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Racism Case: गंभीर आरोपों के बीच समझौते को तैयार मस्क की कंपनी, क्या सुलझ पाएगा अमेरिकी एजेंसी का ये मुकदमा?

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Thu, 15 Jan 2026 05:47 PM IST
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सार

EEOC Lawsuit: दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता ने अमेरिकी एजेंसी के साथ नस्लीय उत्पीड़न के मुकदमे को सुलझाने के लिए बातचीत यानी मध्यस्थता का रास्ता चुना है। ये मामला टेस्ला के कैलिफोर्निया में ब्लैक कर्मचारियों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार से जुड़ा है। जानें इसके बारे में विस्तार से..
 

Amid serious allegations Musk company ready ettlement will this lawsuit filed by US agency resolved?
Tesla - फोटो : iStock
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विस्तार
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एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला इंक और अमेरिका की शीर्ष श्रम अधिकार एजेंसी यूएस इक्वल एम्प्लॉयमेंट ऑपर्च्युनिटी कमीशन (EEOC) नस्लवाद से जुड़े एक बड़े मुकदमे में समझौता होने की उम्मीद पाई जा रही है। ये कैलिफोर्निया के फ्रीमॉन्ट असेंबली प्लांट में अश्वेत कर्मचारियों के खिलाफ कथित गंभीर और व्यापक उत्पीड़न से जुड़ा है।

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कब तक मध्यस्थता होने की संभावना?

टेस्ला और EEOC के बीच मध्यस्थता मार्च अप्रैल 2026 में शुरू हो सकती है। अगर किसी कारण वश बातचीत विफल रही, तो दोनों पक्ष 17 जून तक अदालत को आगे की प्रक्रिया पर अपने प्रस्ताव सौंपेंगे। अदालत ने मध्यस्थता को प्राथमिकता देने के लिए कुछ कानूनी समय-सीमाएं फिलहाल स्थगित कर दी हैं।

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मध्यस्थता पर कैसे बनी सहमति

EEOC के अनुसार, एजेंसी टेस्ला के साथ मिलकर एक स्वतंत्र मध्यस्थ चुनने की प्रक्रिया में है। अमेरिकी जिला न्यायाधीश जैकलीन स्कॉट कॉर्ले ने सबूत जुटाने से जुड़ी कुछ डेडलाइन को रोक दिया है, जिससे दोनों पक्ष पहले आपसी समाधान की कोशिश कर सकें।

क्या हैं नस्लवाद के आरोप

EEOC का आरोप है कि टेस्ला के फ्रीमॉन्ट असेंबली प्लांट में ब्लैक कर्मचारियों के खिलाफ व्यापक और गंभीर उत्पीड़न किया गया। आरोपों की फेहरिस्त में सिर्फ गालियां ही नहीं, बल्कि कार्यस्थल और नई तैयार कारों पर स्वस्तिक और फांसी के फंदे जैसे डरावने नस्लीय चित्र बनाना भी शामिल है। एजेंसी का दावा है कि कंपनी ने इन घटनाओं की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। EEOC का दावा है कि ये उत्पीड़न लंबे समय से चलता रहा है और कंपनी इसे रोकने में नाकाम रही।

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टेस्ला ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा है कि उसे ऐसे उत्पीड़न की जानकारी नहीं थी। उसने इसे नजरअंदाज नहीं किया। कंपनी ने ईईओसी पर हेडलाइन चेजिंग यानी सिर्फ सुर्खियां बटोरने का आरोप लगाया है। यहां पर ही नहीं पहले भी टेस्ला कानूनी दबाव झेल चुका है। इसके पहले ऑस्टिन, टेक्सास के टेस्ला को फ्रीमॉन्ट प्लांट से जुड़े कर्मचारियों के कथित दुर्व्यवहार को लेकर पहले भी कई मुकदमों का सामना करना पड़ा है। हाल ही में 17 नवंबर को कंपनी को राहत मिली थी। जब कैलिफोर्निया की एक अदालत ने फैसला दिया कि 6 हजार से अधिक अश्वेत कर्मचारी सामूहिक मुकदमा (क्लास एक्शन) दायर नहीं कर सकते, क्योंकि कई प्रमुख गवाह गवाही देने को तैयार नहीं थे।

मध्यस्ता सफल होने की स्थित में क्या होगा?

अगर मध्यस्थता सफल रही है, तो यह टेस्ला के लिए एक बड़ा कानूनी जोखिम कम कर सकती है, लेकिन यदि बातचीत विफल होती है, तो मामला दोबारा अदालत की सख्त कानूनी प्रक्रिया में लौट सकता है।

क्यों चर्चा में है ये केस?

ये केस काफी चर्चा में है क्योंकि ये सिर्फ टेस्ला तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिकी ऑटो और टेक इंडस्ट्री में वर्कप्लेस कल्चर, नस्लीय समानता और कॉरपोरेट जवाबदेही पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।

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