डिजाइन का अनदेखा सच: क्या आप जानते हैं बाइक की पिछली सीट ऊपर क्यों होती है? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!
High Rear Seats Is Not Only For Style: ज्यादातर लोगों को लगता है कि बाइक्स में पीछे की ऊंची सीट सिर्फ स्पोर्टी लुक के लिए होती है, लेकिन असल में इसके पीछे कमाल की इंजीनियरिंग छिपी है। ऊंची सीट बाइक को ज्यादा स्थिर बनाती है, पीछे बैठे व्यक्ति की सुरक्षा बढ़ाती है और लंबी यात्राओं को अधिक आरामदायक बनाती है।
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विस्तार
अक्सर स्पोर्ट्स बाइक्स या नई जनरेशन की मोटरसाइकिलों में पीछे बैठने वाले (पिलियन राइडर) की सीट काफी ऊंची होती है। कई लोगों को लगता है कि ऐसा सिर्फ बाइक को स्टाइलिश या स्पोर्टी लुक देने के लिए किया जाता है।
लेकिन असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है। ऑटोमोबाइल कंपनियां ऐसा एक बेहद खास वजह से करती हैं सुरक्षा और परफॉर्मेंस। इसके पीछे बेहतरीन इंजीनियरिंग छिपी है। आइए समझते हैं कि आखिर बाइक्स की पिछली सीट ऊंची क्यों बनाई जाती है।
वजन का सही बैलेंस
जब पीछे बैठने वाले की सीट ऊंची होती है, तो बाइक के आगे और पीछे के पहियों के बीच वजन का बंटवारा एकदम सही तरीके से होता है। इससे बाइक का सेंटर ऑफ ग्रेविटी बेहतर बनता है। इसका सीधा फायदा यह होता है कि तेज रफ्तार में भी बाइक के फिसलने या कंट्रोल खोने का खतरा काफी कम हो जाता है।
पीछे बैठने वाले को आगे का साफ दिखना
नॉर्मल और सपाट सीटों पर पीछे बैठे इंसान को सामने का रास्ता ठीक से नहीं दिखता, क्योंकि आगे वाले राइडर की पीठ बीच में आ जाती है। लेकिन ऊंची सीट होने से पीछे बैठे व्यक्ति को भी आगे की सड़क बिल्कुल साफ नजर आती है। इससे उन्हें भी पता रहता है कि आगे क्या हो रहा है, जिससे सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बन जाता है।
पहिए में कपड़े फंसने से बचाव
पुरानी या सपाट सीटों वाली बाइक्स में अक्सर पीछे बैठे इंसान के पैर, ढीले पैंट या साड़ी के पल्लू का पिछले पहिए में फंसने का डर रहता है। इस वजह से कई बार गंभीर एक्सीडेंट हो जाते हैं। सीट ऊंची होने से पहिए और पैसेंजर के बीच काफी दूरी बन जाती है, जिससे कपड़े या पैर फंसने का यह खतरा ना के बराबर रह जाता है।
हवा को चीरने में मदद
यह एक कमाल का विज्ञान है। जब पीछे की सीट ऊंची होती है, तो बैठने वाला व्यक्ति स्वाभाविक रूप से थोड़ा आगे की तरफ झुक जाता है। इस पोस्चर से बाइक को हवा चीरने में आसानी होती है। हवा का रुकावट कम होने से हाईवे पर तेज रफ्तार में भी बाइक एकदम स्थिर चलती है और हवा के थपेड़ों से डगमगाती नहीं है।
झटकों से बचाव और सस्पेंशन
ऊंची सीट के नीचे एक हैवी-ड्यूटी सस्पेंशन सिस्टम के ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त जगह मिल जाती है। जब बाइक खराब रास्तों, गहरे गड्ढों या स्पीड ब्रेकर से गुजरती है, तो यह सस्पेंशन उन तेज झटकों को ऊपर तक पहुंचने से पहले ही सोख लेता है। इससे पीछे बैठे व्यक्ति की रीढ़ की हड्डी पर सीधा जोर नहीं पड़ता और लंबे सफर में कमर दर्द की शिकायत नहीं होती।
अगली बार जब आप किसी ऊंचे पिछले हिस्से वाली बाइक को देखें, तो समझ जाइएगा कि यह सिर्फ दिखावा नहीं है, बल्कि आपकी सुरक्षित और आरामदायक राइड के लिए किया गया एक स्मार्ट इंजीनियरिंग डिजाइन है।