चालान का 'सेंचुरी' किंग: गुरुग्राम पुलिस ने जब्त की ऐसी बाइक, जिसका जुर्माना उसकी कीमत से भी ज्यादा!
गुरुग्राम के एक वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही वाहन चालकों को उनके लंबित चालानों की जानकारी देकर समय पर भुगतान करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुरुग्राम में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को एक विशेष चेकिंग अभियान के दौरान एक ऐसी मोटरसाइकिल को जब्त की है, जिस पर एक-दो नहीं बल्कि पूरे 107 चालान लंबित थे। हद तो तब हो गई जब इस बाइक का कुल बकाया जुर्माना गिना गया, जो लगभग 2.36 लाख रुपये निकला। अधिकारियों के अनुसार, इस वीआईपी डिफॉल्टर मोटरसाइकिल को नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पकड़ा गया।
ट्रैफिक पुलिस ने यह सख्त कदम क्यों उठाया?
-
विशेष अभियान का हिस्सा: यह कार्रवाई उन वाहन चालकों के खिलाफ चलाए जा रहे एक निरंतर अभियान के तहत की गई है। जो लगातार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित चालानों का भुगतान नहीं करते हैं।
-
कानूनी कार्रवाई: ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही वाहन चालकों को उनके पेंडिंग चालानों के बारे में सूचित भी किया जा रहा है और उन्हें तुरंत भुगतान करने की सलाह दी जा रही है।
सोमवार को इस अनोखी बाइक को कैसे दबोचा गया?
-
लेन अनुशासन की चेकिंग: सोमवार को ट्रैफिक इंस्पेक्टर महावीर सिंह और उनकी टीम एनएच-48 (NH-48) पर वाहनों को 'लेन अनुशासन' का पालन कराने के लिए एक विशेष चेकिंग अभियान चला रही थी।
-
नियमों की धज्जियां: इसी दौरान टीम ने इस मोटरसाइकिल को रोका। जब इस बाइक को रोका गया, तब न तो इस पर कोई हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगी थी और न ही इसे चलाने वाले राइडर ने हेलमेट पहना था।
जांच में क्या खुलासा हुआ और पुलिस ने आगे क्या किया?
-
खुलासों की झड़ी: अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस ने गाड़ी के नंबर और रिकॉर्ड का सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया, तो पता चला कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के विभिन्न प्रावधानों के तहत इस अकेली बाइक पर 107 चालान पेंडिंग थे। जिनकी कुल राशि करीब 2.36 लाख रुपये थी।
-
कागजात गायब: जब पुलिस ने चालक से गाड़ी से संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा, तो वह कोई भी कागज पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहा।
-
तुरंत जब्ती: इसके बाद गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत कार्रवाई की और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। इसके बाद गाड़ी को तय किए गए 'इम्प्राउंड पार्किंग फैसिलिटी' (जब्त वाहनों की पार्किंग) में भेज दिया गया।
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता से क्या अपील की है?
यह पूरी कार्रवाई बार-बार नियम तोड़ने वाले और लंबे समय से चालान न भरने वालों के खिलाफ पुलिस के बड़े अभियान का एक हिस्सा थी। इस घटना के बाद, गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के एक प्रवक्ता ने आम जनता और वाहन चालकों से विशेष अपील की है:
-
सभी लोग यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन करें।
-
अपने वाहनों के सभी जरूरी दस्तावेजों को हमेशा अपडेट रखें।
-
यदि कोई चालान पेंडिंग है, तो उसका समय पर भुगतान सुनिश्चित करें।
प्रवक्ता का संदेश: "यातायात नियमों का पालन करना न केवल आपकी खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य सभी लोगों की सुरक्षा के लिए भी बेहद आवश्यक है।"