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Traffic Rules: एंबुलेंस को रास्ता न देना पड़ सकता है भारी, कट सकता है भारी चालान, जानें क्या है नियम

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Sun, 29 Mar 2026 05:42 PM IST
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सार

Fine for not giving way to ambulance India: क्या आपको पता है कि सड़क पर इमरजेंसी वाहनों खासकर एंबुलेंस को प्राथमिकता न देना एक कानूनी अपराध है और ऐसा न करने पर आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने यह कदम एंबुलेंस में मौजदू गंभीर मरीजों को बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाने और उनकी जान बचाने के लिए उठाया है। 
 

Traffic Rules: एंबुलेंस को रास्ता न देना पड़ सकता है भारी, कट सकता है भारी चालान, जानें क्या है नियम
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : adobe stock
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विस्तार

Motor Vehicle Act Section 194E: पहली बार ऐसी गलती करने पर आपका दस हजार का चालान कट सकता है, इसके अलावा दोषी को छह महीने तक की जेल भी हो सकती है। एंबुलेंस का सायरन सुनते ही वाहन को साइड में कर रास्ता देना हर नागरिक की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है। सड़क पर चलते समय आपकी एक छोटी सी लापरवाही न केवल किसी की जान जोखिम में डाल सकती है, बल्कि आपके बैंक बैलेंस और आजादी पर भी भारी पड़ सकती है। अगर आप एंबुलेंस को रास्ता देने में इंसानियत दिखाते  हैं, तो अब आपको इसके लिए भारी कीमत चुकानी होगी।
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Traffic challan for blocking ambulance: मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194E क्या कहती है?
यह धारा विशेष रूप से आपातकालीन वाहनों जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को रास्ता न देने पर लागू होती है। अगर कोई वाहन चालक जानबूझकर या लापरवाही से रास्ता बाधित करता है, तो ट्रैफिक पुलिस उसका मौके पर या ऑनलाइन  चालान काट सकती है।
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10000 rupees fine for traffic violation: भारी जुर्माना और जेल का प्रावधान
इसे सिर्फ चालान तक ही सीमित नहीं रखा गया है, ऐसा करने पर भारी जुर्माना और सजा भी हो सकती है:
  • आर्थिक दंड: अगर कोई व्यक्ति पहली बार नियम तोड़ता है तो उसपर दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, लेकिन अगर कोई बार-बार उल्लंघन करता है तो यह कार्रवाई और सख्त हाे सकती है। 
  • सजा: कानून में केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि 6 महीने तक की जेल की सजा का भी प्रावधान है। यह सजा मजिस्ट्रेट द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए दी जा सकती है।
आपकी जिम्मेदारी: क्या करें जब सायरन सुनाई दे?
नियमों के अनुसार जैसे ही आपको एंबुलेंस का सायरन सुनाई दे, आपको इन बातों का विशेष ध्यान रखना है:
  • सबसे पहले अपने वाहन की गति धीमी करें।
  • फिर अपने वाहन को सड़क के बाईं ओर ले जांए, जिससे एंबुलेंस को निकलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
  • अगर मान लीजिए आप फंसे हुए हैं, तो आप कोशिश करें कि सुरक्षित तरीके से एंबुलेंस को रास्ता देने की कोशिश करें।
एंबुलेंस को रास्ता देना सिर्फ एक ट्रैफिक नियम नहीं है, बल्कि यह एक जीवन बचाने का अवसर है। एंबुलेंस में बिताया गया हर सेकंड मरीज के लिए गोल्डन ऑवर होता है। आपकी थोड़ी सी समझदारी किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकती है।
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