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EV Safety: पानी और बिजली का मेल, फिर भी कैसे सुरक्षित हैं ईवी वाहन? खरीदने से पहले जान लें आखिर क्या है सच

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Fri, 12 Jun 2026 01:11 PM IST
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सार

Charging electric car in rain: क्या बारिश में इलेक्ट्रिक वाहन चलाने से शॉक लग सकता है? या फिर बाढ़ वाले रास्तों में ईवी ज्यादा जोखिम भरे होते हैं? कई लोगों के मन में यह सवाल होता है, तो आइए जानते हैं कि सच्चाई क्या है और आधुनिक इलेक्ट्रिक गाड़ियां कितनी सुरक्षित हैं।
 

EV Safe  Drive Charge Monsoon Rain? Know Reality Behind These Myths
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : adobe stock
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विस्तार

Is it safe to drive electric vehicle in heavy rain: आंधी, तूफान और बारिश के मौसम में सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम आम हो जाते हैं। ऐसे में मॉनसून से पहले इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने की योजना बना रहे कई लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है, कि क्या बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में EV सुरक्षित रहते हैं? बचपन से हमें सिखाया जाता है कि बिजली और पानी का मेल खतरनाक होता है, लेकिन क्या आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों में भी यह खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं कि बारिश, जलभराव और चार्जिंग को लेकर EVs के बारे में फैली बातों में कितनी सच्चाई है।


क्या बारिश में ईवी चलाना सुरक्षित है?
  • बारिश में ड्राइविंग किसी भी वाहन के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। फिसलन भरी सड़कें, कम विजिबिलिटी और लंबी ब्रेकिंग दूरी जोखिम बढ़ा सकती हैं। हालांकि सिर्फ इलेक्ट्रिक होने की वजह से ईवी में कोई अतिरिक्त खतरा नहीं होता।
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  • आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी पैक, हाई-वोल्टेज केबल और इलेक्ट्रिकल सिस्टम पूरी तरह सील और इंसुलेटेड होते हैं। इन्हें भारी बारिश और पानी के तेज दबाव जैसी परिस्थितियों में भी टेस्ट किया जाता है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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क्या ईवी पर बिजली गिरने का खतरा ज्यादा होता है?
  • यह भी एक मिथक है। इलेक्ट्रिक वाहन पर बिजली गिरने की संभावना किसी पेट्रोल या डीजल कार जितनी ही होती है।
  • आधुनिक कारों की ईवी बॉडी को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि बिजली वाहन के बाहरी हिस्से से गुजर जाए और अंदर बैठे यात्रियों को कोई नुकसान न पहुंचा सके। इसलिए इस मामले में ईवी और पेट्रो-डीजल कारों के बीच कोई बड़ा अंतर नहीं है।

क्या ईवी में हाइड्रोप्लेनिंग का खतरा ज्यादा होता है?
  • हाइड्रोप्लेनिंग तब होती है जब टायर और सड़क के बीच पानी की परत बन जाती है और वाहन का ट्रैक्शन कम हो जाता है। दिलचस्प बात यह है कि कई मामलों में ईवी को यहां फायदा मिलता है।
  • बैटरी पैक नीचे होने की वजह से इनका सेंटर ऑफ ग्रेविटी कम होता है और वजन अधिक होता है। इससे सड़क पर पकड़ बेहतर बनी रहती है और वाहन ज्यादा स्थिर महसूस होता है।
  • हालांकि एक्सपर्ट्स भारी बारिश में सावधानी रखने की सलाह देते हैं। तेज रफ्तार से बचें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और पानी भरे हिस्सों में धीरे चलें।

क्या बाढ़ वाले रास्तों पर ईवी चल सकते हैं?
  • गहरे पानी या बाढ़ वाले रास्तों में किसी भी वाहन को ले जाना खतरनाक माना जाता है। क्योंकि कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें बाढ़ या गढ्ढे पानी में गिरने से चालक की जान तक चली गई। जैसे की अभी कुछ महीने पहले ग्रेटर नोएडा में युवराज के साथ हुआ था।
  • हालांकि कंपनी का यह भी दावा करती है कि ईवी का ड्राइवट्रेन पूरी तरह सील होने की वजह से इंजन बंद होने जैसी समस्या नहीं होती। विनफास्ट जैसे निर्माताओं के इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी और हाई-वोल्टेज सिस्टम को कई स्तर की सुरक्षा के साथ डिजाइन किया गया है।
  • जैसे मान लीजिए, VF 7 MPV को 10 साल की बैटरी वारंटी और 7 साल की वाहन वारंटी दी जाती है। फिर भी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गहरे जलभराव वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए और वैकल्पिक मार्ग चुनना बेहतर होता है।

क्या बारिश में EV चार्ज करना सुरक्षित है?
  • इस सवाल को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम देखने को मिलता है। तो इसका जवाब है...हां, बारिश में ईवी चार्ज करना सुरक्षित माना जाता है। क्योंकि ईवी चार्जिंग सिस्टम  सामान्य घरेलू प्लग से अलग होते हैं और इन्हें आउटडोर उपयोग को ध्यान में रखकर बनाया जाता है।
  • चार्जिंग शुरू होने से पहले वाहन और चार्जर आपस में इलेक्ट्रॉनिक जांच करते हैं। अगर कोई गड़बड़ी या सुरक्षा जोखिम मिलता है तो बिजली की सप्लाई अपने आप बंद हो जाती है। यानी निर्माता के निर्देशों का पालन करने पर मॉनसून में चार्जिंग उतनी ही सुरक्षित रहती है जितनी सामान्य दिनों में।

ईवी चलाते समय रखें ये सावधानियां
  • पानी भरे रास्तों में प्रवेश करने से जितना हो सके, उतना बचें।
  • तेज रफ्तार से बचें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • टायरों की स्थिति नियमित रूप से चेक करें।
  • चार्जिंग पोर्ट और चार्जर को साफ रखें।
  • निर्माता कंपनी की ओर से दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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