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HC: बंगलूरू रोड रेज केस में कर्नाटक हाईकोर्ट सख्त, कहा- ट्रैफिक हिंसा पर कोई नरमी नहीं

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Tue, 07 Apr 2026 07:56 PM IST
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सार

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बंगलूरू में रोड रेज से जुड़े एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की याचिका खारिज कर दी। आरोपी पर एक परिवार को टक्कर मारने के आरोप में हत्या के प्रयास का केस दर्ज है।
 

Bengaluru Road Rage Case: Karnataka HC Refuses Relief to Techie, Says ‘No Leniency for Traffic Violence’
कर्नाटक उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने रोड रेज से जुड़े एक मामले में शहर के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप को रद्द करने से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे अपराधों को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

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क्या है पूरा मामला?
यह घटना 26 अक्तूबर को बंगलूरू में हुई, जब एक कार ने कथित तौर पर स्कूटर पर सवार एक परिवार को टक्कर मार दी।

पीड़ित विनीत, उनकी पत्नी और बच्चा स्कूटर पर थे, तभी कार चालक ने उन्हें टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया।

कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने सोमवार को स्पष्ट कहा कि रोड रेज के मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि “अगर आपके पास धैर्य नहीं है, तो बंगलूरू का ट्रैफिक आपको सिखा देगा, लेकिन धैर्य होना जरूरी है।”


आरोपी की दलील क्या थी?
आरोपी की ओर से वकील ने दलील दी कि वह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और घटना के समय ऑफिस जा रहा था।

उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई जानबूझकर हमला करने का इरादा नहीं था और एफआईआर में कुछ विसंगतियां भी हैं।

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कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की?
कोर्ट ने कहा कि एफआईआर सही तरीके से दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।

साथ ही, अदालत ने आरोपी को भविष्य में चार्जशीट के बाद दोबारा याचिका दायर करने की छूट दी।
 

घटना कैसे हुई?
पीड़ित के अनुसार, वे ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े थे और कार उनके आगे थी।

सिग्नल हरा होने के बावजूद कार आगे नहीं बढ़ी, जिससे पीछे खड़े लोगों ने हॉर्न बजाया।

इसके बाद जब सिग्नल लाल हुआ, तो कार चालक ने गाड़ी चलाई।

पीड़ित ने इशारे से कारण पूछा, जिसके बाद कार चालक ने उनका पीछा किया और तेज हॉर्न बजाते हुए अचानक गाड़ी मोड़कर उन्हें टक्कर मार दी।

क्या वीडियो सबूत भी सामने आया?
सरकारी पक्ष ने कोर्ट में घटना का वीडियो फुटेज पेश किया, जिससे मामले की गंभीरता और स्पष्ट हो गई।

यह फुटेज जांच में अहम भूमिका निभा सकता है।


क्या संदेश देता है यह फैसला?
इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि अदालत रोड रेज जैसे मामलों को गंभीरता से ले रही है।

ट्रैफिक में धैर्य और नियमों का पालन करना हर चालक के लिए जरूरी है। वरना कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। 

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