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Chinese Vehicles: सैन्य सुरक्षा बनाम टेक्नोलॉजी, पोलैंड क्यों चीनी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने पर कर रहा है विचार

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 21 Jan 2026 05:58 PM IST
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सार

रक्षा अधिकारियों के अनुसार, पोलिश अधिकारी संभावित सुरक्षा जोखिमों के कारण चीनी गाड़ियों को मिलिट्री परिसरों में घुसने से रोकने पर विचार कर रहे हैं।

Poland Weighs Ban on Chinese Vehicles at Military Bases, Tesla Also Under Review
Connected Car Technology - फोटो : Freepik
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विस्तार
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पोलैंड में सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी के चलते वहां की सरकार चीन निर्मित वाहनों को सैन्य परिसरों में प्रवेश से रोकने पर विचार कर रही है। रक्षा अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक वाहनों में मौजूद तकनीक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
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तकनीक और डेटा को लेकर सबसे बड़ी चिंता
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पोलिश सेना के जनरल स्टाफ के प्रवक्ता कर्नल मारेक पिएत्रजाक के मुताबिक, यह कदम उन जोखिमों को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है जो वाहन में लगे आधुनिक सेंसर, तकनीकी सिस्टम और डेटा ट्रांसमिशन से जुड़े हैं।

उनका कहना है कि ऐसे वाहनों के जरिए कई जानकारियां, बिना जानकारी या नियंत्रण के बाहर भेजी जा सकती है। जो सैन्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।

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जल्द सामने आएगा फैसला
सेना के प्रवक्ता ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में कोई ठोस समाधान सामने रखा जाएगा। यानी प्रतिबंध से जुड़ा फैसला जल्द लिया जा सकता है।

क्या अमेरिकी कंपनी टेस्ला भी दायरे में?
पोलैंड के मीडिया में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित नियम सिर्फ चीन में बने वाहनों तक सीमित नहीं हो सकते। इन उपायों के तहत अमेरिकी कंपनी Tesla (टेस्ला) की गाड़ियों को भी सैन्य ठिकानों में प्रवेश से रोका जा सकता है। क्योंकि उनमें भी एडवांस्ड सेंसर और डेटा सिस्टम मौजूद होते हैं।

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रक्षा मंत्रालय की तैयारी
पोलैंड के रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि संरक्षित सैन्य ठिकानों और सुविधाओं में चीन निर्मित वाहनों की पहुंच सीमित करने पर काम चल रहा है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ऐसे वाहनों में लगे सिस्टम का कनेक्शन सर्विस फोन और अन्य डेटा कैरियर्स से किस तरह जुड़ता है।

मोबाइल और डेटा कनेक्शन भी जांच के दायरे में
नए नियमों में यह भी शामिल हो सकता है कि सैन्य कर्मियों के मोबाइल फोन या अन्य डेटा डिवाइस का कनेक्शन ऐसे वाहनों के सिस्टम से पूरी तरह रोका जाए। ताकि किसी भी तरह की सूचना लीक की संभावना न रहे।

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फिलहाल किसके पास है फैसला लेने का अधिकार?
इस समय पोलैंड में, जो NATO (नाटो) और यूरोपियन यूनियन का सदस्य है, सैन्य ठिकानों में वाहनों को प्रवेश देने या रोकने का अधिकार वहां के कमांडरों के पास है। खासतौर पर उन वाहनों पर नजर रखी जाती है जिनमें ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग सिस्टम लगे होते हैं।

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बदलते दौर में सुरक्षा पर सख्ती
यह प्रस्ताव दिखाता है कि आधुनिक तकनीक और कनेक्टेड वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अब देशों की सुरक्षा रणनीति भी बदल रही है। पोलैंड का यह कदम आने वाले समय में अन्य देशों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।

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