ग्राहकों को ग्राहकों को लागत में अच्छी-खासी राहत मिल सकती है, जिससे इस सेगमेंट की मांग भी बढ़ सकती है।
हाइब्रिड वाहन होते क्या हैं?
- हाइब्रिड वाहन पारंपरिक पेट्रोल या डीजल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के संयोजन से चलते हैं। इनमें लगी बैटरी बाहरी चार्जिंग की जरूरत के बिना खुद चार्ज होती रहती है।
- बैटरी को इंजन और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से ऊर्जा मिलती है। यही वजह है कि हाइब्रिड वाहन सामान्य ICE वाहनों की तुलना में कम ईंधन खर्च करते हैं और कम उत्सर्जन पैदा करते हैं।
क्यों अहम है EV Policy 2.0?
- फिलहाल दिल्ली की ईवी पॉलिसी की अवधि 30 जून तक बढ़ाई गई है और इसे आगे भी बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में नई ईवी पॉलिसी 2.0 का जल्द लागू होना जरूरी माना जा रहा है।
- अगर कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो यह नीति दिल्ली के वाहन बाजार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हाइब्रिड वाहन सेगमेंट की दिशा बदल सकती है। साथ ही राजधानी को देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक वाहन हब में बदलने की योजना को भी नई गति मिल सकती है।