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E-Flying Taxi: इस शहर में उड़ेगी इलेक्ट्रिक टैक्सियां, इंडिगो ने किया करोड़ो का निवेश; कब तक हो सकती है लॉन्च?
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Fri, 17 Apr 2026 04:24 PM IST
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सार
IndiGo flying taxi India: भारत की बड़ी एयरलाइन में से एक इंडिगो (IndiGo) ने अब इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी की दुनिया में कदम रखा है। इंडिगो ने बेंगलुरु के स्टार्टअप सरला एविएशन में 10 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह स्टार्टअप इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी विकसित कर रहा है, जिसे 2028 तक बेंगलुरु में लॉन्च करने का लक्ष्य है।
इंडिगो फ्लाइंग टैक्सी
- फोटो : x
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विस्तार
Electric air taxi India: इंडिगो ने अपने निवेश आर्म इंडिगो वेंचर्स के जरिए इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी स्टार्टअप सरला एविएशन में 10 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश किया है। सरला एविएशन अपना शून्य (Shunya) eVTOL विमान विकसित कर रही है, जो 6 यात्रियों को ले जाने में सक्षम साबित हो सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य 2028 तक बेंगलुरु में मौजूदा हेलिपैड्स का उपयोग कर फ्लाइंग टैक्सी सेवा शुरू करना है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह निवेश इंडिगो की एयर-मोबिलिटी योजनाओं को नई गति देगा।
क्या है शून्य (Shunya) एयर टैक्सी?
सरला एविएशन की ओर से बनाया जा रहा यह शून्य विमान कोई साधारण हेलिकॉप्टर नहीं है। यह एक eVTOL (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग) विमान है। इसकी डिजाइन काफी स्मार्ट है, इसमें पायलट के अलावा 6 लोग बैठ सकेंगे और यह 680 किलो तक वजन उठा सकता है। यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक होगा, यानी शोर कम और प्रदूषण न के बराबर।
इसमें खास बात यह है कि इसे टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए अलग से एयरपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। यह शहरों के मौजूदा होटल्स, अस्पतालों और टेक पार्क्स के हेलिपैड्स का ही इस्तेमाल करेगा।
पहले इंडिगो ने अमेरिका की आर्चर एविएशन के साथ साझेदारी की थी, जिसका लक्ष्य 2026 तक दिल्ली-मुंबई में फ्लाइंग टैक्सी लाना था, लेकिन तय समयसीमा पर काम न हो पाने की वजह से वह डील टूट गई। अब इंडिगो ने अपनी रणनीति बदलते हुए सरला एविएशन जैसे स्थानीय स्टार्टअप पर भरोसा जताया है, ताकि भारत की अपनी तकनीक विकसित हो सके।
ये एविएशन अकेले नहीं
फ्लाइंग टैक्सी की दौड़ में सरला एविएशन अकेली नहीं है। ईप्लेन, ब्लूजे एयरोस्पेस और जेटसेटगो जैसी कंपनियां भी इस उभरते बाजार पर नजर गड़ाए हुए हैं। सरला एविएशन को पहले ही Accel, बिन्नी बंसल (फ्लिपकार्ट), निखिल कामथ (जीरोधा) और श्रीहर्ष माजेटी (स्विगी) जैसे दिग्गजों का समर्थन मिल चुका है।
कब तक होगी शुरुआत?
जानकारों का कहना है कि अभी ये शुरुआती चरण में है, लेकिन उम्मीद है कि 2028 तक बेंगलुरु के आसमान में इन टैक्सियों को देखने का लक्ष्य बहुत बड़ा है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में ऑफिस जाना या एयरपोर्ट तक पहुंचना घंटों का काम नहीं, बल्कि चंद मिनटों का सफर होगा।
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क्या है शून्य (Shunya) एयर टैक्सी?
सरला एविएशन की ओर से बनाया जा रहा यह शून्य विमान कोई साधारण हेलिकॉप्टर नहीं है। यह एक eVTOL (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग) विमान है। इसकी डिजाइन काफी स्मार्ट है, इसमें पायलट के अलावा 6 लोग बैठ सकेंगे और यह 680 किलो तक वजन उठा सकता है। यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक होगा, यानी शोर कम और प्रदूषण न के बराबर।
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इसमें खास बात यह है कि इसे टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए अलग से एयरपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। यह शहरों के मौजूदा होटल्स, अस्पतालों और टेक पार्क्स के हेलिपैड्स का ही इस्तेमाल करेगा।
पहले इंडिगो ने अमेरिका की आर्चर एविएशन के साथ साझेदारी की थी, जिसका लक्ष्य 2026 तक दिल्ली-मुंबई में फ्लाइंग टैक्सी लाना था, लेकिन तय समयसीमा पर काम न हो पाने की वजह से वह डील टूट गई। अब इंडिगो ने अपनी रणनीति बदलते हुए सरला एविएशन जैसे स्थानीय स्टार्टअप पर भरोसा जताया है, ताकि भारत की अपनी तकनीक विकसित हो सके।
ये एविएशन अकेले नहीं
फ्लाइंग टैक्सी की दौड़ में सरला एविएशन अकेली नहीं है। ईप्लेन, ब्लूजे एयरोस्पेस और जेटसेटगो जैसी कंपनियां भी इस उभरते बाजार पर नजर गड़ाए हुए हैं। सरला एविएशन को पहले ही Accel, बिन्नी बंसल (फ्लिपकार्ट), निखिल कामथ (जीरोधा) और श्रीहर्ष माजेटी (स्विगी) जैसे दिग्गजों का समर्थन मिल चुका है।
कब तक होगी शुरुआत?
जानकारों का कहना है कि अभी ये शुरुआती चरण में है, लेकिन उम्मीद है कि 2028 तक बेंगलुरु के आसमान में इन टैक्सियों को देखने का लक्ष्य बहुत बड़ा है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में ऑफिस जाना या एयरपोर्ट तक पहुंचना घंटों का काम नहीं, बल्कि चंद मिनटों का सफर होगा।
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