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EV Insurance: आपका ईवी इंश्योरेंस किसी काम का है या सिर्फ नाम का? जरूर लें ये 5 एड-ऑन, वरना जेब हो जाएगी खाली!

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीे Published by: Suyash Pandey Updated Fri, 12 Jun 2026 12:47 PM IST
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सार

Electric Vehicle Insurance: इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने के बाद केवल बेसिक इंश्योरेंस लेना पर्याप्त नहीं माना जाता। ईवी की सबसे महंगी और महत्वपूर्ण यूनिट उसकी बैटरी होती है, जिसकी कीमत वाहन की कुल कीमत का बड़ा हिस्सा होती है। इसलिए बैटरी प्रोटेक्शन कवर, रोडसाइड असिस्टेंस, मोटर प्रोटेक्शन, चार्जर प्रोटेक्शन और जीरो डेप्रिसिएशन जैसे एड-ऑन कवर बेहद जरूरी हो जाते हैं।

EV Owners Beware: Basic Insurance May Not Be Enough
ईवी एड-ऑन इंश्योरेंस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक गाड़ियां (ईवी) लोगों की पहली पसंद बन रही हैं। शायद आपने भी ईवी खरीद ली होगी या खरीदने का प्लान बना रहे होंगे। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ईवी के लिए सिर्फ बेसिक इंश्योरेंस लेना काफी नहीं है।



अगर आपने सही इंश्योरेंस एड-ऑन नहीं चुने, तो छोटी सी खराबी पर भी आपको जोर का झटका लग सकता है। आइए समझते हैं कि ईवी के साथ आपको कौन से 5 इंश्योरेंस एड-ऑन जरूर लेने चाहिए, ताकि आपका सफर सुहाना रहे।

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1. बैटरी प्रोटेक्शन कवर

किसी भी ईवी की कुल कीमत का लगभग 60% हिस्सा सिर्फ उसकी बैटरी का होता है। कार कंपनियों की वारंटी की शर्तें अक्सर बहुत पेचीदा होती हैं।

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क्यों है जरूरी: कई बार गाड़ी के नीचे हल्का सा खरोंच लगने पर भी कंपनी वारंटी देने से मना कर देती है। ऐसे में अगर बैटरी डैमेज हुई, तो लाख-डेढ़ लाख रुपये का फटका लगना तय है। यह एड-ऑन आपको इस भारी खर्च से बचाता है।


2. रोड साइड असिस्टेंस (RSA)

कार कंपनियां अक्सर एक साल का रोड साइड असिस्टेंस तो देती हैं, लेकिन शहर के बाहर या दूर-दराज के इलाकों में यह ज्यादा काम नहीं आता।
क्यों है जरूरी: पेट्रोल-डीजल कारों की तरह ईवी को खराब होने पर धक्का देना या रस्सी से बांधकर खींचना मोटर को बर्बाद कर सकता है। ईवी को सुरक्षित सर्विस सेंटर तक ले जाने के लिए फ्लैटबेड टोइंग वैन की जरूरत होती है। इसलिए अपनी पॉलिसी में RSA एड-ऑन जरूर शामिल कराएं।


3. मोटर प्रोटेक्शन कवर

जिस तरह पेट्रोल कारों में इंजन प्रोटेक्शन कवर होता है, वैसे ही ईवी के लिए मोटर प्रोटेक्शन होता है। ईवी में इंजन की जगह मोटर, कंट्रोलर और कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स होते हैं।
क्यों है जरूरी: जलभराव, बाढ़ या ज्यादा बारिश के पानी की वजह से अगर मोटर खराब हो जाती है, तो साधारण इंश्योरेंस इसमें आपकी कोई मदद नहीं करेगा। इसके भारी-भरकम बिल से बचने के लिए यह एड-ऑन लेना बहुत समझदारी है।
 

4. चार्जर प्रोटेक्शन कवर

इलेक्ट्रिक गाड़ी की जान उसके चार्जर में बसती है। वैसे तो गाड़ी खरीदते समय बेसिक चार्जर साथ आता है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक आइटम होने के कारण इसके खराब होने के चांस रहते हैं।
क्यों है जरूरी: अगर चार्जर चोरी हो जाए या किसी वजह से खराब हो जाए, तो नया चार्जर खरीदना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। यह एड-ऑन आपके चार्जर को भी सुरक्षा की गारंटी देता है।


5. जीरो डेप्रिसिएशन कवर 

पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की तुलना में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स काफी महंगे होते हैं।
क्यों है जरूरी: साधारण (कॉम्प्रिहेंसिव) इंश्योरेंस होने पर एक्सीडेंट के समय प्लास्टिक या फाइबर पार्ट्स की कटी हुई कीमत का पैसा आपको अपनी जेब से भरना पड़ता है। जीरो डेप कवर (जिसे बंपर-टू-बंपर भी कहते हैं) लेने से एक्सीडेंट के क्लेम के दौरान आपको अपनी जेब से ना के बराबर पैसे देने पड़ते हैं और आपको पूरा सुकून मिलता है।

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