Hydrogen Buses: हाइड्रोजन से चलेंगे कमर्शियल वाहन, यूपी की सड़कों पर जल्द दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें!
टाटा मोटर्स का लखनऊ प्लांट, जीरो-एमिशन वाले हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले कमर्शियल वाहन को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से, प्रोटोटाइप के ट्रायल पहले ही शुरू कर दिए हैं।
विस्तार
Tata Motors (टाटा मोटर्स) के लखनऊ प्लांट से जल्द ही जीरो-एमिशन हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले कमर्शियल वाहन सड़कों पर उतर सकते हैं। यह पहल स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस प्रोजेक्ट पर काम कैसे चल रहा है?
कंपनी ने Indian Oil Corporation Ltd (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के साथ मिलकर हाइड्रोजन बसों के प्रोटोटाइप का ट्रायल शुरू कर दिया है।
टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ गिरिश वाघ के अनुसार, पूरी तरह से हाइड्रोजन पर चलने वाली बस विकसित करने में करीब 30 महीने तक का समय लग सकता है।
ये ट्रायल कई अहम पहलुओं का आकलन कर रहे हैं। जिनमें इस टेक्नोलॉजी कितना असरदार है, फिलिंग स्टेशन पर इकोसिस्टम कैसे तैयार किया जाए, और सबसे जरूरी बात, डीजल और इलेक्ट्रिक के मुकाबले ग्रीन हाइड्रोजन की कीमत कितनी होगी, जैसी बातें शामिल हैं।
ट्रायल का मूल्यांकन करने के बाद, हाइड्रोजन बसों के कमर्शियल उत्पादन पर फैसला लिया जाएगा। इसलिए, उन्होंने आगे कहा कि अभी कोई समय-सीमा तय नहीं की जा सकती।
लखनऊ प्लांट की क्षमता क्या है?
लखनऊ के देवा रोड स्थित टाटा मोटर्स प्लांट में फिलहाल लाइट, मीडियम और हैवी-ड्यूटी ट्रक के साथ-साथ विभिन्न तरह की बसों का उत्पादन होता है।
यहां डीजल, सीएनजी, बैटरी और हाइड्रोजन जैसे अलग-अलग ईंधनों से चलने वाले वाहनों का निर्माण किया जाता है, जिससे यह प्लांट कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उत्पादन केंद्र बन गया है।
क्या यह प्लांट पर्यावरण के अनुकूल है?
कंपनी के अनुसार, यह प्लांट पूरी तरह रिन्यूएबल एनर्जी पर चलता है और ‘जीरो वेस्ट टू लैंडफिल’ का दर्जा हासिल कर चुका है।
इसके अलावा, यह सुविधा ‘वॉटर-पॉजिटिव’ भी है, यानी जितना पानी इस्तेमाल होता है उससे अधिक पानी संरक्षित किया जाता है।
उत्तर प्रदेश में मांग कितनी है?
उत्तर प्रदेश में कमर्शियल वाहनों की मांग काफी मजबूत है।
यह राज्य देश का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है, खासकर कमर्शियल मोटर व्हीकल्स के लिए।
यहां कंपनी के छोटे कमर्शियल वैन जैसे Tata Magic और Tata Winger की मांग सबसे ज्यादा है, जबकि हैवी-ड्यूटी ट्रकों की बिक्री भी मजबूत बनी हुई है।
