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Electric Vehicle: पहली बार ईवी खरीदी है? जान लीजिए सर्विस में क्या बदलता है और क्या नहीं?

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Wed, 04 Feb 2026 12:41 PM IST
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सार

EV First Service Explained: नई इलेक्ट्रिक कार की पहली सर्विस पेट्रोल या डीजल गाड़ियों से काफी अलग और आसान होती है। इसमें न तो इंजन ऑयल बदलने की जरूरत होती है और न ही फिल्टर जैसी महंगी चीजों का झंझट रहता है। पहली सर्विस के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान बैटरी की सेहत पर दिया जाता है, जहां उसकी परफॉर्मेंस, चार्जिंग सिस्टम और कूलिंग मैकेनिज्म की पूरी जांच की जाती है।

EV First Service Explained: What Really Gets Checked in an Electric Car
EV First Service - फोटो : AI
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विस्तार
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अगर आपने हाल ही में नई इलेक्ट्रिक कार (ईवी) खरीदी है तो आप शायद सोच रहे होंगे कि पहली सर्विस में आखिर क्या-क्या बदला जाएगा? अच्छी बात यह है कि पेट्रोल या डीजल कारों के मुकाबले ईवी की सर्विस बहुत आसान होती है। यहां आपको इंजन ऑयल, ऑयल फिल्टर या एयर फिल्टर बदलने का झंझट और खर्चा नहीं झेलना पड़ता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गाड़ी को देखभाल की जरूरत नहीं है। इस लेख में जानेंगे कि सर्विस के दौरान किन खास चीजों की जांच की जाती है।

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1. बैटरी की जांच 

बैटरी आपकी गाड़ी का सबसे जरूरी हिस्सा है, ठीक वैसे ही जैसे हमारा दिल, इसलिए सर्विस के समय मैकेनिक इसकी सेहत पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं। इसमें खास मशीनों के जरिए यह देखा जाता है कि बैटरी कितनी पावर दे रही है और उसका चार्जिंग सिस्टम (BMS) ठीक से काम कर रहा है या नहीं। साथ ही, बैटरी को ठंडा रखने वाली प्रणाली की भी जांच की जाती है ताकि गाड़ी चलाते या चार्ज करते समय वह ज्यादा गरम न हो। आखिर में, तकनीशियन यह भी पक्का करते हैं कि बैटरी को बाहर से कोई चोट या नुकसान तो नहीं पहुंचा है, जिससे भविष्य में कोई खतरा न हो।

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2. ब्रेक सिस्टम 

इलेक्ट्रिक गाड़ियों में 'रीजेनरेटिव ब्रेकिंग' नाम की एक खास तकनीक होती है, जिससे गाड़ी जैसे ही धीमी होती है, उसकी बैटरी अपने आप चार्ज होने लगती है। इस वजह से ईवी में ब्रेक का इस्तेमाल आम कारों के मुकाबले कम होता है और ब्रेक कम घिसते हैं। लेकिन सुरक्षा के मामले में कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता इसलिए सर्विस के दौरान मैकेनिक ब्रेक पैड्स और डिस्क को अच्छी तरह चेक करते हैं। वे यह पक्का करते हैं कि ब्रेक पूरी तरह सुरक्षित हैं और सही समय पर प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं।

3. सॉफ्टवेयर अपडेट 

देखा जाए तो एक इलेक्ट्रिक गाड़ी काफी हद तक 'पहियों पर चलने वाले कंप्यूटर' की तरह होती है। यही वजह है कि कंपनियां समय-समय पर इसके लिए सॉफ्टवेयर अपडेट भेजती रहती हैं, जिससे गाड़ी चलाने का अनुभव बेहतर होता है, चार्जिंग की स्पीड बढ़ती है और कई बार तो नए फीचर्स भी जुड़ जाते हैं। इसलिए सर्विस के दौरान मैकेनिक आपके वाहन के सॉफ्टवेयर को चेक करते हैं और उसे लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट कर देते हैं ताकि आपकी गाड़ी हमेशा अपडेटेड और स्मूथ रहे।

अन्य महत्वपूर्ण जांच 

गाड़ी के मुख्य हिस्सों के अलावा, मैकेनिक कुछ और जरूरी चीजों को भी चेक करते हैं। इसमें सबसे पहले एसी को देखा जाता है कि वह सही कूलिंग कर रहा है या नहीं और उसके फिल्टर साफ हैं या नहीं। साथ ही, वाइपर और उसे चलाने वाले पानी (फ्लूइड) के लेवल की भी जांच होती है। इसके अलावा, उन चीजों को भी टेस्ट किया जाता है जिनका इस्तेमाल हम कभी-कभी करते हैं, जैसे कि पीछे के शीशे का डिफॉगर और फॉग लैंप्स, ताकि जरूरत पड़ने पर वे धोखा न दें।

भविष्य की संभावनाएं और मिथक

अक्सर लोगों को लगता है कि इलेक्ट्रिक गाड़ी की देखरेख करना बहुत मुश्किल काम है लेकिन सच तो यह है कि पेट्रोल या डीजल गाड़ियों के मुकाबले इसकी सर्विस कहीं ज्यादा आसान और सीधी होती है। अगर आप सही समय पर सर्विस कराते रहते हैं तो न केवल आपकी गाड़ी लंबे समय तक साथ निभाती है, बल्कि आपका सफर भी सुरक्षित और आरामदायक बना रहता है। याद रखें, गाड़ी की समय पर देखभाल ही उसे चलाने का असली मजा देती है।

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