सब्सक्राइब करें

Car Safety: इस काम को करने के बाद ही सुरक्षित होंगी कार, नहीं तो छह एयरबैग से होगा बड़ा नुकसान

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: समीर गोयल Updated Fri, 30 Sep 2022 07:01 PM IST
सार

कार में छह एयरबैग को अनिवार्य बनाने के लिए सरकार ने समयसीमा तय कर दी है। क्या ऐसा करने से सही में कार का सफर और सुरक्षित हो जाएगा या फिर इससे नुकसान भी हो सकता है। आइए जानते हैं। 
 

विज्ञापन
Major population start wearing rear seat belt otherwise it will be a big loss from six Airbags
साइरस मिस्त्री की कार केे साथ हादसा - फोटो : सोशल मीडिया
मशहूर उद्योगपति साइरस मिस्त्री की सड़क हादसे में मौत के बाद देश में कार सवार की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे। इसके बाद सरकार ने भी कार में छह एयरबैग को अनिवार्य करने के लिए समयसीमा तय कर दी है। क्या छह एयरबैग अनिवार्य करने से ही कार में सफर करना सुरक्षित हो जाएगा या फिर सरकार को कुछ और बातों पर भी गौर करना चाहिए। इस खबर में हम आपको इसकी जानकारी दे रहे हैं।
Trending Videos

सरकार ने छह एयरबैग को अनिवार्य किया

Major population start wearing rear seat belt otherwise it will be a big loss from six Airbags
नितिन गडकरी का ट्वीट - फोटो : सोशल मीडिया
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरूवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि 01 अक्टूबर 2023 से यात्री कारों (एम -1 श्रेणी) में न्यूनतम 6 एयरबैग अनिवार्य करने वाले प्रस्ताव को लागू करने का निर्णय लिया गया है। यानि कि अब एक अक्टूबर 2023 से बनने वाली सभी कारों में छह एयरबैग देना अनिवार्य हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैसे हो सकता है नुकसान

Major population start wearing rear seat belt otherwise it will be a big loss from six Airbags
कार में सीट बेल्ट - फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के मुताबिक हादसे के समय कार में एयरबैग तभी ज्यादा प्रभावी होते हैं जब सीटबेल्ट लगाई हुई हो। अगर सीटबेल्ट नहीं लगाई हो और हादसा हो जाए तो एयरबैग के कारण नुकसान भी हो सकता है। इंटरनेशनल रोड फेडरेशन के मुताबिक छह एयरबैग को अनिवार्य करने के प्रावधान को तब आगे बढ़ाना चाहिए जब भारत में 85 फीसदी लोग पीछे की सीट पर सीट बेल्ट लगाना शुरू कर दें।

ये भी पढ़ें - Maruti Grand Vitara: मारुति की ग्रैंड विटारा के सबसे सस्ते ट्रिम में आती है ये तकनीक, मिलते हैं बेहतरीन फीचर्स

आईआरएफ ने क्या कहा

Major population start wearing rear seat belt otherwise it will be a big loss from six Airbags
कार में सीट बेल्ट - फोटो : सोशल मीडिया
आईआरएफ के एमेरिटस के अध्यक्ष केके कपिला ने बताया कि जब तक लोग पीछे की सीट पर बेल्ट पहनना शुरू नहीं करते तब तक सरकार की ओर से लोगों को जागरूक करना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो छह एयरबैग का प्रावधान उल्टा हो जाएगा, जिससे अधिक घातक दुर्घटनाएं हो सकती हैं। एक दुर्घटना में, सीट बेल्ट प्राथमिक संयम उपकरण होते हैं जबकि एयरबैग पूरक समर्थन देते हैं। कई वैश्विक अध्ययनों से पता चला है कि अगर बिना सीट बेल्ट के एक एयरबैग तैनात किया जाता है, तो इससे गंभीर चोट लग सकती है और यहां तक कि मौत भी हो सकती है।

ये भी पढ़ें - Rear Wiper: कार में रियर वाइपर का होना कितना जरूरी, जानें सेडान कारों में क्यों नहीं मिलता यह फीचर?
विज्ञापन

संस्था ने किया आग्रह

Major population start wearing rear seat belt otherwise it will be a big loss from six Airbags
कार में सीट बेल्ट - फोटो : सोशल मीडिया
आईआरएफ ने उनसे आग्रह किया है कि यह प्रावधान समयबद्ध नहीं होना चाहिए बल्कि सर्वेक्षण द्वारा शासित होना चाहिए, यह दर्शाता है कि कितने लोग पीछे की सीट बेल्ट पहने हुए हैं।

ये भी पढ़ें - Tina Dabi Car: आईएएस टीना डाबी जिस कार का करती हैं उपयोग, जानें क्यों कंपनी ने उसकी बुकिंग की बंद
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed