Old Vehicles: ओडिशा में पुराने वाहनों पर सख्ती, दूसरे राज्यों की 10 साल पुरानी गाड़ियों की एंट्री बैन
ओडिशा में दूसरे राज्यों से आने वाले पुराने कमर्शियल वाहनों के दोबारा रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए, सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत, 10 साल से ज्यादा पुराने और राज्य के बाहर रजिस्टर्ड ऐसे वाहनों के प्रवेश और संचालन पर रोक लगा दी गई है।
विस्तार
ओडिशा सरकार ने सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब अन्य राज्यों में रजिस्टर्ड (पंजीकृत) 10 साल से पुराने कमर्शियल वाहनों के ओडिशा में प्रवेश और संचालन पर रोक लगा दी गई है।
क्या है नया नियम?
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार:
-
10 साल से पुराने बाहरी राज्यों के कमर्शियल वाहनों की एंट्री बैन
-
ऐसे वाहनों को राज्य में चलाने की अनुमति नहीं होगी
-
नए परमिट भी जारी नहीं किए जाएंगे
यह फैसला क्यों लिया गया?
यह कदम खास तौर पर प्रदूषण और सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध के बाद यह आशंका बढ़ गई थी कि ऐसे वाहन ओडिशा में आकर दोबारा रजिस्टर हो सकते हैं।
क्या पहले भी इस पर निर्णय लिया गया था?
राज्य परिवहन प्राधिकरण ने 19 जुलाई 2023 की बैठक में इस तरह के प्रतिबंध पर सहमति जताई थी।
हालांकि, कुछ आरटीओ स्तर पर इसे सख्ती से लागू नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद अब नया निर्देश जारी किया गया है।
RTO को क्या निर्देश दिए गए हैं?
राज्य के सभी आरटीओ और एआरटीओ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि:
-
ऐसे वाहनों का एड्रेस चेंज (पते में बदलाव) न किया जाए
-
ओनरशिप ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) की अनुमति न दी जाए
-
कोई टैक्स कलेक्शन न किया जाए
क्या इससे सड़क सुरक्षा और प्रदूषण पर असर पड़ेगा?
सरकार का मानना है कि इस कदम से:
-
सड़कों पर पुराने और असुरक्षित वाहनों की संख्या घटेगी
-
प्रदूषण में कमी आएगी
-
यात्री सुरक्षा बेहतर होगी
क्या पुराने वाहनों को पूरी तरह हटाया जा रहा है?
राज्य सरकार 15 साल से पुराने वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना पर काम कर रही है।
ओडिशा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा नीति-2022 के तहत फिटनेस टेस्ट में फेल होने वाले वाहनों को स्क्रैप किया जा रहा है।
क्या अब तक कितने वाहन हटाए गए हैं?
हजारों पुराने वाहनों को पहले ही स्क्रैप किया जा चुका है।
अधिकारियों के अनुसार, और भी ऐसे वाहनों की पहचान की जा रही है, जिन्हें अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर हटाया जाएगा।
क्या यह कदम भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है?
यह फैसला ओडिशा में साफ, सुरक्षित और बेहतर परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि सड़कों पर सुरक्षित और फिट वाहनों की संख्या भी बढ़ेगी।