E85 Petrol: दिल्ली के बाद अब मुंबई पहुंचा E85 पेट्रोल, सामान्य पेट्रोल के मुकाबले 20 रुपये सस्ता
E85 को लागू करना सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद कच्चे तेल के आयात को कम करना, घरेलू इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देना और गाड़ियों से होने वाले उत्सर्जन को घटाना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए E85 पेट्रोल अब मुंबई में भी उपलब्ध हो गया है। 5 जून 2026 को राजधानी दिल्ली में लॉन्च किए गए इस विशेष ईंधन को अब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी रोलआउट कर दिया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि इसी महीने देश में पहली E85 कार और पहली फ्लेक्स-फ्यूल E85 मोटरसाइकिल भी लॉन्च की गई हैं। वहीं, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपनी फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर की डिलीवरी भी शुरू कर दी है। हालांकि यह कार फिलहाल केवल व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध है।
मुंबई में E85 पेट्रोल की कीमत कितनी है?
मुंबई में E85 पेट्रोल को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने लॉन्च किया है। यही कंपनी पहले दिल्ली में भी E85 पेट्रोल लेकर आई थी।
कीमतों की बात करें तो:
- दिल्ली में E85 पेट्रोल की कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर है।
- मुंबई में E85 पेट्रोल 91.18 रुपये प्रति लीटर में उपलब्ध है।
- मुंबई में सामान्य पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर है।
- इस हिसाब से E85 पेट्रोल, मुंबई में सामान्य पेट्रोल की तुलना में करीब 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता पड़ता है।
आखिर क्या है E85 पेट्रोल?
E85 एक विशेष प्रकार का फ्लेक्स-फ्यूल है, जिसमें:
- 85 प्रतिशत इथेनॉल
- 15 प्रतिशत पेट्रोल
का मिश्रण होता है।
भारत पहले ही अपने E20 लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले हासिल कर चुका है। अब देश उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
क्या हर वाहन में E85 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा सकता है?
नहीं। E85 पेट्रोल का उपयोग सामान्य पेट्रोल वाहनों में नहीं किया जा सकता।
इसके लिए विशेष रूप से तैयार किए गए फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की आवश्यकता होती है। ऐसे वाहनों के इंजन को अधिक इथेनॉल मिश्रण के अनुरूप विशेष रूप से ट्यून किया जाता है। ताकि वे E85 ईंधन पर बेहतर ढंग से काम कर सकें।
E100 ईंधन को लेकर क्या तैयारी चल रही है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी है कि उन्होंने E100 ईंधन के लिए आधिकारिक नियमों पर भी हस्ताक्षर कर दिए हैं। इससे साफ है कि भविष्य में और अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम जारी है।
भारत अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर जोर क्यों दे रहा है?
भारत अपनी कुल ईंधन जरूरतों का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है।
वहीं, अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है।
ऐसे में इथेनॉल आधारित ईंधन को एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
इथेनॉल मिश्रण से देश को क्या लाभ हो सकते हैं?
इथेनॉल को कृषि अपशिष्ट से तैयार किया जा सकता है। चूंकि भारत एक कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था है, इसलिए पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने से कई मोर्चों पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
संभावित फायदे:
- आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी।
- विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
- कृषि क्षेत्र को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
- कृषि अपशिष्ट के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
- ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलेगी।
- ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा।
E85 पेट्रोल का विस्तार क्या संकेत देता है?
दिल्ली के बाद मुंबई में E85 पेट्रोल की शुरुआत यह दर्शाती है कि देश धीरे-धीरे उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की उपलब्धता बढ़ने पर ऐसे ईंधनों का उपयोग भी आने वाले समय में और व्यापक हो सकता है।