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Turbocharged Engine: टर्बोचार्ज्ड इंजन क्या होता है और यह क्यों लगाया जाता है?

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 14 Jan 2026 10:26 PM IST
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सार

टर्बोचार्ज्ड इंजन को छोटे इंजन से ज्यादा पावर जेनरेट करने के लिए डिजाइन किया गया है। जानें इसक खासियतें।

How Turbocharged Engine-Powered Car Works Know Details
Car Driving - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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टर्बोचार्ज्ड इंजन का मकसद छोटे इंजन से ज्यादा ताकत निकालना होता है। यह इंजन के अंदर सामान्य से अधिक हवा भेजता है, जिससे ज्यादा ईंधन जल पाता है। आसान शब्दों में कहें तो जब इंजन को ज्यादा हवा और ज्यादा ईंधन मिलता है, तो पावर भी ज्यादा पैदा होती है- वो भी इंजन का साइज बढ़ाए बिना।

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नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन कैसे काम करता है?

नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन हवा को अपने आप सिलेंडर के अंदर खींचता है।

  • हवा और फ्यूल का मिश्रण बनता है
  • फिर उसे जलाकर पावर पैदा की जाती है
लेकिन इस तरह के इंजन में हवा खींचने की एक सीमा होती है। यहीं पर टर्बोचार्जर की जरूरत पड़ती है, जो इस सीमा को तोड़ देता है।


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टर्बोचार्जर असल में काम कैसे करता है?

टर्बोचार्जर इंजन से निकलने वाली बेकार जाने वाली ऊर्जा का इस्तेमाल करता है।

  • जब गाड़ी चलती है, तो गरम एग्जॉस्ट गैस बाहर निकलती है
  • आमतौर पर यह ऊर्जा बेकार चली जाती है
  • टर्बोचार्जर इसी एग्जॉस्ट गैस की ताकत से काम करता है

यानी जो ऊर्जा पहले जाया होती थी, वही इंजन की ताकत बढ़ाने में लगती है। 

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टर्बोचार्जर के मुख्य हिस्से कौन-से होते हैं?

टर्बोचार्जर में दो अहम हिस्से होते हैं, जो एक शाफ्ट से जुड़े रहते हैं।

  • टर्बाइन, जो एग्जॉस्ट सिस्टम में लगी होती है
  • कंप्रेसर, जो एयर इंटेक साइड पर होता है

जब एग्जॉस्ट गैस टर्बाइन से गुजरती है, तो वह बहुत तेज घूमती है। यही घुमाव शाफ्ट के जरिए कंप्रेसर तक पहुंचता है। 

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How Turbocharged Engine-Powered Car Works Know Details
Turbocharged Engine - फोटो : Adobe Stock

अधिक हवा और ईंधन इंजन में कैसे पहुंचता है?

कंप्रेसर का काम ताजी हवा को खींचकर उसे दबाव के साथ इंजन में भेजना होता है।

  • दबाव वाली हवा में ऑक्सीजन ज्यादा होती है
  • ज्यादा ऑक्सीजन मिलने पर इंजन ज्यादा ईंधन इंजेक्ट करता है

इससे दहन प्रक्रिया और ज्यादा ताकतवर हो जाती है।

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पावर कैसे बढ़ती है बिना इंजन बड़ा किए?

हवा और फ्यूल दोनों बढ़ने से सिलेंडर के अंदर ज्यादा पावर का विस्फोट होता है।

  • दहन ज्यादा शक्तिशाली होता है
  • इंजन ज्यादा पावर पैदा करता है
  • इंजन का साइज वही रहता है

इसी वजह से आजकल छोटे टर्बो पेट्रोल इंजन बड़ी कारों में भी लगाए जा रहे हैं।

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इंटरकूलर की भूमिका क्या होती है?

हवा को दबाने पर वह गरम हो जाती है और गरम हवा कम घनी होती है।

  • इंटरकूलर इस गरम हवा को ठंडा करता है
  • ठंडी हवा ज्यादा घनी होती है
  • इससे परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी दोनों बेहतर होती हैं

अधिकांश टर्बो पेट्रोल कारों में इंटरकूलर दिया जाता है।

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How Turbocharged Engine-Powered Car Works Know Details
Car Driving - फोटो : Adobe Stock

टर्बोचार्ज्ड इंजन के फायदे क्या हैं?

टर्बो इंजन लेने से आपको कई व्यावहारिक फायदे मिलते हैं।

  • छोटे इंजन से ज्यादा पावर और बेहतर एक्सीलरेशन
  • हाईवे और ओवरटेकिंग में बेहतर परफॉर्मेंस
  • सही ड्राइविंग में कम उत्सर्जन, क्योंकि इंजन ज्यादा एफिशिएंट होता है

टर्बोचार्ज्ड इंजन के नुकसान क्या हो सकते हैं?

फायदों के साथ कुछ सीमाएं भी होती हैं।

  • टर्बो लैग, यानी पावर आने में हल्की देरी
  • इंजन सेटअप ज्यादा जटिल, जिससे रिपेयर मुश्किल हो सकती है
  • शुरुआती कीमत और मेंटेनेंस थोड़ा महंगा पड़ सकता है


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टर्बो लैग क्या है और इसे कैसे कम किया जाता है?

कम इंजन स्पीड पर टर्बो को घूमने के लिए पर्याप्त एग्जॉस्ट गैस नहीं मिलती।

  • इसी देरी को टर्बो लैग कहा जाता है
  • आधुनिक कारों में इसे कम करने के लिए

छोटे टर्बो

  • ट्विन-स्क्रॉल टर्बो
  • और स्मार्ट इंजन ट्यूनिंग

का इस्तेमाल किया जाता है

टर्बो इंजन किसके लिए सही विकल्प है?

अगर आप

  • बेहतर परफॉर्मेंस चाहते हैं
  • छोटा लेकिन ताकतवर इंजन पसंद करते हैं
  • और थोड़े ज्यादा मेंटेनेंस के लिए तैयार हैं

तो टर्बोचार्ज्ड इंजन वाली कार आपके लिए सही विकल्प हो सकती है।

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