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Diesel: डीजल में इथेनॉल मिश्रण का ट्रायल सुरक्षा जांच में फेल, सरकार ने संसद में दी जानकारी
Tue, 11 Aug 2026 01:17 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:17 PM IST
सार
देशभर में बहुचर्चित E20 पेट्रोल को मानक ईंधन बनाए जाने के बाद केंद्र सरकार डीजल में भी जैव ईंधन मिलाने की संभावनाएं तलाश रही थी। हालांकि, इस दिशा में किए गए वैज्ञानिक परीक्षणों के नतीजे सरकार के लिए उत्साहजनक नहीं रहे। सरकार ने बताया है कि इथेनॉल मिश्रित डीजल निर्धारित फ्लैश प्वाइंट सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा।
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Ethanol Blending in Diesel
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
देश भर में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E20) को मानक बनाने के बाद, केंद्र सरकार डीजल में भी बायोफ्यूल मिलाने की योजना पर काम कर रही थी। हालांकि, संसद में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार डीजल में इथेनॉल मिश्रण का प्रयोग फ्लैश-पॉइंट सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा है।
संसद में एक लिखित उत्तर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि इथेनॉल मिलाने से डीजल का फ्लैश-पॉइंट अत्यधिक कम हो गया। जिसके कारण यह अनिवार्य सुरक्षा मापदंडों में विफल रहा। जब तक इस तकनीकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल जाता, तब तक डीजल में इथेनॉल के बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उपयोग की संभावना खारिज हो गई है।
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संसद में एक लिखित उत्तर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि इथेनॉल मिलाने से डीजल का फ्लैश-पॉइंट अत्यधिक कम हो गया। जिसके कारण यह अनिवार्य सुरक्षा मापदंडों में विफल रहा। जब तक इस तकनीकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल जाता, तब तक डीजल में इथेनॉल के बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उपयोग की संभावना खारिज हो गई है।
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इस संबंध में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की शोध रिपोर्ट में क्या सामने आया है?
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर्स, मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं और वाहन निर्माताओं के सहयोग से डीजल में इथेनॉल मिश्रण का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया था।- जांच का परिणाम: परीक्षणों में पाया गया कि इथेनॉल-मिश्रित डीजल तय फ्लैश-पॉइंट मानकों को पूरा नहीं कर सका।
- विफलता का कारण: इथेनॉल की उपस्थिति के कारण डीजल के जलने का तापमान यानी फ्लैश-पॉइंट अत्यधिक और तेजी से नीचे गिर गया, जिससे ईंधन की सुरक्षा पर जोखिम पैदा हो गया।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी
- फोटो : ANI
क्या डीजल में आइसोब्यूटेनॉल ब्लेंडिंग का विकल्प इस्तेमाल किया जा रहा है?
सरकार घरेलू इथेनॉल उत्पादन में हो रही बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए इसे ट्रांसपोर्ट फ्यूल के रूप में विस्तार देने के नए विकल्प तलाश रही है। अब तक सरकार का पूरा ध्यान पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग पर ही केंद्रित रहा है।संसद में जब मंत्री से डीजल में आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में डीजल के साथ आइसोब्यूटेनॉल का मिश्रण भी नहीं की जा रही है।
क्या पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को 20% (E20) से आगे बढ़ाया जाएगा?
पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने को लेकर भी सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है:- फिलहाल कोई फैसला नहीं: सुरेश गोपी ने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत से आगे बढ़ाने का फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
- भविष्य की योजना: भविष्य में इसमें किसी भी तरह की बढ़ोतरी केवल विस्तृत वैज्ञानिक और तकनीकी अध्ययनों के बाद ही की जाएगी। इसके लिए वाहन निर्माताओं, तेल विपणन कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों से गहन परामर्श लिया जाएगा।