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Monsoon Car Buying Tips: बारिश के मौसम में ले रहे हैं नई कार? इन सेफ्टी फीचर्स को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
Fri, 17 Jul 2026 04:33 PM IST
जागृति
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति
Updated Fri, 17 Jul 2026 04:33 PM IST
सार
Car Features: क्या आप नई कार खरीदने का विचार बना रहे हैं? तो यहां पर इन सात जरूरी फीचर्स के बारे में जरूर ध्यान दें, जो मानसून में आपकी ड्राइव को ज्यादा सुरक्षित और आसान बना सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Monsoon Car Safety Tips: मानसून में ड्राइविंग ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाती है। तेज बारिश, फिसलन भरी सड़कें, कम विजिबिलिटी और कई जगह जलभराव की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो केवल इंजन, माइलेज या डिजाइन ही नहीं, बल्कि उन सेफ्टी और कंफर्ट फीचर्स पर भी ध्यान देना चाहिए जो बारिश के दौरान आपकी यात्रा को सुरक्षित और आसान बना सकें।
1. ABS के साथ EBD
बरसात में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे अचानक ब्रेक लगाने पर कार के पहिए लॉक हो सकते हैं। ABS (Anti-lock Braking System) पहियों को लॉक होने से बचाता है, जबकि EBD (इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन) सभी पहियों पर जरूरत के अनुसार ब्रेकिंग फोर्स बांटता है। इससे कार का संतुलन बेहतर बना रहता है और ब्रेकिंग ज्यादा सुरक्षित होती है।
2. इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC)
अगर बारिश में कार स्किड होने लगे या अचानक दिशा बदलनी पड़े, तो इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) वाहन को नियंत्रण में रखने में मदद करता है। यह फीचर खासतौर पर हाईवे और घुमावदार रास्तों पर काफी उपयोगी साबित होता है।
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3. रेन सेंसिंग वाइपर
बारिश शुरू होते ही रेन सेंसिंग वाइपर अपने आप काम करना शुरू कर देते हैं। बारिश की तीव्रता के अनुसार इनकी स्पीड भी स्वतः बदलती रहती है। इससे ड्राइवर का पूरा ध्यान सड़क पर बना रहता है और बार-बार वाइपर कंट्रोल करने की जरूरत नहीं पड़ती।
4. रियर डिफॉगर
मानसून में तापमान के अंतर की वजह से कार का पिछला शीशा धुंधला हो सकता है। रियर डिफॉगर शीशे पर जमी नमी हटाकर पीछे का दृश्य साफ करता है, जिससे लेन बदलने और रिवर्स पार्किंग के दौरान बेहतर विजिबिलिटी मिलती है।
5. टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS)
बरसात में सही टायर प्रेशर बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। TPMS (टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम) लगातार टायर प्रेशर पर नजर रखता है और कम प्रेशर होने पर तुरंत अलर्ट देता है। इससे स्किडिंग और टायर खराब होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
6. 360-डिग्री कैमरा
कम विजिबिलिटी और पानी भरी पार्किंग में 360-डिग्री कैमरा या रियर पार्किंग कैमरा काफी मददगार साबित होता है। यह कार के आसपास का पूरा दृश्य दिखाता है, जिससे तंग जगहों पर पार्किंग और वाहन निकालना आसान हो जाता है।
7. हाई ग्राउंड क्लीयरेंस
मानसून में कई सड़कों पर जलभराव हो जाता है। ऐसे में हाई ग्राउंड क्लीयरेंस वाली कारें बेहतर साबित होती हैं क्योंकि इससे इंजन और अंडरबॉडी को नुकसान पहुंचने का खतरा कम रहता है। हालांकि, बहुत ज्यादा पानी भरी सड़क पर किसी भी वाहन को ले जाने से बचना चाहिए।
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1. ABS के साथ EBD
बरसात में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे अचानक ब्रेक लगाने पर कार के पहिए लॉक हो सकते हैं। ABS (Anti-lock Braking System) पहियों को लॉक होने से बचाता है, जबकि EBD (इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन) सभी पहियों पर जरूरत के अनुसार ब्रेकिंग फोर्स बांटता है। इससे कार का संतुलन बेहतर बना रहता है और ब्रेकिंग ज्यादा सुरक्षित होती है।
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2. इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC)
अगर बारिश में कार स्किड होने लगे या अचानक दिशा बदलनी पड़े, तो इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) वाहन को नियंत्रण में रखने में मदद करता है। यह फीचर खासतौर पर हाईवे और घुमावदार रास्तों पर काफी उपयोगी साबित होता है।
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3. रेन सेंसिंग वाइपर
बारिश शुरू होते ही रेन सेंसिंग वाइपर अपने आप काम करना शुरू कर देते हैं। बारिश की तीव्रता के अनुसार इनकी स्पीड भी स्वतः बदलती रहती है। इससे ड्राइवर का पूरा ध्यान सड़क पर बना रहता है और बार-बार वाइपर कंट्रोल करने की जरूरत नहीं पड़ती।
4. रियर डिफॉगर
मानसून में तापमान के अंतर की वजह से कार का पिछला शीशा धुंधला हो सकता है। रियर डिफॉगर शीशे पर जमी नमी हटाकर पीछे का दृश्य साफ करता है, जिससे लेन बदलने और रिवर्स पार्किंग के दौरान बेहतर विजिबिलिटी मिलती है।
5. टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS)
बरसात में सही टायर प्रेशर बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। TPMS (टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम) लगातार टायर प्रेशर पर नजर रखता है और कम प्रेशर होने पर तुरंत अलर्ट देता है। इससे स्किडिंग और टायर खराब होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
6. 360-डिग्री कैमरा
कम विजिबिलिटी और पानी भरी पार्किंग में 360-डिग्री कैमरा या रियर पार्किंग कैमरा काफी मददगार साबित होता है। यह कार के आसपास का पूरा दृश्य दिखाता है, जिससे तंग जगहों पर पार्किंग और वाहन निकालना आसान हो जाता है।
7. हाई ग्राउंड क्लीयरेंस
मानसून में कई सड़कों पर जलभराव हो जाता है। ऐसे में हाई ग्राउंड क्लीयरेंस वाली कारें बेहतर साबित होती हैं क्योंकि इससे इंजन और अंडरबॉडी को नुकसान पहुंचने का खतरा कम रहता है। हालांकि, बहुत ज्यादा पानी भरी सड़क पर किसी भी वाहन को ले जाने से बचना चाहिए।