सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   India Cuts CAFE-2 Penalties to Rs 2728 Crore: Relief for Automakers Ahead of New Fuel Efficiency Norms

CAFE-2: भारत ने कैफे-2 जुर्माना घटाकर ₹2,728 करोड़ किया, जानें ऑटो कंपनियों पर जुर्माना क्यों घटाया गया?

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Mon, 30 Mar 2026 09:37 PM IST
विज्ञापन
सार

ईंधन दक्षता के नियमों को लागू करने के लिए भारत का ढांचा अब नए सिरे से तय किया जा रहा है। इसके तहत, कार बनाने वाली कंपनियों पर कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता (CAFE-2) के लक्ष्य पूरे न कर पाने पर लगने वाला जुर्माना, पहले के अनुमानित लगभग 7,800 करोड़ रुपये से घटाकर 2,728 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जानें क्या हैं इसके मायने।

India Cuts CAFE-2 Penalties to Rs 2728 Crore: Relief for Automakers Ahead of New Fuel Efficiency Norms
Traffic Jam - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

भारत में फ्यूल एफिशिएंसी नियमों के तहत ऑटो कंपनियों पर लगाए जाने वाले जुर्माने को काफी हद तक कम कर दिया गया है। अब यह कुल जुर्माना पहले के अनुमान से काफी कम कर दिया गया है, जिससे उद्योग को राहत मिलने की उम्मीद है।

Trending Videos


किन कंपनियों पर लागू होगा यह जुर्माना?
यह संशोधित जुर्माना उन नौ ऑटो कंपनियों पर लागू होगा, जो FY23 से FY25 के बीच CAFE-2 मानकों को पूरा नहीं कर पाईं।
CAFE-2 नियम वाहन निर्माताओं के लिए ईंधन दक्षता सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए थे।

पहले और अब के नियमों में क्या अंतर है?
पहले जुर्माना तय करने का तरीका अलग था:

  • प्रति वाहन और प्रति कंपनी के आधार पर अलग-अलग जुर्माना

  • छोटे और बड़े उल्लंघन के लिए अलग दरें

अब नए तरीके में:

  • एक समान और सरल जुर्माना प्रणाली लागू की गई है

  • एक निश्चित अवधि के लिए प्रति कंपनी तय राशि लगाई गई है

इस बदलाव के कारण कुल जुर्माना कम हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

India Cuts CAFE-2 Penalties to Rs 2728 Crore: Relief for Automakers Ahead of New Fuel Efficiency Norms
Car Pollution - फोटो : Adobe Stock

सरकार यह बदलाव क्यों कर रही है?
सरकार अब अगले चरण यानी CAFE-3 नियमों की तैयारी कर रही है, जो FY28 से FY32 तक लागू होंगे।
इसलिए मौजूदा नियमों को ज्यादा संतुलित और व्यावहारिक बनाने की कोशिश की जा रही है।

नया क्रेडिट-डेबिट सिस्टम क्या है?
सरकार एक नया सिस्टम लागू करने की योजना बना रही है, जिसमें हर ऑटो कंपनी के लिए:

  • क्रेडिट (जब वे लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करें)

  • डेबिट (जब वे लक्ष्य से पीछे रहें)

का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

कंपनियों को इससे क्या फायदा होगा?
इस सिस्टम के तहत:

  • जो कंपनियां लक्ष्य से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करेंगी, वे अपने क्रेडिट बेच सकेंगी

  • जो कंपनियां लक्ष्य से पीछे रहेंगी, वे इन क्रेडिट्स को खरीदकर अपनी कमी पूरी कर सकेंगी

इससे उद्योग के अंदर संतुलन बना रहेगा।

क्या जुर्माना पूरी तरह खत्म हो जाएगा?
नहीं, अगर कोई कंपनी अपने घाटे को क्रेडिट खरीदकर भी पूरा नहीं कर पाती है, तो उसे जुर्माना देना ही पड़ेगा।
इससे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

India Cuts CAFE-2 Penalties to Rs 2728 Crore: Relief for Automakers Ahead of New Fuel Efficiency Norms
Car Pollution - फोटो : Adobe Stock

क्या इससे पारदर्शिता बढ़ेगी?
हां, नया सिस्टम:

  • ज्यादा पारदर्शी होगा

  • नियमों के पालन को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा

इसके लिए एक निर्धारित प्राधिकरण इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।


नियमों को ज्यादा व्यावहारिक बनाना लक्ष्य
सरकार का यह कदम ऑटो इंडस्ट्री को राहत देने के साथ-साथ नियमों को ज्यादा व्यावहारिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में है।
आने वाले समय में CAFE-3 के साथ यह सिस्टम और सख्त और प्रभावी हो सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed