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EV: ग्लोबल ईवी एफिशिएंसी रैंकिंग में टाटा मोटर्स और महिंद्रा टॉप पर, टेस्ला-बीवाईडी को पीछे छोड़ा
Sat, 15 Aug 2026 05:33 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Sat, 15 Aug 2026 05:33 PM IST
सार
भारत की दो प्रमुख वाहन कंपनियों टाटा मोटर्स और महिंद्रा ने इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के मामले में बड़ी वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) की 2025 की ग्लोबल रैंकिंग में दोनों कंपनियों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की ऊर्जा दक्षता के मामले में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया है।
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Global EV Ranking
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) द्वारा जारी 2025 की सबसे कुशल इलेक्ट्रिक वाहनों की वैश्विक रैंकिंग में भारत की टाटा मोटर्स (Tata Motors) और महिंद्रा (Mahindra) ने दुनिया भर के दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष दो स्थानों पर कब्जा जमाया है।
इस वैश्विक सूची में टाटा मोटर्स ने पहला स्थान हासिल किया है। जिसकी कारों की औसत बिजली खपत महज 106 वाट-आवर प्रति किलोमीटर (Wh/km) दर्ज की गई। वहीं, महिंद्रा 113 Wh/km की औसत खपत के साथ दूसरे स्थान पर रही। इन दोनों भारतीय वाहन निर्माताओं ने दुनिया की दो सबसे बड़ी ईवी दिग्गज कंपनियों- टेस्ला (Tesla) और बीवाईडी (BYD) को पछाड़ दिया। जो इस सूची में क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं।
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इस वैश्विक सूची में टाटा मोटर्स ने पहला स्थान हासिल किया है। जिसकी कारों की औसत बिजली खपत महज 106 वाट-आवर प्रति किलोमीटर (Wh/km) दर्ज की गई। वहीं, महिंद्रा 113 Wh/km की औसत खपत के साथ दूसरे स्थान पर रही। इन दोनों भारतीय वाहन निर्माताओं ने दुनिया की दो सबसे बड़ी ईवी दिग्गज कंपनियों- टेस्ला (Tesla) और बीवाईडी (BYD) को पछाड़ दिया। जो इस सूची में क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं।
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इस रैंकिंग का आकलन किस आधार पर किया गया और भारत के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
आईसीसीटी (ICCT) की इस रिपोर्ट में दुनिया की 22 सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों का मूल्यांकन किया गया था:- मूल्यांकन का पैमाना: इस रैंकिंग में उन ऑटोमेकर्स को ऊपर रखा गया जिनकी कारें समान दूरी तय करने के लिए सबसे कम बिजली की खपत करती हैं। जिस ब्रांड की गाड़ियां प्रति किलोमीटर जितनी कम बिजली की खपत करेंगी, उसकी रैंकिंग उतनी ही बेहतर होगी।
- वैश्विक पहचान: यह उपलब्धि भारत के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। जैसे-जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपना विस्तार कर रही हैं, इस उपलब्धि से वैश्विक स्तर पर उनकी साख और मजबूत होगी।
टेस्ला और BYD जैसी दिग्गज कंपनियों की तुलना में टाटा और महिंद्रा की सफलता का क्या रहस्य है?
रिपोर्ट के अनुसार, Tata Sierra EV और Mahindra BE 6 जैसे मॉडल्स को केवल तेज रफ्तार या अत्यधिक परफॉर्मेंस के बजाय कम ऊर्जा खपत को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है:- स्मार्ट ऑप्टिमाइजेशन: अपेक्षाकृत छोटे बैटरी पैक के बावजूद, इन भारतीय ईवी को इस तरह से ट्यून और ऑप्टिमाइज किया गया है कि वे बेहतरीन एफिशिएंसी आंकड़े हासिल करती हैं।
- वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों से अंतर: इसके विपरीत, कई अन्य वैश्विक निर्माता बड़े, भारी और अत्यधिक शक्तिशाली इलेक्ट्रिक SUV व सेडान बनाते हैं। जो समान दूरी तय करने के लिए अधिक बिजली की खपत करते हैं और परिणामस्वरूप उनकी एफिशिएंसी कम हो जाती है।
- व्यावहारिक दृष्टिकोण: रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि भारतीय ब्रांड्स ने बड़ी एसयूवी के बजाय क्रॉसओवर (Crossovers) पर ध्यान केंद्रित किया है। जिसमें एफिशिएंसी, किफायती कीमत और दैनिक उपयोग की व्यावहारिकता को प्राथमिकता दी गई है।