Used Cars: पुरानी कार खरीदने का मन है? खरीदने से पहले जरूर चेक करें ये 6 बातें, नहीं होगा नुकसान
पुरानी कार खरीदना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है, लेकिन इसके लिए आपको बाजार की सही समझ होनी चाहिए। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं जो आपकी मदद करेंगे:
विस्तार
पुरानी कार यानी पहले से इस्तेमाल किया हुआ वाहन (यूज्ड व्हीकल) खरीदना एक समझदारी भरा आर्थिक कदम हो सकता है। इससे काफी बचत होती है और आप ऐसे महंगे मॉडल्स भी खरीद पाते हैं जो शायद आपकी पहुंच से बाहर होते। हालांकि, पुरानी कारों के बाजार में सही चुनाव करने के लिए एक सोची-समझी रणनीति की जरूरत होती है। ताकि आपको अपनी रकम का पूरा मोल मिले और आपको किसी और की गाड़ी की तकनीकी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। यहां उन छह जरूरी बातों की एक पूरी गाइड दी गई है, जिन पर आपको पुरानी कार खरीदने का सौदा पक्का करने से पहले जरूर विचार करना चाहिए।
1. कीमत का फायदा कैसे उठाएं?
नई कार के मुकाबले पुरानी कार का सबसे बड़ा फायदा उसकी कम कीमत है। शोरूम से बाहर निकलते ही नई कार की वैल्यू गिरने लगती है और पहले साल में ही यह करीब 20 प्रतिशत तक कम हो जाती है। यानी एक साल पुरानी कार खरीदकर आप भारी बचत कर सकते हैं। बस ध्यान रखें कि खरीदने से पहले किसी अनुभवी मैकेनिक से कार की जांच जरूर करवा लें।
2. कम बजट में बड़ा मॉडल कैसे पाएं?
सेकेंड हैंड मार्केट में कार के 'वेरिएंट' का कीमत पर उतना असर नहीं पड़ता जितना नई कार के मामले में पड़ता है। अगर आप अच्छी तरह तलाश करें, तो आप नई कार के बेस मॉडल की कीमत में पुरानी कार का टॉप मॉडल खरीद सकते हैं।
3. लोन और इंश्योरेंस का बोझ कितना कम होगा?
पुरानी कार सस्ती होने के कारण आपको कम लोन लेना पड़ता है, जिससे ब्याज का बोझ भी कम रहता है। हालांकि, बैंक पुरानी कार के लोन पर ब्याज दर थोड़ी ज्यादा लेते हैं। इसके अलावा, पुरानी कार का इंश्योरेंस प्रीमियम भी कम होता है। क्योंकि इसकी आईडीवी (IDV) नई कार से कम हो चुकी होती है।
4. कागजी कार्रवाई की क्या स्थिति है?
अगर आप किसी डीलरशिप से कार खरीदते हैं, तो वे कागजों और जांच-परख की पूरी जिम्मेदारी खुद लेते हैं, जिससे खरीदार को परेशानी नहीं होती। लेकिन अगर आप सीधे किसी व्यक्ति से कार खरीद रहे हैं, तो सारे कागजी काम आपको खुद ही संभालने होंगे।
5. क्या वारंटी का लाभ मिलेगा?
अगर आप कंपनी के आधिकारिक (OEM) शोरूम से पुरानी कार खरीदते हैं, तो आपको कार की ओरिजिनल वारंटी के साथ-साथ डीलर की तरफ से मिलने वाली वारंटी का फायदा भी मिल सकता है। इसके उलट, किसी व्यक्ति से सीधे कार खरीदने पर आपको कोई वारंटी नहीं मिलती।
6. विकल्प की कमी
नई कार के मार्केट के मुकाबले पुरानी कार के बाजार में आपके पास चुनने के विकल्प कम होते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप किसी खास मॉडल का खास वेरिएंट ढूंढ रहे हैं, तो जरूरी नहीं कि वह उस समय बाजार में उपलब्ध हो। यहां आपको अपनी पसंद के साथ थोड़ा समझौता करना पड़ सकता है।