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भूलकर भी अपने वाहन पर न कराएं यह रंग: जब्त हो सकती है आपकी गाड़ी और रद्द होगा रजिस्ट्रेशन; जानें क्या है नियम

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Wed, 08 Apr 2026 09:30 AM IST
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सार

Olive Green car colour rule India: भारतीय सड़कों पर दौड़ती रंग-बिरंगी कारों के बीच एक ऐसा रंग भी है, जिसे कोई चाहकर भी अपनी गाड़ी पर नहीं करवा सकता। अगर किसी ने ऐसा किया, तो उसकी कार जब्त हो सकती है या फिर रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है। वह कौन सा रंग है? और उसे करवाना क्यों मना है? जानिए इसके पीछे की कानूनी वजह और उल्लंघन करने पर होने वाली कार्रवाई।

Why You Can't Paint Your Car Olive Green India? Legal Penalties Explained
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार

Why Olive Green is banned for private cars: भारत में कार मालिकों को अपनी पसंद का रंग चुनने की पूरी आजादी है, लेकिन ऑलिव ग्रीन (जैतून हरा) एक ऐसा रंग है जो आम नागरिकों के लिए प्रतिबंधित है। इस रंग का इस्तेमाल केवल भारतीय सेना के लिए आरक्षित है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) 1989 के अनुसार, ऑलिव ग्रीन रंग केवल रक्षा विभाग (Indian Army) के वाहनों के लिए सुरक्षित रखा गया है। आम नागरिक न तो इस रंग की कार खरीद सकते हैं और न ही बाहर से पेंट करा सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध या आपातकालीन स्थिति में सेना के वाहनों की तुरंत पहचान करना है। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और आरसी (RC) रद्द होने तक की नौबत आ सकती है।
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क्यों है ऑलिव ग्रीन पर पाबंदी?

रक्षा विभाग के लिए आरक्षित (नियम 121)
भारत में सड़कों पर चलने वाले हर वाहन के लिए कुछ नियम तय हैं। जैतून हरा यानी ऑलिव ग्रीन रंग सैन्य पहचान का प्रतीक है। कानूनन, जब तक कोई वाहन रक्षा विभाग के स्वामित्व में न हो, उसे इस रंग में नहीं रंगा जा सकता। हालांकि, कुछ कंपनियां इस रंग से मिलते-जुलते शेड्स (जैसे कैमो ग्रीन या जंगल ग्रीन) का इस्तेमाल थोड़ा बदलाव करके करती हैं, लेकिन एकदम ऑलिव ग्रीन केवल सेना के पास ही रहता है।
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नियम तोड़ने पर क्या होगा?
अगर कोई निजी वाहन मालिक अपनी गाड़ी को ऑलिव ग्रीन रंग में रंगवाता है, तो उसे गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे उसका वाहन जब्त हो सकता है। पुलिस ऐसी गाड़ी को तुरंत गिरफ्त में ले सकती है।  इसके अलावा बिना सूचना के रंग बदलने पर आरटीओ आपकी गाड़ी का पंजीकरण रद्द कर सकता है। साथ में मालिक पर भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है और उसे दोबारा रंग बदलवाने का आदेश दिया जाएगा।

गाड़ी का रंग बदलने का सही तरीका
अगर आप अपनी कार का रंग बदलना चाहते हैं, तो यह सिर्फ पेंटिंग का काम नहीं है। इसके लिए सबसे पहले अपने स्थानीय RTO से अनुमति लेनी पड़ती है, अनुमति मिलने के बाद पेंट करवाना पड़ता और फिर RTO में गाड़ी दिखाकर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में नया रंग अपडेट करवाना चाहिए। क्योंकि बिना आरसी अपडेट किए रंग बदलना अवैध माना जाता है।

सेना के बेड़े की पहचान
भारतीय सेना के बेड़े में वर्तमान में टाटा सफारी, मारुति सुजुकी जिप्सी के अलावा आधुनिक टोयोटा हिलक्स, मारुति जिम्नी और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसे वाहन शामिल हैं। इन सभी वाहनों का ऑलिव ग्रीन रंग इन्हें कठिन रास्तों और युद्ध क्षेत्रों में एक विशिष्ट पहचान और सुरक्षा प्रदान करता है।


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