बिहार: सिर गायब, शरीर पर गहरे जख्म…डीएनए जांच ने सुलझाई गुत्थी, अब आरोपी को आजीवन कारावास; क्या था मामला?
भागलपुर में रेणु देवी हत्याकांड में अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सिर गायब होने के बाद बरामद नरमुंड का मृतका की मां के डीएनए नमूने से मिलान कर पहचान की पुष्टि हुई।
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शरीर पर कई गहरे जख्म, गायब सिर और करीब सात से आठ दिन बाद नरमुंड की बरामदगी। भागलपुर के रेणु देवी हत्याकांड की जांच में पुलिस को मृतका की पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए जांच का सहारा लेना पड़ा। अब इस जघन्य हत्याकांड में अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मृतका की पहचान रेणु देवी के रूप में हुई थी। बताया गया कि उनकी दूसरी शादी अरविंद पासवान के साथ हुई थी। रेणु देवी की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी। उनके शरीर पर छह से सात जगह गंभीर जख्म के निशान मिले थे। शव का सिर गायब होने के कारण पुलिस के सामने मृतका की पहचान करना बड़ी चुनौती थी।
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नरमुंड की बरामदगी के बाद डीएनए जांच
जांच के दौरान करीब सात से आठ दिन बाद नरमुंड बरामद हुआ। इसके बाद मृतका की मां के डीएनए नमूने से उसका मिलान कराया गया। जांच में डीएनए का मिलान होने पर मृतका की पहचान की पुष्टि हुई। इस वैज्ञानिक जांच ने मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
आरोपी को उम्रकैद, 10 हजार रुपये का जुर्माना
मामले में अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। करीब दो साल बाद आए इस फैसले को जघन्य हत्याकांड में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।