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Hindi News ›   Automobiles News ›   India Electric Two-Wheeler Sales Surge Past 15 Lakh Units First 9 Months 2026

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड: नौ महीने में ही 15 लाख पार; आखिर क्यों बढ़ी इतनी डिमांड?

Thu, 01 Oct 2026 03:28 PM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Thu, 01 Oct 2026 03:28 PM IST
सार

भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार ने 2026 के पहले नौ महीनों में ही रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। जनवरी से सितंबर के बीच इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के रजिस्ट्रेशन पूरे 2025 की कुल बिक्री से भी आगे निकल गए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में बिक्री में महीने-दर-महीने 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आइए जानते हैं इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री के आंकड़े और कंपनियों के प्रदर्शन के बारे में...
 

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India Electric Two-Wheeler Sales Surge Past 15 Lakh Units First 9 Months 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) की मांग तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों (जनवरी से सितंबर) में ही देश में 15 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स रजिस्टर्ड हो चुके हैं। यह संख्या पूरे 2025 में हुई कुल बिक्री से भी अधिक है। वाहन रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों को बिक्री का प्रॉक्सी माना जाता है। इनके अनुसार सितंबर में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के रजिस्ट्रेशन महीने-दर-महीने 7.7 प्रतिशत बढ़कर 1.97 लाख यूनिट हो गए। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच कुल रजिस्ट्रेशन 15.61 लाख यूनिट रहे।

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पूरे 2025 की बिक्री भी पीछे छूटी

  • 2026 के पहले नौ महीनों के आंकड़ा इतना दमदार रहा कि इनकी तुलना करें तो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में तेज बढ़ोतरी दिखाई देती है। जनवरी-सितंबर 2025 के दौरान ईवी टू-व्हीलर कंपनियों ने कुल 9.61 लाख यूनिट बेची थीं।
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  • वहीं, पूरे 2025 में इस सेगमेंट में कुल करीब 13.42 लाख रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए थे। यानी 2026 के सिर्फ नौ महीनों में ही रजिस्ट्रेशन पिछले पूरे साल के आंकड़े से आगे निकल गए हैं।
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सितंबर में किस मॉडल की सबसे ज्यादा बिक्री हुई?

  • सितंबर 2026 में कंपनियों के मार्केट शेयर की बात करें तो टीवीएस मोटर 26.3 प्रतिशत शेयर के साथ सबसे आगे रही। इसके बाद बजाज ऑटो 23.5 प्रतिशत, एथर एनर्जी 14.7 प्रतिशत और हीरो मोटोकॉर्प 11.7 प्रतिशत शेयर के साथ रहे।
  • वहीं, ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट देखने को मिली। अगस्त में कंपनी का शेयर 7.6 प्रतिशत था, जो सितंबर में घटकर 6.5 प्रतिशत रह गया।


महंगे पेट्रोल के बीच ईवी की मांग बढ़ी

  • इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब ईंधन की कीमतें ऊंचे स्तर पर हैं और भू-राजनीतिक अनिश्चितता भी बनी हुई है। इन परिस्थितियों ने ज्यादा उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर आकर्षित किया है।
  • ईवी की कम रनिंग कॉस्ट भी इसकी मांग बढ़ाने वाली अहम वजह है। खासकर रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए पेट्रोल की तुलना में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की कम परिचालन लागत इसे आकर्षक विकल्प बना रही है।


प्रीमियम से मास-मार्केट तक पहुंचा फोकस
जानकारों का कहना है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर की ग्रोथ सिर्फ मांग बढ़ने की वजह से नहीं हुई है। कंपनियां भी अपने ग्राहक आधार को तेजी से बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। शुरुआत में कई इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों का फोकस प्रीमियम कीमत वाले और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक स्कूटर्स पर था। अब कई निर्माता मास-मार्केट और फैमिली स्कूटर सेगमेंट में भी उतर रहे हैं। इस बदलाव का मकसद इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाना है।

बड़े ऑटोमेकर्स की पकड़ और मजबूत

  • हाल ही के आंकड़ों की बात करें तो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में स्थापित ऑटोमेकर्स की पकड़ और मजबूत हो रही है। टीवीएस मोटर, बजाज ऑटो, अदर एनर्जी और हीरो मोटोकॉर्प ने मिलकर 2026 में अब तक करीब 76 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन हासिल किए हैं।
  • इन कंपनियों के पास मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता और आफ्टर-सेल्स नेटवर्क मौजूद है। यही वजह है कि वे तेजी से बढ़ते बाजार में बड़ा हिस्सा हासिल करने की स्थिति में हैं।


छोटे प्लेयर्स भी बढ़ा रहे हैं हिस्सेदारी

  • ऐसा नहीं है कि छोटे और नए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ब्रांड बाजार में पीछे रह गए हैं। कुछ कंपनियों ने अपनी हिस्सेदारी में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। बंगलूरू स्थित रिवर मोबिलिटी का मार्केट शेयर 2025 में 1.27 प्रतिशत था, जो 2026 के पहले नौ महीनों में बढ़कर 2.46 प्रतिशत हो गया।
  • इसी तरह अल्ट्रावायोलेट और ओबेन इलेक्ट्रिक ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। अल्ट्रावायोलेट का शेयर 0.12 प्रतिशत से बढ़कर 0.26 प्रतिशत और ओबेन इलेक्ट्रिक का शेयर 0.23 प्रतिशत से बढ़कर 0.33 प्रतिशत हो गया।


ईवी पेनिट्रेशन में भी तेज बढ़ोतरी
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, ईवी पेनिट्रेशन छह महीने से भी कम समय में 7 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत हो गया है। उनके मुताबिक, यह बाजार में मौजूद बड़े अवसर और तेजी से बढ़ती मांग का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि कंपनी को मांग बढ़ने के साथ तैयार रहने के लिए अपनी वर्किंग कैपिटल और प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ानी होगी। इसका मकसद आने वाली मांग को पूरा करने के साथ मौजूदा मांग को भी पूरा करना है।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों में फंडिंग की होड़

  • बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ न्यू-एज इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों के बीच नई फंडरेजिंग की लहर भी देखने को मिल रही है। पिछले कुछ महीनों में ओला इलेक्ट्रिक, अदर एनर्जी, रिवर मोबिलिटी, सिंपल एनर्जी, बाउंस, ओबेन इलेक्ट्रिक, अल्ट्रावायलेट और मैटर जैसी स्टार्टअप्स ने अतिरिक्त पूंजी जुटाने की कोशिश की है।
  • इन कंपनियों का लक्ष्य इस पूंजी का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करने और नए प्रोडक्ट लॉन्च करने में करना है। कुल मिलाकर, 2026 के पहले नौ महीनों के आंकड़े बताते हैं कि भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। एक तरफ बड़े ऑटोमेकर्स अपनी मजबूत पकड़ के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वहीं नए खिलाड़ी भी हिस्सेदारी बढ़ाने और नए प्रोडक्ट के जरिए बाजार में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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