Chinese Cars:अमेरिकी व्यापार प्रमुख का दावा- तकनीक पर प्रतिबंधों से चीनी कारों के लिए बंद होंगे यूएस के दरवाजे
अमेरिका के शीर्ष व्यापार अधिकारी ने कहा कि विदेशी तकनीक पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण निकट भविष्य में चीनी कार निर्माता अमेरिकी बाजार से बाहर ही रह सकते हैं।
विस्तार
शीर्ष अमेरिकी व्यापार अधिकारी, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने गुरुवार को कहा कि विदेशी तकनीक पर प्रतिबंधों के कारण चीनी कार निर्माताओं का निकट भविष्य में अमेरिकी बाजार में आना मुश्किल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इससे इन कंपनियों के लिए अमेरिका के घरेलू ऑटो बाजार में अपनी पकड़ बनाना मुश्किल हो जाएगा।
कौन से नियम बन रहे हैं बड़ी बाधा?
ग्रीर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि ‘विदेशी चिंताजनक इकाइयों’ द्वारा निर्मित कनेक्टेड व्हीकल तकनीक और सॉफ्टवेयर पर रोक लगाने वाले नियम कई चीनी कंपनियों के लिए बड़ी बाधा हैं। उन्होंने कहा कि ये नियम अगले 12 से 18 महीनों में लागू हो जाएंगे।
क्या इन नियमों में बदलाव की संभावना है?
मिशिगन में Stellantis NV (स्टेलेंटिस एनवी) के प्लांट के दौरे के दौरान ग्रीर ने कहा, “हमें इसमें किसी बदलाव की उम्मीद नहीं दिखती। इन नियमों के चलते कुछ देशों के लिए यहां नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करना मुश्किल हो सकता है।”
अमेरिकी बाजार में चीनी कंपनियों की एंट्री क्यों चर्चा में है?
इस साल अमेरिकी ऑटो उद्योग में चीनी कंपनियों के प्रवेश की संभावना पर खास नजर रखी जा रही है।
खासकर तब जब जनवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि वे ऐसे समझौतों के लिए खुले हैं, जिनसे अमेरिकी श्रमिकों को रोजगार मिले।
यह कदम अमेरिकी निर्माताओं और उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।
क्या ट्रंप-शी मुलाकात में ऑटो सेक्टर अहम मुद्दा होगा?
ग्रीर ने इस बात को कम महत्व देते हुए कहा कि अगले महीने होने वाली डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनफिंग की बैठक में ऑटो उद्योग प्रमुख मुद्दा नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि हाल ही में पेरिस में हुई अमेरिका-चीन व्यापार अधिकारियों की बैठक में कुछ सीमित क्षेत्रों पर ही सहमति बनी। जिनमें ऑटो उद्योग सीधे तौर पर शामिल नहीं है।
वैश्विक बाजार में चीनी ऑटो कंपनियों की स्थिति क्या है?
BYD Co. (बीवाईडी कंपनी) और Geely Automobile Holdings Ltd. (गीली ऑटोमोबाइल होल्डिंग्स लिमिटेड) जैसी कंपनियों के नेतृत्व में चीन की ऑटो कंपनियों ने यूरोप, मेक्सिको और दक्षिण अमेरिका में तेजी से बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई है।
ये कंपनियां कम कीमत में एडवांस्ड इलेक्ट्रिक-व्हीकल बैटरी और इंफोटेनमेंट सिस्टम देती हैं।
साथ ही, उन्हें सरकारी सब्सिडी मिलती है और वे कम मुनाफे या घाटे में भी काम करके तकनीक को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराती हैं, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलती है।
कनाडा ने क्या फैसला लिया है?
कनाडा सरकार ने हाल ही में हर साल 49,000 चीनी वाहनों को देश में प्रवेश देने की अनुमति देने पर सहमति जताई है।
ग्रीर की स्टेलांटिस प्लांट यात्रा में क्या हुआ?
ग्रीर ने मिशिगन के वॉरेन स्थित Stellantis NV के प्लांट का दौरा किया, जहां Jeep Grand Wagoneer (जीप ग्रैंड वैगोनियर) का निर्माण होता है। उन्होंने यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स यूनियन के अधिकारियों से भी मुलाकात की, जिसमें यूनियन के अध्यक्ष शॉन फेन शामिल थे।
टैरिफ पर क्या जोर दिया गया?
बैठक के दौरान ग्रीर ने इस बात पर जोर दिया कि टैरिफ अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग को वापस लाने का एक प्रभावी तरीका है। यह जानकारी UAW लोकल 140 के अध्यक्ष एरिक ग्राहम ने दी, जो इस प्लांट के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्लांट की वर्तमान स्थिति क्या है?
यह प्लांट फिलहाल एक शिफ्ट में काम कर रहा है, जबकि 2024 में यहां दो शिफ्ट्स थीं। Stellantis NV ने RAM (राम) पिकअप उत्पादन का कुछ हिस्सा मेक्सिको स्थानांतरित कर दिया था।
भविष्य की योजनाएं और कर्मचारियों की स्थिति क्या है?
इस फैक्ट्री में 2028 तक राम ब्रांड की नई एसयूवी बनाने की योजना है। लेकिन अभी भी करीब 340 कर्मचारी छंटनी की स्थिति में हैं। एरिक ग्राहम ने कहा, “हमारे पास जगह है, हमारे पास लोग हैं, हमें सिर्फ अवसर की जरूरत है।”