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ICRA: देश में दोपहिया वाहनों की मांग तेज, बिकी 2.2 करोड़ गाड़ियां, जानें क्यों FY27 में धीमी हो सकती है रफ्तार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Tue, 21 Apr 2026 11:35 AM IST
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सार
Two-wheeler sales record India FY26: भारत के दोपहिया वाहन बाजार ने FY26 में 22 मिलियन यूनिट की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है, लेकिन FY27 में ग्रोथ 3-5% तक सीमित रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। ICRA के अनुसार, ग्रामीणों की मांग, मानसून और वैश्विक हालात की वजह से इस सेक्टर को नई दिशा मिल सकती है।
ICRA रिपोर्ट
- फोटो : adobe stock
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विस्तार
ICRA report two-wheeler growth FY27: भारत में दोपहिया वाहन बाजार लगातार मजबूती दिखा रहा है, लेकिन आने वाले समय में इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है। रेटिंग एजेंसी ICRA की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में रिकॉर्ड बिक्री के बाद FY27 में इस सेक्टर की ग्रोथ 3 से 5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है।
FY26 में ऑटो बाजार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 22 मिलियन यूनिट की घरेलू थोक बिक्री हासिल की है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। इस दौरान सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह रही कि साल की दूसरी छमाही में मांग में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जहां ग्रोथ 20.3 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि पहली छमाही में यह केवल 1 प्रतिशत के आसपास थी।
रिटेल और EV से मिला बड़ा सपोर्ट
रिटेल बिक्री की बात करें तो वह भी काफी मजबूत रही है। मार्च 2026 में बिक्री में 28.7 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की गई, जबकि पूरे वित्तीय वर्ष26 में लगभग 13 प्रतिशत की ग्रोथ रही। इस बढ़त के पीछे बेहतर ग्रामीण नकदी प्रवाह, रेपो रेट में कटौती और टैक्स राहत जैसी नीतियों का बड़ा योगदान रहा।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (e2W) की बात करें तो इस सेगमेंट में तेजी से विस्तार हो रहा है। मार्च 2026 में e2W की बिक्री 1.92 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 47.4 प्रतिशत ज्यादा है। पूरे वित्त वर्ष में यह सेगमेंट 21.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जिससे यह साफ है कि लोग अब इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
FY27 में क्यों धीमी रह सकती है ग्रोथ?
ICRA के अनुसार, FY27 में ग्रोथ धीमी रहने के पीछे सबसे बड़ी वजह हाई बेस इफेक्ट और ग्रामीण मांग में संभावित कमजोरियां मानी जा रही है। इसके अनुसार अगर मानसून कमजाेर रहता है, तो इसका असर ग्रामीणों की आय और खर्च पर पड़ सकता है। जो दोपहिया वाहनों की बिक्री को प्रभावित कर सकता है। क्योंकि इस सेगमेंट की मांग का बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाका माना जा रहा है।
इसके अलावा रिपोर्ट में एक और बड़े हालात की चर्चा की गई है। कहा गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष सप्लाई चेन और निर्यात पर असर डाल सकता है।
हालांकि FY26 में निर्यात ने भी मजबूत प्रदर्शन किया और 23.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ते हैं तो इसका असर आने वाले समय में दिखाई दे सकता है।
फिर भी उम्मीद बरकरार
इन चुनौतियों के बावजूद बाजार के लिए कुछ सकारात्मक संकेत भी हैं। जीएसटी सुधार, रिप्लेसमेंट डिमांड और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता इस सेक्टर को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है। सीधे शब्दों में कहें तो, दो पहिया बाजार अभी मजबूत है, लेकिन आने वाले साल में इसकी रफ्तार थोड़ी संतुलित रह सकती है।
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FY26 में ऑटो बाजार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 22 मिलियन यूनिट की घरेलू थोक बिक्री हासिल की है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। इस दौरान सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह रही कि साल की दूसरी छमाही में मांग में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जहां ग्रोथ 20.3 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि पहली छमाही में यह केवल 1 प्रतिशत के आसपास थी।
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रिटेल और EV से मिला बड़ा सपोर्ट
रिटेल बिक्री की बात करें तो वह भी काफी मजबूत रही है। मार्च 2026 में बिक्री में 28.7 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की गई, जबकि पूरे वित्तीय वर्ष26 में लगभग 13 प्रतिशत की ग्रोथ रही। इस बढ़त के पीछे बेहतर ग्रामीण नकदी प्रवाह, रेपो रेट में कटौती और टैक्स राहत जैसी नीतियों का बड़ा योगदान रहा।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (e2W) की बात करें तो इस सेगमेंट में तेजी से विस्तार हो रहा है। मार्च 2026 में e2W की बिक्री 1.92 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 47.4 प्रतिशत ज्यादा है। पूरे वित्त वर्ष में यह सेगमेंट 21.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जिससे यह साफ है कि लोग अब इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
FY27 में क्यों धीमी रह सकती है ग्रोथ?
ICRA के अनुसार, FY27 में ग्रोथ धीमी रहने के पीछे सबसे बड़ी वजह हाई बेस इफेक्ट और ग्रामीण मांग में संभावित कमजोरियां मानी जा रही है। इसके अनुसार अगर मानसून कमजाेर रहता है, तो इसका असर ग्रामीणों की आय और खर्च पर पड़ सकता है। जो दोपहिया वाहनों की बिक्री को प्रभावित कर सकता है। क्योंकि इस सेगमेंट की मांग का बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाका माना जा रहा है।
इसके अलावा रिपोर्ट में एक और बड़े हालात की चर्चा की गई है। कहा गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष सप्लाई चेन और निर्यात पर असर डाल सकता है।
हालांकि FY26 में निर्यात ने भी मजबूत प्रदर्शन किया और 23.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ते हैं तो इसका असर आने वाले समय में दिखाई दे सकता है।
फिर भी उम्मीद बरकरार
इन चुनौतियों के बावजूद बाजार के लिए कुछ सकारात्मक संकेत भी हैं। जीएसटी सुधार, रिप्लेसमेंट डिमांड और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता इस सेक्टर को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है। सीधे शब्दों में कहें तो, दो पहिया बाजार अभी मजबूत है, लेकिन आने वाले साल में इसकी रफ्तार थोड़ी संतुलित रह सकती है।
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