NH: राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर नितिन गडकरी का सख्त रुख, कहा- मंजूरी से पहले 100% भूमि अधिग्रहण जरूरी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण के बिना किसी भी नए राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट को मंज़ूरी नहीं दी जानी चाहिए। जानें आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा?
विस्तार
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण के बिना मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि यह सड़क निर्माण में एक बड़ी बाधा है।
गडकरी ने यह बात कहां कही?
उन्होंने “विकसित भारत 2047” पर आयोजित 17वें CIDC विश्वकर्मा अवॉर्ड्स एवं प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए यह बात कही। गडकरी ने यह भी बताया कि राजमार्ग मंत्रालय के पास 15 लाख करोड़ रुपये के हाईवे एसेट्स हैं, जिन्हें मॉनेटाइज किया जा सकता है।
भूमि अधिग्रहण और क्लियरेंस क्यों हैं बड़ी समस्या?
गडकरी ने कहा, “भूमि अधिग्रहण, वन और पर्यावरण मंजूरी हाईवे प्रोजेक्ट्स में बड़ी समस्याएं हैं। हमने पहले यह अनिवार्य किया था कि 90 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण के बिना कोई नई परियोजना शुरू नहीं होगी। अब मेरा मानना है कि 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण के बिना नई परियोजनाओं के लिए ‘अपॉइंटेड डेट’ भी नहीं दी जानी चाहिए।”
‘अपॉइंटेड डेट’ का क्या मतलब होता है?
‘अपॉइंटेड डेट’ वह औपचारिक तारीख होती है, जब किसी हाईवे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू करने का संकेत दिया जाता है। इसका मतलब होता है कि भूमि अधिग्रहण और सभी जरूरी मंजूरियां पर्याप्त रूप से पूरी हो चुकी हैं।
खराब सड़कों के लिए कौन जिम्मेदार है?
गडकरी ने यह भी दोहराया कि हाईवे निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने वाले कंसल्टेंट्स ही खराब गुणवत्ता वाली सड़कों के असली जिम्मेदार हैं।
DPR क्या होती है और किसकी भूमिका अहम है?
उन्होंने सुझाव दिया कि NHAI के रिटायर्ड अधिकारी अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए DPR तैयार करने वाली फर्म शुरू करें। DPR एक विस्तृत ब्लूप्रिंट होती है, जिसमें सड़क निर्माण परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, वित्तीय और लॉजिस्टिक्स पहलुओं का विवरण होता है।
मंत्री ने कहा कि निर्माण उद्योग में अपार संभावनाएँ हैं और इसे गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण लागत कम करने पर काम करना चाहिए।