Vehicle Tax: कर्नाटक में वाहन रजिस्ट्रेशन टैक्स घटाने का बिल पास, दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन पर लगेगी लगाम
कर्नाटक विधानसभा ने 'कर्नाटक मोटर वाहन कराधान (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित किया है। ताकि टैक्स के बोझ के कारण पंजीकरण के लिए पड़ोसी राज्यों की ओर जाने वाले वाहनों को आकर्षित किया जा सके।
विस्तार
कर्नाटक विधानसभा ने कर्नाटक मोटर वाहन कराधान (संशोधन) विधेयक, 2026 पास कर दिया है। इसका मकसद उन वाहनों को वापस आकर्षित करना है जो ज्यादा टैक्स के कारण दूसरे राज्यों में रजिस्टर हो रहे थे। विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल ने विधेयक पेश किया।
किन वाहनों पर टैक्स घटाया गया है?
इस संशोधन के तहत:
-
12 से ज्यादा यात्रियों वाले कॉन्ट्रैक्ट वाहनों पर प्रति सीट टैक्स घटाया गया है
-
स्लीपर कोच बसों के टैक्स में भी कमी की गई है
पहले और अब टैक्स में क्या अंतर है?
पहले:
-
कॉन्ट्रैक्ट वाहन: 3,500 रुपये प्रति सीट
-
स्लीपर बस: 4,000 रुपये प्रति सीट
अब:
-
कॉन्ट्रैक्ट वाहन: 2,500 रुपये प्रति सीट
-
स्लीपर बस: 3,000 रुपये प्रति सीट
यानी प्रति सीट 1,000 रुपये की सीधी राहत दी गई है।
यह बदलाव क्यों जरूरी था?
कर्नाटक में ज्यादा टैक्स होने के कारण कई वाहन मालिक अपने वाहन:
-
पुदुचेरी
-
अरुणाचल प्रदेश
जैसे कम टैक्स वाले राज्यों में रजिस्टर करवा रहे थे।
इसके बाद ये वाहन अखिल भारतीय पर्यटन परमिट (ऑल इंडिया टूर परमिट) के तहत कर्नाटक में ही ऑपरेट कर रहे थे।
इससे कर्नाटक को क्या नुकसान हो रहा था?
इस वजह से:
-
राज्य को टैक्स राजस्व का नुकसान हो रहा था
-
बड़ी संख्या में वाहन दूसरे राज्यों में रजिस्टर हो रहे थे
इस फैसले से क्या फायदा होगा?
नई टैक्स दरों से:
-
वाहन मालिकों को कर्नाटक में रजिस्ट्रेशन करवाना सस्ता पड़ेगा
-
राज्य का राजस्व बढ़ सकता है
-
टैक्स चोरी जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगेगी
क्या यह विधेयक तुरंत लागू हो जाएगा?
फिलहाल यह विधेयक विधानसभा से पास हुआ है।
इसे कानून (एक्ट) बनने के लिए आगे की औपचारिक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।
राजस्व में होगा सुधार
कर्नाटक सरकार ने टैक्स कम करके वाहन रजिस्ट्रेशन को आकर्षक बनाने की कोशिश की है।
अगर यह कदम सफल होता है, तो राज्य में रजिस्ट्रेशन बढ़ेगा और राजस्व में सुधार देखने को मिल सकता है।