दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की डिजिटल लोक अदालत: अब घर बैठे निपटाएं पेंडिंग चालान, कोर्ट जाने झंझट खत्म; जानें कैसे
Traffic Challan Settlement Online: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने तकनीक का हाथ थामते हुए डिजिटल लोक अदालत एप लॉन्च किया है। अब पेंडिंग चालान भरने के लिए न लंबी लाइनों में लगना होगा और न ही महीनों इंतजार करना पड़ेगा।
विस्तार
क्या आपके वाहन पर भी महीनों से ट्रैफिक चालान पेंडिंग है? दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने DSLSA (दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण) और NIC (नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर) के साथ मिलकर एक ऐसा डिजिटल सिस्टम तैयार किया है जो रियल-टाइम में आपके चालान का निपटारा करेगा। इस नई डिजिटल लोक अदालत के जरिए अब तक 1.25 लाख से ज्यादा चालान सुलझाए जा चुके हैं।
घर बैठे मिलेगा रियल-टाइम अपडेट
पहले लोक अदालत में चालान भरने के बाद सिस्टम में उसे अपडेट होने में काफी समय लगता था, लेकिन नई एप्लिकेशन के जरिए जैसे ही आपका चालान सेटल होगा, उसका स्टेटस तुरंत वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर अपडेट हो जाएगा। इसके बाद आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर तुरंत एसएमएस नोटिफिकेशन भी मिल जाएगा।
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कागजी कार्रवाई और गलतियों से मुक्ति
इस डिजिटल सिस्टम को सीधे वर्चुअल कोर्ट से जोड़ा गया है। इसका फायदा यह है कि डिजिटल लोक अदालत में जैसे ही कोई अपडेट होता है, वह अपने आप संबंधित प्लेटफॉर्म पर दिखाई देता है। साथ ही इससे पुलिस और कोर्ट के बीच डेटा का तालमेल बेहतर होगा। अब क्लर्क की ओर से मैन्युअल डाटा एंट्री की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे स्पेलिंग या अमाउंट की गलतियों की गुंजाइश खत्म हो गई है।
पेंडिंग केसों का होगा सुपरफास्ट निपटारा
दिल्ली की सड़कों पर लाखों चालान पेंडिंग रहते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य इसी बैकलॉग को खत्म करना है। वर्तमान स्पेशल लोक अदालत में अब तक लगभग 1.92 लाख चालान डाउनलोड किए गए हैं, जिनमें से 1,25,678 का निपटारा सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इसके साथ ही संबंधित वाहन मालिकों को एसएमएस नोटिफिकेशन भी भेजे जा चुके हैं।
ये सिस्टम क्यों लागू किया गया?
अधिकारियों का कहना है कि इस पारदर्शी सिस्टम से आम जनता को ये भरोसा रहेगा कि उनका चालान सही तरीके से भर सकेगा। साथ ही, कोर्ट के चक्कर लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी, जिससे समय की बचत होगी। इस डिजिटल पहल से:
- लंबित चालान मामलों का बैकलॉग कम होगा।
- वाहन मालिकों को जल्दी सेटलमेंट मिलेगा।
- क्लेरिकल त्रुटियों में कमी आएगी।
- लोक अदालत की कार्यवाही में पारदर्शिता बढ़ेगी।
ये डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में यह कदम ट्रैफिक प्रवर्तन सेवाओं को ज्यादा नागरिक-केंद्रित बनाने की कोशिश माना जा रहा है।
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1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
सबसे पहले आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) की ओर से जारी किए गए विशेष लोक अदालत लिंक पर जाना होगा। आमतौर पर लोक अदालत लगने से कुछ दिन पहले ये लिंक एक्टिवेट किया जाता है।
2. चालान की जानकारी दर्ज करें
पोर्टल पर आपको अपनी गाड़ी का नंबर या फिर चालान नंबर डालना होगा, इसके बाद आपके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज करने पर आप लॉग-इन कर पाएंगे।
3. पेंडिंग चालान का चयन
लॉग-इन करने के बाद, आपको अपने वाहन पर पेंडिंग सभी चालानों की लिस्ट दिखेगी। इसके बाद लोक अदालत में पेश करने के लिए आपको अपने चालान का Printable Notice या Download विकल्प चुनना होगा। ध्यान रहे यहां पर वही चालान निपटाए जाएंगे, जिनके लिए पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग की गई हो।
4. स्लॉट बुकिंग कैसे करें?
लोक अदालत के लिए एक समय और तारीख (Slot) अलॉट की जाएगी। चूंकि अब यह डिजिटल लोक अदालत है, तो आपको फिजिकल रूप से कोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ती। आप पोर्टल के जरिए अपने केस को जज के सामने डिजिटल रूप से सबमिट कर सकते हैं।
5. निपटारा और एसएमएस अपडेट
जैसे ही लोक अदालत का जज आपके चालान पर फैसला सुनाएगा सिस्टम आपको रियल टाइम में अपडेट कर देगा। वैसे तो अक्सर जुर्माना कम कर दिया जाता है या माफी दी जाती है।
6. मैसेज प्राप्त करें
चालान डिस्पोज होते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक मैसेज आएगा। साथ में पोर्टल से ही अपने केस के निपटारे की डिजिटल स्लिप डाउनलोड कर सकते हैं।
7. वर्चुअल कोर्ट पर स्टेटस चेक करें
ये डिजिटल लोक अदालत वर्चुअल कोर्ट सिस्टम से जुड़ी हुई है, इसलिए आपको अलग से कहीं जानकारी देने की जरूरत नहीं है। कुछ ही समय में आपका पेडिंग स्टेटस अपने आप हट जाएगा।
लिंक पर नजर रखें
लोक अदालत की तारीखें समय-समय पर घोषित की जाती हैं। अगली तारीख के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक्स या अधिकारिक वेबसाइट से जानकारी ले सकते हैं।