Mercedes-Benz S-Class Guard: पैसा होने पर भी हर कोई नहीं खरीद सकता यह कार, पास करना होगा सख्त बैकग्राउंड चेक
Mercedes-Benz S-Class Guard: मर्सिडीज-बेंज की हाई-सिक्योरिटी लग्जरी कार मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास गार्ड खरीदना आम लग्जरी कार खरीदने जैसा नहीं है। इस हाई-सिक्योरिटी बख्तरबंद (आर्मर्ड) कार को खरीदने के लिए ग्राहकों को कंपनी का एक बेहद सख्त बैकग्राउंड चेक पास करना होता है। ये गाड़ी इतनी खास है कि कंपनी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह हाई-सिक्योरिटी वाहन गलत हाथों में न जाए। इस लेख में जानेंगे कि क्या हैं इस कार के खास सीक्रेट फीचर्स, इसे खरीदने की कड़ी शर्तें और किन बड़े देशों में इसकी बिक्री पर पूरी तरह से रोक है।
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जब बात अल्टीमेट लग्जरी और बेजोड़ सुरक्षा की आती है तो Mercedes-Benz S-Class Guard का कोई मुकाबला नहीं है। यह मर्सिडीज की फ्लैगशिप सेडान का आर्मर्ड (बख्तरबंद) वर्जन है। इसमें बुलेटप्रूफ शीशे, मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर और मिलिट्री-ग्रेड प्रोटेक्शन सिस्टम मिलता है। लेकिन, इस कार को खरीदना उतना आसान नहीं है जितना कि चेकबुक लेकर किसी शोरूम में जाना। अगर आपके पास करोड़ों रुपये हैं, तो भी मर्सिडीज आपको यह कार तब तक नहीं बेचेगी, जब तक आप उनका सख्त बैकग्राउंड चेक पास नहीं कर लेते।
कार खरीदने के लिए क्यों होता है बैकग्राउंड चेक?
यह कोई आम लग्जरी सेडान नहीं है; यह एक हाई-सिक्योरिटी वाहन है। इस कार को बड़े नेताओं, राष्ट्राध्यक्षों और वीआईपी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
सुरक्षा का डर: मर्सिडीज यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इतनी सुरक्षित और मजबूत कार किसी गलत इंसान या अपराधी के हाथ न लग जाए।
सख्त जांच: S-Class Guard प्रोग्राम के कम्युनिकेशंस ऑफिसर साशा जेनिक के मुताबिक, किसी भी ग्राहक का आवेदन स्वीकार करने से पहले कंपनी उसकी डिटेल में बैकग्राउंड चेकिंग और प्रतिबंध चेक करती है।
इन देशों में नहीं बेची जाएगी यह कार
मर्सिडीज अपनी इस आर्मर्ड लिमोजिन को फिलहाल दुनिया के हर बाजार में उपलब्ध नहीं करा रही है। कंपनी ने अमेरिका और चीन जैसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजारों में भी इसकी बिक्री को प्रतिबंधित रखा है। इसके अलावा, जिन देशों पर किसी भी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू हैं। वहां के खरीदारों को भी इस कार की खरीद प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
टॉप सीक्रेट फीचर्स और पावरफुल इंजन
एक बार जब आप बैकग्राउंड चेक में पास हो जाते हैं तो कार बनने का प्रोसेस शुरू होता है। यह प्रोसेस भी बेहद खुफिया होता है।
कस्टमाइजेशन है टॉप सीक्रेट: इस कार में क्या-क्या खास फीचर्स जोड़े जाएंगे, इसकी एक लंबी लिस्ट होती है, लेकिन यह सब टॉप सीक्रेट रखा जाता है। हर कार को ग्राहक की सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से अलग से तैयार किया जाता है।
एक्सक्लूसिव इंजन: मौजूदा S-Class लाइनअप में यह इकलौता मॉडल है जो बेहद पावरफुल इंजन (मौजूदा जनरेशन में V12/V8 विकल्प) के साथ आता है, जो इसके भारी वजन को आसानी से खींच सकता है।
कीमत का खुलासा नहीं: इस कार की असल कीमत क्या है, कितनी यूनिट्स बनाई जाएंगी या इन्हें बनाने का तरीका क्या है? कंपनी ने इन सभी तकनीकी जानकारियों को पूरी तरह से पर्दे के पीछे रखा है। क्योंकि हर कार अलग तरह से कस्टमाइज होती है, इसलिए हर कार की कीमत भी अलग होती है।
आसान शब्दों में कहें तो Mercedes-Benz S-Class Guard सिर्फ अमीरों के लिए नहीं है, बल्कि यह उन खास लोगों के लिए है जिन्हें असल में इस स्तर की सुरक्षा की जरूरत है और जिनका रिकॉर्ड पूरी तरह से साफ है।