Rule: ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए डिजिटल चेतावनी का प्रस्ताव, बार-बार उल्लंघन पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
अगर भविष्य में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर आपको केवल मौखिक चेतावनी मिलती है, तो उसे हल्के में लेना महंगा पड़ सकता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम में संशोधन का मसौदा जारी किया है। जानें क्या है सरकरा की योजना।
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सड़क यातायात को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भारत सरकार का सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) एक बड़ा डिजिटल कदम उठाने जा रहा है। केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में प्रस्तावित मसौदा संशोधनों के तहत अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर ड्राइवरों को 'डिजिटल चेतावनी' देने की व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद, अब पुलिस या ट्रैफिक अथॉरिटी की जुबानी या अनौपचारिक चेतावनी को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। क्योंकि हर एक डिजिटल चेतावनी आपके केंद्रीय रिकॉर्ड में दर्ज होगी।
क्या है सरकार का नया डिजिटल चेतावनी सिस्टम और यह कैसे काम करेगा?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा जारी 17 जुलाई के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के अनुसार, यह नया डिजिटल सिस्टम इस तरीके से काम करेगा:
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ई-चालान की तरह जारी होगी चेतावनी:
मोटर वाहन अधिनियम या उसके तहत बने नियमों के उल्लंघन पर जहां भी चेतावनी दी जानी होगी, "ऐसी चेतावनी को पोर्टल पर ठीक उसी तरह जारी, डिलीवर और रिकॉर्ड किया जाएगा जैसे कोई चालान जारी किया जाता है।"मतलब: इसका सीधा मतलब यह है कि अब ट्रैफिक पुलिस द्वारा दी गई चेतावनी केवल एक अनौपचारिक मौखिक सलाह नहीं होगी, बल्कि यह ड्राइवर के डिजिटल रिकॉर्ड का एक आधिकारिक हिस्सा बन जाएगी।
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सेंट्रल पोर्टल पर रिकॉर्ड होगी हर डिटेल:
जारी की गई सभी चेतावनियों को एक केंद्रीय पोर्टल पर डिजिटल रूप से दर्ज और सुरक्षित रखा जाएगा।
बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों पर इसका क्या असर होगा?
मंत्रालय के इस नए मसौदे में यह पूरी तरह साफ कर दिया गया है कि पहली बार की गई गलती पर मिली चेतावनी को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह आपके रिकॉर्ड में बनी रहेगी:
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बार-बार उल्लंघन की पहचान:
केंद्रीय पोर्टल पर रिकॉर्ड की गई चेतावनी का उपयोग एक ही अपराध/नियम के बार-बार होने वाले उल्लंघन की पहचान करने के लिए किया जाएगा। -
पुराना रिकॉर्ड मानी जाएगी चेतावनी: ]
नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि "इस तरह रिकॉर्ड की गई प्रत्येक चेतावनी के डिटेल्स को उसी नियम के दूसरे या उसके बाद के किसी भी उल्लंघन को निर्धारित करने के उद्देश्य से ध्यान में रखा जाएगा।" इसके अलावा, पोर्टल पर दर्ज चेतावनी को कानूनी रूप से "पिछला उल्लंघन" माना जाएगा।मतलब: यदि आप एक ही नियम को दोबारा तोड़ते हैं, तो पोर्टल पर दर्ज आपकी पुरानी डिजिटल चेतावनी को आपके पिछले अपराध के प्रमाण के रूप में देखा जाएगा,।जिससे बार-बार नियम तोड़ने वालों पर आगे चलकर अधिक सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
यह डिजिटल चेतावनी कब 'अंतिम' मानी जाएगी?
प्रस्तावित नियमों के तहत जारी की गई कोई भी डिजिटल चेतावनी कानूनी रूप से कब अंतिम या पक्की होगी, इसके लिए भी स्पष्ट नियम तय किए गए हैं:
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संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वीकार किए जाने पर:
जैसे ही नियम तोड़ने वाला व्यक्ति उस डिजिटल चेतावनी को स्वीकार कर लेता है, वह अंतिम मान ली जाएगी। -
आपत्ति खारिज होने के बाद:
यदि संबंधित व्यक्ति उस चेतावनी के खिलाफ कोई जवाब या प्रस्तुतीकरण देता है और अधिकारी उसे खारिज कर देते हैं, तो उसके बाद भी वह डिजिटल चेतावनी अंतिम हो जाएगी।