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शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के समय करें पंच दान, होगा हर समस्या का समाधान - 4 दिसम्बर, 2021
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बिहार: घर पर ढाई लाख रुपये लेते पकड़े गए बेतिया सीओ, जमीन विवाद सुलझाने के लिए मांगी थी रिश्वत

बिहार के पश्चिमी चंपारण बेतिया में  निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने अंचलाधिकारी (CO) श्याम कांत प्रसाद को ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एक सप्ताह के अंदर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो टीम की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। मंगलावर को सुबह-सुबह निगरानी विभाग की टीम ने यह कार्रवाई श्याम कांत प्रसाद के आवास पर की। बेतिया निवासी विनोद कुमार गुप्ता ने निगरानी मुख्यालय में  पिछले महीने 29 अक्तूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था कि जमीन मामले को रफा-दफा करने के लिए सीओ 2.5 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं और पैसे नहीं देने पर कानूनी दांवपेंच में उलझाने की चेतावनी दे रहे हैं। जिसके बाद निगरानी टीम ने योजना बनाकर सीओ के यहां दबिश दी। 

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी अरूणोदय पांडेय ने पूरे मामले का खुलासा किया। 2 नवंबर को टीम पटना से सीधे बेतिया पहुंची और सीओ के आवास पर पूरा जाल बिछाया। सीओ से तय बातचीत के अनुसार विनोद कुमार गुप्ता जैसे ही पैसे लेकर वहां पहुंचा उनके हाथ में दिया कि निगरानी टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। निगरानी के अनुसार विनोद कुमार गुप्ता ने लिखित शिकायत की थी। इसी के बाद यह कार्रवाई की गई है। 
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सिस्टम की खुली पोल: महिला श्रमिक ने केंद्रीय मंत्री से मंच पर ही कर दी रिश्वत की शिकायत, रामेश्वर तेली ने तुरंत जांच का दिया आदेश

केंद्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली उस वक्त हिल गए जब एक महिला ने मंच से ही भ्रष्टाचार की शिकायत कर दी। केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने महिला से पूछा कि आपका ई-श्रम कार्ड मुफ्त में बना है ना? इस पर महिला ने कहा कि इस कार्ड को बनवाने के लिए उन्हें 100 रुपये देने पड़े। महिला की बात सुनते ही रामेश्वर तेली चौंक गए और मंच पर मौजूद बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री जीवेश मिश्रा से तत्काल जांच कराने के आदेश दिए। 



शनिवार को पटना स्थित दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आयोजित ई-श्रम कार्ड निबंधन और वितरण समारोह में श्रम और रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली  शिरकत करने पहुंचे थे। केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली बिहार के श्रमिकों को ई-कार्ड बांट रहे थे। इसी बीच श्रमिक महिला किरण देवी का नाम पुकारा गया, किरण देवी मंच पर पहुंची। केंद्रीय राज्य मंत्री ने महिला को ई श्रम कार्ड दिया और पूछा कि यह कार्ड आपका निशुल्क में बना है ना? इस पर महिला ने कहा उसे ई-श्रम कार्ड को बनवाने के लिए 100 रुपये की रिश्वत देने पड़ी। यह सुनते ही रामेश्वर तेली दंग रह गए। मंच पर मौजूद अन्य नेता और अधिकारी भी यह सुन हैरान हो गए। केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने जांच कराने के आदेश दिए। 
 
निशुल्क में बनाना है कार्ड
श्रम संसाधन विभाग श्रमिकों को पैसे देने और सरकारी योजना का लाभ पहुंचाने के लिए ई-श्रम कार्ड बनाने का काम कर रहा है। ई-श्रमिक कार्ड बनाने में सरकार एक भी रुपये श्रमिकों से नहीं ले रही है। यह पूरी तरह से निशुल्क है।  ऐसे में किरण देवी की ओर से सिस्टम की पोल खोल देने के बाद बवाल बढ़ गया है
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अजूबा: महिला ने एक साथ पांच बच्चों को दिया जन्म, जच्चा और बच्चे सभी स्वस्थ, डॉक्टर भी हैरान

बिहार के सिवान जिले के सदर अस्पताल में गुरुवार को एक महिला ने पांच बच्चों को जन्म दिया है। इनमें तीन बेटी और दो बेटे हैं। सिवान में इस तरह का यह पहला मामला है। जन्म के बाद जच्चा और सभी बच्चे स्वस्थ हैं। सभी बच्चों को आईसीयू वार्ड में रखा गया है। महिला का नाम फूलजहां खातून है। वह शहर के वार्ड नंबर 28 के इस्माइल शहिद तकिया मोहल्ला निवासी मो. झुना की पत्नी है। 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, फूलजहां की शादी गोपालगंज के थावे थाना क्षेत्र के अरना गांव में पांच साल पहले हुई थी। इससे पहले महिला की एक चार साल की बेटी है। फूलजहां खातून का पति पहले विदेश में काम करता था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वह घर पर ही रुका है और फिलहाल वो मजदूरी करता है। 

ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर भी हैरान
ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर रीता सिन्हा ने बताया कि सिवान सदर अस्पताल में इस तरह का पहला केस सामने आया है। इसके अलावा डॉ रीता ने कहा कि उनके जीवन में भी यह पहला अनुभव है।  उन्होंने बताया कि जांच में यह पता चल गया था कि महिला के गर्भ में पांच बच्चे हैं। इसलिए उसका सिजेरियन किया गया।  महिला की हालत सामान्य है और किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। वहीं, सभी बच्चे भी ठीक हैं। 
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मिसाल: दरभंगा में कोरोना की दोनों डोज लेने वाले शख्स को मिलेगा बंपर इनाम, टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए कलेक्टर की पहल

बिहार के दरभंगा जिले में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए कलेक्टर ने नई पहल शुरू की है। वैक्सीन लेने वालों को इनाम देने का एलान किया है। बीते दिनों वैक्सीन को लेकर हुई जिला समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए टीका लगवाओ..इनाम पाओ की घोषणा की। कलेक्टर ने बताया कि दोनों डोज लगवाने वाले शख्स को बेहतर और आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। कलेक्टर त्याग राजन ने समीक्षा बैठक में टीका की रफ्तार बढ़ाने के लिए इनाम वाली स्कीम का एलान किया। अब 'कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लें और बंपर इनाम जीतें'। 

नए वैरिएंट से खतरा बढ़ने की संभावना
दरभंगा के जिलाधिकारी त्याग राजन ने बताया कि नए कोरोना वैरिएंट का खतरा एक बार फिर से दिखाई देने लगा है। हालांकि, उन्होंने फिलहाल यहां के लोगों को डरने की बात नहीं कहते हुए कोरोना टीका जल्द से जल्द लगवाने की अपील की। त्याग राजन ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में टीका सबसे बड़ा हथियार है।

बिहार सरकार ने भी इनाम देने का किया एलान
पिछले दिनों बिहार सरकार ने टीकाकरण के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने वालों को पुरस्कार देने का फैसला लिया है। पुरस्कृत होने वालों का चयन साप्ताहिक लकी ड्रा से किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय  ने बताया कि यह विभाग की अनूठी पहल है।
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कोराना टीके की दूसरी खुराक कोराना टीके की दूसरी खुराक

बिहार: नौवें चरण की मतगणना जारी, दांव पर इन दिग्गजों की किस्मत, दो दिन तक चल सकती है काउंटिंग

बिहार पंचायत चुनाव के 9वें चरण की मतगणना जारी है। 9वें चरण में 35 जिलों के 875 पंचायतों में 29 नवंबर को मतदान संपन्न हुआ था। 35 जिलों के जिला मुख्यालयों पर सुबह 8 बजे मतगणना हो रही है। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा बलों की ओर से मतदान केंद्रों पर भीड़ नहीं जुटाने की अपील की गई है। हालांकि, खगड़िया में मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। 

97 हजार 878 प्रत्याशियों के भाग्य का होगा फैसला
नौवें चरण में कुल 97 हजार 878 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। बिहार निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इस चरण में कुल 26,831 पदों के लिए चुनाव संपन्न हो चुका है। इनमें ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 11883 सीट, ग्राम पंचायत मुखिया पद के लिए 871 सीट, पंचायत समिति सदस्य पद के लिए 1196 सीट, जिला परिषद सदस्य पद के लिए 127 सीट, ग्राम कचहरी पंच पद के लिए 11,883 सीट और ग्राम कचहरी सरपंच पद के लिए 871 सीट शामिल हैं।  9वें चरण में 46 हजार 164 पुरुष और 51 हजार 714 महिला प्रत्याशी हैं।

8 दिसबंर को दसवें चरण का मतदान होगा। मुजफ्फरपुर समेत कई जिला प्रखंडों में 10वें चरण की सीटों पर वोट डाले जाएंगे। 
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बिहार पंचायत चुनाव: आठवें चरण की मतगणना जारी, 36 जिलों की 822 पंचायतों के आएंगे नतीजे

बिहार पंचायत चुनाव के 8वें चरण की सीटों पर मतगणना जारी है। मतगणना केंद्रों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात है। 36 जिलों के 55 प्रखंडों की 822 पंचायतों के प्रतिनिधियों की किस्मत का फैसला आज होगा। यहां 24 नवंबर को वोटिंग हुई थी। इस चरण के 3,356 पदों पर निर्विरोध चुनाव हो चुका है। वहीं, 166 पदों पर किसी भी प्रत्याशी के नामांकन नहीं करने की वजह से यह पद खाली रह गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, आठवें चरण में 92 हजार 376 उम्मीदवार मैदान में थे। इसमें 66 लाख 55 हजार 233 मतदाताओं ने मतदान किया था। इनमें 31 लाख 52 हजार 763 महिला मतदाता, जबकि 35 लाख 2 हजार 260 पुरुष मतदाता थे। इस चरण में वोटरों के लिए कुल 11 हजार 527 मतदान केंद्र बनाए गए थे।

36 जिलों की मतगणना अपडेट्स:-
रोहतास के कोचस प्रखंड के 14 पंचायत और डिहरी प्रखंड के 13 पंचायतों में मतगणना जारी है।
नालंदा के हरनौत के 16 और सरमेरा के 8 पंचायतों में काउंटिंग हो रही है।
बक्सर में आठवें चरण के चौसा प्रखंड में मतगणना शुरू।
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बिहार: RJD मुख्यालय में लगा छह टन की विशाल 'लालटेन', लालू यादव जल्द करेंगे अनावरण

राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता मुख्यालय में छह टन का विशाल लालटेन का स्टैच्यू लगाया गया है। राजद का चुनाव चिह्न लालटेन का उद्घाटन जल्द ही राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव करेंगे। अनावरण से पहले मुख्यालय परिसर में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। विशाल लालटेन की प्रतिमा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।  प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चारा घोटाला मामले में सीबीआई अदालत में बयान के बाद लालू यादव लालटेन का अनावरण करेंगे। 

आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के मुताबिक लालू प्रसाद यादव कोर्ट में गवाही देने दिल्ली से पटना आ रहे हैं, उन्होंने हमेशा अदालत के निर्देश का पालन किया है।  लालू अदालत में पेश होने के बाद एक या दो दिन पटना में रहेंगे। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की पहल पर बनी लालटेन का अनावरण इस अवसर पर किया जा सकता है। लालू यादव के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि लालटेन स्टैच्यू के अनावरण के मौके पर लालू यादव जाति आधारित जनगणना का मुद्दा भी उठाएंगे। 

जाति आधारित जनगणना का लालू यादव ने किया समर्थन
पिछले दिनों दिल्ली से पटना पहुंचे लालू यादव ने जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया था। बिहार दौरे पर गए लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि 'जब वह सांसद थे, तब उन्होंने लोकसभा में जाति आधारित जनगणना के मसले को उठाया था। उस वक्त अरुण जेटली ने लिखित आश्वासन दिया था और हम इसे लेकर बहुत आशान्वित थे। यह जनसंख्या और आर्थिक स्थिति को समझने के लिए किया जाना चाहिए। बता दें कि बिहार सरकार और विपक्ष दोनों जाति आधारित जनगणना कराने की मांग कर रहे हैं। इस बाबत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर जाति आधारित जनगणना कराने की मांग की थी। 
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बिहार: 20 साल की अनुष्का बनी बिहार की सबसे कम उम्र की मुखिया, 20 साल तक दादा ने संभाली थी पंचायत

राजद कार्यालय में लालटेन का स्टैच्यू
बिहार में पंचायत चुनाव में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है। बड़ी संख्या में महिलाएं पंचायत चुनाव जीतकर जनप्रतिनिधि बन रही हैं।  सातवें चरण के आए चुनाव परिणाम में भी आधी आबादी ने बाजी मारी है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक के चुनाव परिणामों में बिहार की सबसे कम उम्र की मुखिया भी महिला ही चुनी गई हैं। शिवहर जिले की कुशहर पंचायत में 21 साल की अनुष्का मुखिया बनी हैं। अनुष्का के दादा भी 20 साल तक मुखिया रह चुके थे। 


अनुष्का ने बेंगलुरु के प्रतिष्ठित संस्थान से बैचलर की डिग्री हासिल की है। पढ़ाई के बाद वह गांव लौट गई थी। इस बार पंचायत चुनाव में उसने चुनाव लड़ने का फैसला किया और मुखिया पद के लिए नामांकन दाखिल किया। अनुष्का ने अपनी प्रतिद्वंदी रीता देवी को 287 मतों से हरा दिया। अनुष्का की जीत आज पंचायत के अलावा पूरे राज्य में चर्चा का विषय है। अनुष्का के पिता सुनील कुमार सिंह 2011 से 2016 तक जिला पार्षद रहे। वहीं, दादा राजमंगल सिंह 1978 से 2001 तक पंचायत में बतौर मुखिया के रूप में प्रतिनिधित्व किया था।

मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य- अनुष्का
जीत के बाद पंचायत के लोगों का कहना है कि अनुष्का को अपने दादा के द्वारा किए गए कामों का फल मिला है। लोगों ने बताया कि राजमंगल सिंह ने इस पंचायत में कई विकास कार्य करवाए थे। इसमें हाई स्कूल का निर्माण भी शामिल था। वहीं अनुष्का अब अपने दादा के सपनों को साकार करने का एलान किया है। अनुष्का ने बताया कि दादा चाहते थे कि इस पंचायत में मेडिकल कॉलेज बने, जिसके लिए परिवार ने जमीन भी दिया है। मेरी पहली प्राथमिकता इसे बनाना है। इसके अलावा पंचायत को डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। 
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वायरल वीडियो: बहन की ससुराल पहुंचे भाई को ग्रामीणों ने किया अगवा, फिर जबरन करवा दी शादी

बिहार में एक बार फिर पकड़ौआ शादी चर्चा में है। पकड़ौआ शादी का वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित धनुकी गांव निवासी नीतीश कुमार ने पुलिस से इसकी शिकायत की है। उसका आरोप है कि बंदूक के बल पर उसे अगवा कर शादी करा दी गई। विरोध करने पर रातभर बंधक बनाकर मारपीट भी की। वीडियो बिहारशरीफ के मानपुर थाना क्षेत्र के परोहा गांव का बताया जा रहा है। 

नीतीश कुमार ने बताया कि वह 11 नवंबर को छठ का प्रसाद देने के लिए अपनी बहन की ससुराल सरबहदी गांव गया था। वहां से लौटने के दौरान परोहा गांव के पास कुछ लोगों ने बंदूक दिखाकर अगवा कर लिया। एक घर में उसकी जबरन शादी करा दी गयी। एक वीडियो में युवक को धमका रहे कुछ लोग भी दिख रहे हैं।



 
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बिहार: बसों के किराये की नई दरें तय, जानें कितना बढ़ा किराया और कितनी मिलेगी राहत

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बिहार में बसों के किराये की नई दरें तय कर दी गई हैं। परिवहन विभाग ने तीन साल बाद बसों की नई दर तय की है। इससे पहले 2018 में बस की नई दरें लागू की गई थी। विभागीय सचिव संजय कुमार अग्रवाल की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। नई दरों के अनुसार, संबंधित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार 15 दिनों में बसों के बेसिक किराया और प्रति किलोमीटर के अनुसार नया किराया तय करेगा।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बस संचालकों की ओर से लगातार किराये में वृद्धि की मांग की जा रही थी। किराये में इजाफा के लिए विभाग ने पिछले महीने ही प्रारूप जारी किया था। अधिकारी ने लोगों से सुझाव व आपत्ति मांगे थे, लेकिन एक महीने के भीतर न तो कोई सुझाव मिले और न ही किसी ने आपत्ति जताई। इसे देखते हुए विभाग ने छह अक्तूबर 2018 को पारित आदेश को संशोधन करते हुए बिहार में बसों का नया किराया तय किया है।

बसों का सफर हो गया महंगा
परिवहन विभाग ने बसों के किराये में 67 फीसदी तक की वृद्धि की गई है। विभाग ने कहा है कि बसों के शुरू होने से लेकर यात्रा की समाप्ति वाले स्थलों का किराया राज्य व क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार द्वारा तय किया जाएगा।  जिला प्रशासन को कहा गया है कि वह बसों का किराया सभी सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करें। निर्धारित भाड़े की दर अधिकतम है। इस दर से अधिक भाड़ा वसूल नहीं किया जाएगा। हरेक वाहन स्वामी व चालक वाहन में किराये व भाड़े की सूची प्रदर्शित करेंगे। भाड़े का निर्धारण बैठान क्षमता के आधार पर किया गया है। 

लंबी दूरी की बसों में भाड़े की गणना पहले 100 किलोमीटर तक उस श्रेणी के बेसिक भाड़ा दर के आधार पर होगी। जबकि 101 से 250 किमी की दूरी तक में निर्धारित किराये में 20 फीसदी की वृद्धि तो 251 किलोमीटर से अधिक होने पर बेसिक भाड़ा में 30 फीसदी का इजाफा किया जाएगा।  अब सामान्य बसों का किराया न्यूनतम डेढ़ रुपए प्रति किमी होगा। यह पहले 90 पैसे प्रति किमी था। जबकि एसी बसों का अधिकतम किराया 2.50 रुपए प्रति किमी होगा, जो अब तक दो रुपए प्रति किमी था।
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बिहार: शराबबंदी पर सीएम नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक समाप्त, लिए गए कई अहम फैसले

शराबबंदी वाले बिहार में धड़ल्ले से शराब की बिक्री हो रही है। जहरीली शराब पीने से राज्य में बीते एक महीने के भीतर 40 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। शराब से हो रही मौतों के बाद सरकार भी एक्शन की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शराबबंदी को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सात घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में फैसला लिया गया कि 25 नवंबर को सभी सरकारी कर्मी नशामुक्ति के खिलाफ फिर से शपथ लेंगे। गांवों में शराबबंदी को प्रभावी रूप से लागू करने की जिम्मेदारी चौकीदारों को दी गई है। उन्हें गांव में हो रही अवैध गतिविधियों की जानकारी देनी होगी। इसमें असफल रहने पर चौकीदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निर्देश : लापरवाह पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करें
पटना में राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) चैतन्य प्रसाद ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने आज (मंगलवार को) शराबबंदी को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने शराबबंदी को लेकर कार्रवाई नहीं करने वाले थानों के कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

यही फैसला दफादारों को लेकर भी लिया गया है। अगर कोई सरकारी कर्मी शराब के धंधे में लिप्त पाया गया तो उस पर भी गाज गिरेगी। निर्णय लिया गया कि केंद्रीय टीम छापेमारी अभियान चलाएगी। शराब बरामद होने पर सीधे थाना प्रभारी पर कार्रवाई होगी। थाना अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत मिलने पर उन्हें 10 साल तक थानेदारी से वंचित रखा जाएगा।

होम डिलिवरी करने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी। सरकार के कॉल सेंटर पर आने वाली फोन कॉल पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इन सबकी समीक्षा हर दूसरे दिन की जाएगी। 
 
इसी महीने राज्य के तीन जिलों में जहरीली शराब पीने से 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। अकेले बेतिया में शराब पीने से 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि गोपालगंज में 12 से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में आधा दर्जन लोग शिकार हो गए। इन चार जिलों में सबसे अधिक कार्रवाई की गई है। 

इन चार जिलों में ही 19 हजार लीटर से अधिक देसी-विदेशी शराब बरामद की गई है। पुलिस टीम ने 749 छापेमारी की, जिसमें 568 लोगों को गिरफ्तार किया गया । इस दौरान 15,246 लीटर विदेशी शराब, 3435 लीटर देसी शराब, 497 लीटर महुआ चुलाई शराब और 500 लीटर स्प्रिट बरामद किया गया है। पुलिस ने 347 मामले दर्ज किए हैं।

समीक्षा बैठक से पहले बिहार पुलिस शराब व्यापारियों के खिलाफ पकड़ो मुहिम चला रही है। अभी तक 570 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा शराब की अवैध भट्ठियां तोड़ी जा रही हैं  
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पत्रकार हत्याकांड: 'प्रेम प्रसंग के चलते अविनाश की हुई मौत', नर्स समेत छह लोग गिरफ्तार

बिहार के मधुबनी में 22 साल के पत्रकार के सड़क किनारे शव मिलने से सनसनी फैल गई। इधर पुलिस ने इसे प्रेम प्रसंग का मामला बताया है। एक नर्स समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  मृतक अविनाश झा पिछले एक सप्ताह से लापता थे। अविनाश ने पिछले दिनों फर्जी मेडिकल क्लिनिक को लेकर फेसबुक पर पोस्ट लिखी थी। इसके बाद वो लापता थे। 12 नवंबर को उनका शव सड़क किनारे मिला। परिजनों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 

बेनीपट्टी एसडीपीओ अरुण कुमार सिंह ने रविवार शाम मधुबनी में जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा किया। उन्होंने बताया कि अविनाश झा हत्याकांड में अरेर थाना क्षेत्र के अतरौली की पूर्णकला देवी, बेनीपट्टी के रोशन कुमार साह, बिट्टू कुमार पंडित, दीपक कुमार पंडित, पवन कुमार पंडित व मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। सभी से  पूछताछ की जा रही है। हत्या मामले में पुलिस प्रेम प्रसंग और नर्सिंग होम संचालकों की संलिप्तता की जांच कर रही है। 

एसडीपीओ ने बताया कि मामले में पहले पूर्णकला देवी को गिरफ्तार किया गया। वह बेनीपट्टी के एक नर्सिंग होम में नर्स है। मृतक के मोबाइल नंबर की जांच से पता चला कि नौ नवंबर की रात अविनाश झा के लापता होने से पहले पूर्णकला देवी से उसकी अंतिम बार बात हुई थी। पूछताछ में महिला ने बताया कि उस दिन रात करीब सवा दस बजे अविनाश शहर के एक निजी नर्सिंग होम में आए थे। इसी दौरान उससे मुलाकात हुई। दोनों जब वहां से बाहर निकले तो पूर्व से घात लगाए पांच अपराधियों ने अविनाश झा को पकड़ लिया और बेनीपट्टी उच्च विद्यालय रोड की ओर ले गए। बाद में तीसरे दिन 12 नवंबर को अविनाश का शव बरामद हुआ।
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बिहार में पत्रकार की हत्या: मंत्री लेसी सिंह पर हत्या का आरोप, पूर्णिया में परिजनों ने किया हंगामा

बिहार सरकार की मंत्री और धमदाहा विधायक लेसी सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हत्या का आरोप मंत्री लेसी सिंह पर लगा है। मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। लेसी का नाम आते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी सत्ताधारी दल जदयू पर हमलावर है। विश्वजीत सिंह उर्फ रिंटू सिंह के परिजनों ने शनिवार को सरसी थाना के पास शव रखकर प्रदर्शन किया।


विश्वजीत सिंह जिला परिषद् सदस्य अनुलिका सिंह के पति थे और खुद भी जिला परिषद् सदस्य रह चुके थे और राजनीति में सक्रिय थे। इधर नाराज लोगों को शांत कराने पहुंचे एसपी दयाशंकर को भी  विरोध का सामना करना पड़ा। घटना के बाद सरसी थानाध्यक्ष नरेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। 

पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप
मृतक के पिता मनोज सिंह, पत्नी अनुलिका सिंह और मां ने साजिश के तहत हत्या और पुलिस पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। अनुलिका सिंह ने बताया कि उनके पति रिंटू सिंह साल 2015 में भारी बहुमत से जिप सदस्य पद पर जीते थे। 

पत्नी अनुलिका का आरोप है कि पति रिंटू सिंह खुद धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे थे। क्षेत्र में स्थिति मजबूत होने के कारण यह बात विरोधियों को नहीं पची और साजिश के तहत हत्या करा दिया गया। इसमें मंत्री लेसी सिंह व उनके लोग शामिल हैं।

नीतीश पर गरजे तेजस्वी यादव
पत्रकार की हत्या पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि पूर्णिया में पत्रकार और पूर्व जिला परिषद सदस्य की हत्या में नीतीश कुमार की मंत्री लेसी सिंह और उनके भतीजे आरोपी हैं।  एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन जब मृतक के रिश्तेदार लेसी सिंह और उसके भतीजे पर स्पष्ट रूप से आरोप लगा रहे हैं तो राज्य सरकार और उसके मुखिया चुप क्यों हैं?

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