Delhi EV Policy 2.0: क्या दिल्ली की नई ईवी नीति ICE वाहनों के अंत का संकेत है? भाविश अग्रवाल ने यह कहा
भाविश अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 इंटरनल-कंबशन इंजन (ICE) के अंत का संकेत है, और "हमारी ऊर्जा स्वतंत्रता की शुरुआत है।"
विस्तार
Ola Electric Mobility Ltd (ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड) के प्रमुख भाविश अग्रवाल ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली की नई ईवी नीति 2.0 आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों के अंत की शुरुआत है।
उन्होंने इसे भारत की “ऊर्जा आत्मनिर्भरता” की दिशा में एक अहम कदम बताया और संकेत दिया कि कंपनी दिल्ली में अपने स्टोर और सर्विस नेटवर्क का विस्तार करेगी।
इस नीति पर विशेषज्ञों की क्या राय है?
अग्रवाल ने नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत की एक पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने ईवी नीति के मसौदे की सराहना करते हुए इसे "ताजी हवा का झोंका" बताया।
उनका मानना है कि शुरुआती स्तर पर सब्सिडी मदद करती है, लेकिन बड़े स्तर पर बदलाव के लिए सख्त नियम जरूरी होते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अन्य राज्यों को भी इस नीति से सीख लेनी चाहिए।
दिल्ली EV नीति 2.0 में क्या बड़े बदलाव किए गए हैं?
नई नीति (2026-2030) में दोपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिफिकेशन का मुख्य लक्ष्य बनाया गया है, क्योंकि दिल्ली के कुल वाहनों में इनकी हिस्सेदारी करीब 68 प्रतिशत है।
इस बार सरकार का रुख केवल प्रोत्साहन देने से आगे बढ़कर अनिवार्य बदलाव की ओर है।
कब से लागू होंगे नए नियम?
1 अप्रैल 2028 से दिल्ली-एनसीआर में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
वहीं, डिलीवरी सर्विस और दोपहिया टैक्सी जैसे कमर्शियल फ्लीट्स को 1 जनवरी 2027 से ही इलेक्ट्रिक में बदलाव करना होगा।
क्या सब्सिडी और प्रोत्साहन भी मिलेंगे?
सरकार ने “टेपिंग” सब्सिडी मॉडल लागू किया है, ताकि लोग जल्दी इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट करें।
इसके अलावा, पुराने (BS-IV या उससे पुराने) दोपहिया वाहनों को स्क्रैप करने पर, निर्धारित समय सीमा के भीतर नया ईवी खरीदने पर प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
साथ ही, 2030 तक रोड टैक्स में छूट भी जारी रहेगी।
क्या मौजूदा पेट्रोल वाहन बंद हो जाएंगे?
नहीं, पहले से रजिस्टर्ड पेट्रोल दोपहिया वाहन अपनी तय उम्र (रजिस्ट्रेशन से 15 साल) तक सड़कों पर चल सकते हैं।
इसका मतलब है कि बदलाव धीरे-धीरे होगा, लेकिन दिशा पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर तय हो चुकी है।
